उत्तर प्रदेश दिन पर दिन बढ़ते लव जिहाद के मामले को लेकर योगी सरकार सख्त नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक लव जिहाद के बढ़ते मामले को लेकर सुबे की योगी सरकार चिंतित है लखनऊ मेरठ अलीगढ़ समेत प्रदेश के कई जिलों में बड़ी संख्या में भोली भाली बच्चियों से लेकर महिलाओं तक को धार्मिक पहचान छिपाकर अपने धोखाधड़ी भरे प्रेम जाल में फंसा कर जबरन धर्म परिवर्तन करने के तमाम मामले आने के बाद सुबे की योगी सरकार काफी चिंतित है। इसको लेकर कड़ा रुख भी देखने को मिला है भारत के 8 राज्यों में पहले से ही धर्मांतरण विरोधी कानून लागू है। इस कानून को 1967 में पहली बार लागू करने वाला प्रदेश उड़ीसा बना, इसके बाद इसे मध्य प्रदेश ने अपने यहां लागू किया। जिसके बाद एक-एक कर समय के साथ देश के ओडिशा, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड समेत आठ राज्यों में धर्मांतरण के विरुद्ध कानून लागू किया गया है। अगर उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर अध्यादेश जारी किया गया तो यह देश का नवां राज्य जाएगा।

क्यों जरूरत पड़ रही है धर्मांतरण कानून की

उत्तर प्रदेश में लगातार भोली भाली नाबालिग बच्चों से लेकर महीलओं तक को धर्म की पहचान छिपाकर अपने प्रोपेगेंडा भरी रणनीति के चलते गलत तरीके से फंसा कर धर्म परिवर्तन कराने के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए सूबे की योगी सरकार द्वारा इस फैसले को कठोरता से लागू करने पर विचार किया जा रहा है। बता दे मुस्लिम युवाओं द्वारा लड़कियों को बहला फुसलाकर अश्लील सीडी बनाकर ब्लैकमेल कर बदनाम करने की धमकी देने समेत तमाम तरीकों के प्रोपेगेंडा के साथ जबरन धर्म परिवर्तन कराने के लगातार प्रदेश में मामले बढ़ते जा रहे हैं जब उनकी पोल खुल जाती तो वे मेरठ कांड जैसी हैवानियत को अंजाम दे अपनी करतूत छिपाने की कोशिश करते हैं। ऐसी धोखाधड़ी हैवनियत के मामले मेरठ अलीगढ़ कानपुर में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में धर्मांतरण यानी लव जिहाद के 11 मामलों का एसआईटी का गठन कर जांच किया जा रहा है। लगातार कानून का उल्लंघन करते हुए भोली भाली लड़कियों की जिंदगी को नर्क में डालने वाले ये साजिशकर्ता पहले धर्मांतरण कर लड़की को मजहब से काटते, उसके बाद कोठे से लेकर देह व्यापार के दलदल में धकेल देते हैं धर्म बदलकर दूसरे मजहब में घर की मर्यादा की रेखा फॉदकर जाने वाली लड़कियों के घर वाले भी लोग लाज के भय से साथ नहीं दे पाते इन्हीं तमाम मजबूरियों का फायदा उठाते हुए वैसी घिनौनी मानसिकता के लोग भोली भाली बच्चियों की जिंदगी को दलदल में धकेलने का अनैतिक कार्य कर रहे हैं।

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