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राष्ट्रीय- हमारे देश के नेताओं की मानसिकता को आखिर हो क्या गया। यह समझ से परे है ताजा मामला समझने से पहले आप इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री शिव कुमार डहरिया का शर्मनाक बयान सुनते हुए पूरे मामले को समझने

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की कोशिश करिए, शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वाड्रफनगर इलाके में नाबालिक बच्ची को नशे की गोलियां खिलाकर सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया गया बच्ची ने चाइल्डलाइन को दिए बयान में दुष्कर्म की बात बताई जिसके आधार पर मामला पंजीकृत कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया घटना के बाद से बच्ची की हालत सामान्य नहीं है। इस गैंगरेप केस को लेकर छत्तीसगढ़ बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने ट्वीट किया

जिसके बाद शनिवार को रायपुर की कांग्रेस दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ने बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले पर सवाल किए जाने पर छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री शिवकुमार डहरिया अपने यहां हुई गैंगरेप की घटना को छोटी बताते हुए कहां ” कि यहां की घटना उस तरह की घटना नहीं है जैसी यूपी के बलरामपुर में हुई हमारे यहां जो हुई वह ऐसी घटना नहीं है उन्होंने आगे कहा पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह और भारतीय जनता पार्टी हाथरस पर क्यों क्यूट नहीं कर रहे क्या वहां जो हुआ वह अच्छा हुआ इसके आगे मंत्री साहब विवाहित बोल बोलते हुए कहां की हमारे यहां’ कोई छोटी घटना हो गई’ छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में…….

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वो सिर्फ छत्तीसगढ़ सरकार की आलोचना के सिवाय कुछ काम नहीं कर रहे मंत्री साहब ने आगे कहा कि इतनी बड़ी घटना हो गई हाथरस में भारतीय जनता पार्टी और रमन सिंह की जुबान क्यों नहीं खुलती है कुछ तो उनको इस विषय में भी बोलना चाहिए…..

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सबसे बड़ा सवाल क्या गैंगरेप की घटना छोटी बड़ी होती है?
देश के राजनेताओं की मानसिकता को आखिर हो क्या गया ?
किसी बेटी के साथ दरिंदगी में भी ये राजनीत खोज लेते हैं आखिर क्यों ?
छत्तीसगढ़ कांग्रेसी मंत्री ने विवादित बोल बोलते हुए छत्तीसगढ़ में नाबालिग के साथ हुई दरिंदगी मामले को छोटी करा दे, हैवानियत को बढ़ाने का काम क्या नहीं किया ?
गैंगरेप गैंगरेप होते हैं, गैंगरेप के छोटे बड़े प्रकार नहीं होती उन पर राजनीति करना घिनौनी मानसिकता को दिखाता है ऐसी घिनौनी मानसिकता वालों पर कार्रवाई आखिर कब ?

क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ प्रदेश के बलरामपुर जिले में कुछ दिन पहले नाबालिक बच्ची के साथ नशीली गोलियां खिलाकर गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया जिसके बाद बच्ची का इलाज कराया गया बच्ची चाइल्डलाइन को दिए बयान में कुछ होश आने पर काउंसलिंग के बाद पूरी विधि की वारदात बयां की इसके बाद आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़ मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया एक जयप्रकाश नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया दूसरी गिरफ्तारी पारित कराने के बाद घनश्याम नाम के आरोपी की की गई इस सामूहिक बलात्कार के केस को लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती वाले दिन भाजपा ने वाड्राफनगर पुलिस चौकी के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए गांधी जयंती मनाई। बीजेपी के मुताबिक पुलिस ने पीड़िता के परिजनों से कहा कि आप आरोपियों को बुलाओ हम भी प्रयास कर रहे हैं वहीं बीजेपी ने मेडिकल जांच में लेटलतीफी का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार को ₹1000000 मुआवजा दिए जाने की मांग की है। जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने पूरी दरिंदगी की वारदात को ट्विटर पर ट्वीट किया जिसके बाद सफाई देने के लिए रायपुर प्रेस क्लब में कांग्रेसी मंत्री साहब आने के बाद रेप की घटना की तुलना करते हुए अपनी घटिया मानसिकता का परिचय दिया। या फिर सरल शब्दों में कहें तो एक घटना को छिपाने के लिए गैंगरेप की घटना का तुलनात्मक अध्ययन कर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश की साहब को यह नहीं मालूम दरिंदगी दरिंदगी होती है कोई छोटी बड़ी नहीं होती, ऐसी दरिंदगी घटना देश के किसी भी हिस्से में कभी भी क्यों ना हो वह अपराध होता है ऐसी वारदातों को रोकने के लिए तत्परता से कार्रवाई किए जाने की जरूरत है किसी मामले को छोटा करार दे अपराधियों के हौसले बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है।

ऐसी घटिया मानसिकता के साथ राजनीति करने वाले लोगों को चुनने से पहले जनता को भी उनकी मानसिकता पर गौर करना चाहिए था हो सकता है चुनाव के वक्त बड़े बड़े वादे आदर्श दिखाकर यह कोट चुके हो लेकिन ऐसी मानसिकता वालों को चुनने से पहले हमें ऐसी सोच वाले लोगों से दूरी बनाने की जरूरत है अन्यथा समाज उस गड्ढे में जाएगा जिसके बारे में हम सोच भी नहीं सकते मेरा कहने का तात्पर्य कुछ साफ है ऐसी मानसिकता के व्यक्ति किसी भी दल का क्यों ना हो हमें ऐसी मानसिकता वाले लोगों से दूरी बनाने की जरूरत है, ऐसी मानसिकता वालों पर कार्रवाई आखिर कब होगी ?

ऐसी मानसिकता के बीच उत्तर प्रदेश से बीजेपी के विधायक की घटिया सोच सामने आई है जिसमें वह कह रहे हैं कि हमें बच्चियों को संस्कार सिखाने की जरूरत है, अपनी सोच को बता दे लेकिन यह भूल गए कि दुष्कर्म की घटना बच्चियों के साथ जबरन कियी जाती है। उसमें संस्कार या बच्ची की गलती की क्या गुंजाइश है।
हाथरस के आरोपियों का सिर कलम करने वाले को हमारा समाज 1 करोड़ देगा, कांग्रेस नेता निज़ाम मलिक का ऐलान, यह कांग्रेसी नेता निजाम मलिक तो कानून संविधान की धज्जियां उड़ाने पर उतारू है जब राजनेता ऐसी होती हरकत करना शुरू कर देंगे तब अपराधी और नेताओं में क्या फर्क रह जाएगा खैर इन पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है और शायद…..

बेशक अपराधियों को फांसी की सजा दी ही जाएगी भारत का एक अपना संविधान है संविधान इस तरीके से पूरी कानूनी प्रक्रिया के साथ अपराधियों को फंदे तक पहुंचाया जाए हमारी न्याय व्यवस्था का प्रथम कर्तव्य है कोई भी निर्दोष सजा ना पाए, हर आरोपी को एक मौका अवश्य दिया जाए अगर वह निर्दोष है तो साबित करें।

“हर आरोपी, अपराधी नहीं होता, कुछ संदेह साजिश की भेंट भी चढ़ जाते हैं” उदाहरण बहुत है खोज कर दी थी कानून का काम है अपराधी को सजा देना हम उसे कानून तक पहुंचाएंगे भारत एक संवैधानिक व लोकतांत्रिक देश हैं, यह तालिबानी सोच की कोई जरूरत नहीं है। सबूत कानून को दिए जाएंगे कानून अपना काम करते हुए हर अपराधी को उसके अंजाम तक पहुंच जाएगा।

जयहिंद……………………….जयहिंद…..जय भारत

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