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उत्तर प्रदेश कोरोनावायरस को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा दिन प्रतिदिन जांच बढ़ाकर कानून व्यवस्था के साथ ही स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के लगातार कदम उठाने के बावजूद प्रदेश की स्थिति दिन प्रतिदिन बदहाल होने की ओर बढ़ रही है सब से बदहाल स्थिति राजधानी लखनऊ की है जहां आंकड़े पिछले 24 घंटे में शुक्रवार शाम तक 1181 नए मामले दर्ज किए गए हैं अगर पूरे उत्तर प्रदेश की बात की जाए तो 7103 नए मामले दर्ज किए गए हैं जबकि 5936 रोगियों का अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है प्रदेश में राजधानी लखनऊ के बाद दूसरे नंबर पर कानपुर नगर है जहां 24 घंटे में 413 नए मामले दर्ज किए गए हैं जहां 388 नए मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है। पूरे प्रदेश के आंकड़े समझने के लिए कृपया नीचे प्रशासन की सूची देखें।

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वहीं उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लेकर ग्रामसभा तक कोरोना वायरस महामारी काल को भ्रष्टाचारियों द्वारा अवसर बनाकर 58 हजार से ज्यादा ग्राम सभाओं में कीट खरीद को लेकर भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। इस मामले को लेकर भारत समाचार के संपादक बृजेश मिश्रा (सर) ने ट्वीट कर लिखा –“उत्तर प्रदेश में कोरोना किट की खरीद में भयानक घोटाले की खबरें लगातार आ रही हैं। इस महामारी में जब जनता भारी मुसीबत में है तब किया गया घोटाला अक्षम्य है। 58 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में हुई खरीद में भयानक भ्रष्टाचार हुआ है। इतनी FIR लिखनी पड़ेंगी की थाने के रजिस्टर भर जाएंगे।”

बता दे कोरोना काल में सुल्तानपुर गाजीपुर समेत कई जिले के जिला स्वास्थ्य अधिकारी को सस्पेंड किया जा चुका है।, इस पूरे भ्रष्टाचार के केस में यूपी सरकार सख्त तेवर अपनाते हुए जांच करवा रही है जिसके दायरे में कई जिले के सीएमओ समेत डीएम आते नजर रहे हैं। सुल्तानपुर के जिला स्वास्थ्य अधिकारी से लेकर डीएम तक इसके लपेटे में आ गई है। इसके चलते स्वास्थ्य अधिकारी को सस्पेंड किया गया है जबकि जिला अधिकारी को प्रतीक्षारत किए जाने की पुख्ता खबर है।

(ट्वीट क्रेडिट भारत समाचार के संपादक बृजेश मिश्रा सर)

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