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उत्तर प्रदेश कानपुर में लव जिहाद के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे 15 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं ताजा मामला चौंकाने वाला कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र का है जहां एक मुस्लिम समुदाय के युवक ने नाम बदलकर पीड़िता के भाई से दोस्ती कर दोस्ती में दगा बाजी करते हुए उसकी बहन को अपनी बनाकर उसका यौन शोषण कर धर्मांतरण का दबाव बनाता रहा। पूरे मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। ऐसे वहशी दरिंदे लगातार नाम भेष बदल कर दगाबाजी करते हुए हिंदू लड़कियों को फंसा कर उनका यौन शोषण कर बदनामी के डर से धर्म परिवर्तन करा कर अपने जाल में फंसा खुलासा होने पर मेरठ कांड की तर्ज पर पीड़िता की हत्या करने से भी गुरेज नहीं करते हैं नीचे समझे ये पूरा मामला आखिर है क्या!

क्या है पूरा मामला

मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के नौबस्ता थाना क्षेत्र के हंसपुरम इलाके का है जहां एक शादीशुदा महिला का भाई ऑटो चलाने का काम करता है उसी रोड पर ऑटो रिक्शा चलाने वाले एक मुस्लिम युवक ने उसकी बहन पर बुरी नजर रखते हुए पहले तो पीड़िता के भाई से दोस्ती की फिर घर आने जाने लगा वह उसी रोड पर ऑटो रिक्शा चलाने का काम करता है। उसने युवक से अपना हिंदू नाम बता कर यानी मजहब छिपाकर दोस्ती की उसके बाद घनिष्ट मित्रता कर पूरे कारनामे को अंजाम देने लगा, आरोपी ने पैर छूते हुए दोस्त की बहन को अपनी बहन बना बहन का संबोधन करते हुए बार-बार बहन बना, रिश्ते को शर्मसार करने वाला कारनामा अंजाम दिया। उसने धीरे-धीरे पीड़ित की बहन से बातचीत करते हुए अपने प्रेम जाल में फंसा दोस्त के पीठ में छुरा भोंकने का काम कर यौन शोषण कर वीडियो बनाने लगा उसने लड़की को अपना हिंदू नाम बता कर प्रेम जाल में फंसा पूरी घटना को अंजाम दिया, पीड़िता का वीडियो बनाने के बाद आरोपी बदनाम करने की धमकी दे धर्मांतरण का दबाव बनाने लगा। जब पीड़िता को दरिंदे की सच्चाई पता चली तो उसके पैर के नीचे से जमीन खिसक गई। पीड़िता धर्म परिवर्तन की धमकी के बावजूद परिजनों से पूरी बात छिपाए रखी बुधवार को आरोपी महिला को लेकर कहीं जा रहा था। तभी पीड़ित के परिजनों ने उसे देख संदेह होने पर पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर थाने ले गए। जहां पूछताछ में युवक की कलाई खुल उसने पुलिस से सच बताते हुए अपने मुस्लिम समुदाय का होने की पुष्टि की। बता दे आरोपी लगातार हिंदू नाम बता कर पीड़िता के घर आता जाता रहता था। पूरे मामले में पीड़ित परिवार सामाजिक बहिष्कार लोक लाज समाज की विडंबना से परेशान हो थाने में कोई एफआईआर नहीं दर्ज करवाई है। क्योंकि उसके चलते उसकी बेज्जती हो सकती है।अत: पीड़ित द्वारा दोस्ती में दगा दे पीठ में छुरा भोंकने वाले आरोपी के खिलाफ कोई कार्यवाही ना करने की वजह से आरोपी को छोड़ दिया गया है।

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