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सहारनपुर विद्यालय में फर्नीचर घोटाले में तीन के खिलाफ सदर बाजार थाने में तहरीर दर्ज की गई पुलिस दो को हिरासत में लेकर पूरे मामले की पूछताछ कर रही है।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में बेसिक शिक्षा विभाग में फर्नीचर घोटाले को लेकर 3 लोगों के खिलाफ के सदर थाना में तहरीर दी गई। पुलिस दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूरे मामले की पूछताछ कर रही है। पूरा मामला नगर पंचायत संसाधन केंद्रों पर लकड़ी की दस- दस बेंच ₹ अस्सी- अस्सी हजार रुपए में बनी थी। वही 1 ग्राम पंचायत में वही 80,000 वाली बेंच मात्र ₹8000 लागत की बनी थी। पूरे मामले में प्रति केंद्र करीब ₹60000 से अधिक के घोटाले को लेकर बीजेपी नेता ने घोटाले की जांच के लिए कमिश्नर को उपरोक्त पत्र लिखा था। जिसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेन्द्र कुमार सिंह ने पुवांरका के एक दर्जन विद्यालयों का औचक निरीक्षण करने के दौरान फर्नीचर की गुणवत्ता भी खराब पाई थी। इस संबंध में उन्होंने प्रधानाध्यापकों को स्पष्टीकरण देने के निर्देश जारी किए प्रधानाध्यापकों ने बीएसए को बताया था। कि फर्नीचर गाड़ियों के द्वारा विद्यालय पहुंचाया गया था। ड्राइवर ने जिला समन्वयक निर्माण विजेंद्र से बात कराई थी विजेंद्र पर आरोप लगा था कि उन्होंने विभाग की ओर से फर्नीचर भेजे जाने की बात कहते हुए भुगतान के लिए दबाव बनाया पूरे मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा रविवार 20 सितंबर को विजयंत को नोटिस जारी करते हुए 22 सितंबर तक स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गये थे विजयंत ने 21 सितंबर सोमवार को पूरे मामले का स्पष्टीकरण बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजा था जिसमें विजयन द्वारा कुछ लोगों साधारण फंसाने का आरोप लगाया था बता दे कि सहारनपुर में स्कूलों में फर्नीचर खरीद घोटाले की शिकायत भाजपा के सहकारी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रामपाल सिंह पुंडीर ने कमिश्नर को पत्र लिखकर सवाल उठाते हुए की थी उनके मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी कि पूरे मामले में भूमिका संदिग्ध है पूरे मामले में समन्वयक इतने बड़े घोटाले का जिम्मेदार नहीं हो सकता फर्नीचर घोटाला करने में प्रदेश कुल 80 ₹80000 भिजवाए गए चुनी हुई चुनिंदा फिल्मों के जरिए ही फर्नीचर क्यों खरीद वाया गया टेंडर की प्रक्रिया जारी कर फर्नीचर की खरीद क्यों नहीं की गई इस पूरे मामले में ऊपर से नीचे तक के मानिटरिंग अधिकारी की देखरेख में घोटाले को अंजाम दिए जाने की संभावना है किसी भी अफसर द्वारा सही से मानिटरिंग नहीं की गई।

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