loading...

मेरठ ₹3500 करोड की बाइक बोट घोटाले में मेरठ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नोबल कोऑपरेटिव बैंक के सीईओ विजय शर्मा को गुरुवार को उनके नोएडा के सेक्टर १०० स्थित बी ४५ मकान से गिरफ्तार कर लिया है। विजय ने वर्ष 2003 में नोबल कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना की थी जिसकी चार जिलों में कुल मिलाकर 8 शाखाएं खोली गई थी। जिसकी चार शाखा नोएडा में है इस कंपनी में विजय का एक बेटा गोविंद भारद्वाज को बैंक का लीगल एडवाइजर व पर्सनल सेक्रेटरी बनाया गया, कोई दूसरी बेटी राघव भारद्वाज को बैंक का डिप्टी सीईओ बनाया गया साल 2018 में बाइक बोट कंपनी मालिक संजय भाटी व गजेंद्र सिंह हुड्डा ने बिना केवाईसी की शर्तों को पूरा किए इस कॉपरेटिव बैंक में खाते खुलवाए। जीआईपीएल कंपनी में निवेशकों का ₹70 करोड आया जिसे विजय शर्मा ने सांठगांठ करके अपनी कंपनी में फर्जी तरीके से लगा लिया। फर्जी तरीके से भ्रष्टाचार में लिप्त इस बैंक के एकाएक बाइक बोट कंपनी से संपर्क में आने के बाद एकाएक भाग्य खुल गए, भ्रष्टाचार में लिप्त बैंक में दो करोड़ 1000000 का लोन विजय शर्मा ने विजय हुडा की कंपनी पीटीपीएल समेत कई कंपनियों को दिलवाया दूसरी तरफ बाइक बोट कंपनी के निवेशकों को जब पैसा मिलना बंद हो गया। तो वह पैसे के लिए जगह-जगह पर हंगामा शुरू करने लगे। जिसके बाद जानबूझकर निवेशकों को शांत कराने के लिए सीओ विजय शर्मा ने 261000 फर्जी चेक छपवा कर निवेशकों को अग्रिम तारीख की डेट डाल कर दे दिए। जो कि बाद में सभी के सभी बाउंस हो गए। यह सब सांठगांठ प्लानिंग करने के बाद मिलीभगत से दिए गए थे। सभी जारी करने वालों को मालूम था कि इन चेकों का कोई मूल्य नहीं है सिवाय कागज के टुकड़े। निवेशकों के साथ इस माध्यम से बड़ी धोखाधड़ी की गई। पूरे मामले में पूरी प्लानिंग से यह साथ सीओ विजय शर्मा संजय भाटी व बिजेंद्र हुड्डा जो कि बाइक बोट के कंपनी के डायरेक्टर थे। ने बिना शर्तों को पूरा की नोबेल बैंक में खाता खुला कर कैश काउंटिंग मशीन रख नोएडा दफ्तर में बिना सिग्नेचर के कई पार्टियों को नगद भुगतान किया। जिसके बाद एकाएक लेनदेन बढ़ गया बैंक में खोले जीआईपीएल बैंक खातों के जरिए 70 करोड़ के निवेश को सीओ विजय शर्मा ने अपनी कंपनी में खपा दिया।

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here