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गुरुवार की रात दिल्ली के सिंधु बॉर्डर पर आंदोलनकारियों के मुख्य मंच के पास एक 35 वर्षीय युवक का हाथ पैर काट कर दरिंदगी के साथ हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है जानकारी के मुताबिक हरियाणा के सोनीपत स्थित सिंधु बॉर्डर पर निहंगों ने एक युवक को पकड़कर बर्बर तालिबानी तरीके से हाथ पैर काटकर बेरहमी के साथ तड़पा-तड़पाकर लोहे के एक बैरिकेडिंग पर फंदे से बंधकर उसकी लाश को टांग दिया। बगल में उसका कटा हुआ हाथ का पंजा और पैर पड़ हुआ मिला है। प्रथम दृश्य देखने से ही युवक के साथ कितनी हैवानियत की गई है।

यह वीडियो साफ कर देते है इस दरिंदगी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आ चुका है वीडियो में युवक की निर्मम हत्या करने वाले निहंगों कबूल नामा भी सामने आया है उन्होंने आरोप लगाया है कि युवक ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेज्जती की जिसके कारण फौज ने इसका हाथ और टांग काट दिया है वीडियो में बखूबी देख सकते हैं एक निहंग कह रहा है मारा गया युवक श्री गुरु ग्रंथ साहिब को उठाकर भागने लगा तो सेवादारों ने उसे पकड़ लिया (मारा गया) युवक भी निहंग के भेष में था लेकिन जब उसके कपड़े उतारे गए तो उसके सिर पर केस नहीं थे और उसने कछहरा पहना हुआ था उन्होंने उससे पूछताछ की जब युवक ने कुछ भी नहीं बताया तो पहले उसकी बाजू (हाथ) काटा गया फिर उसकी टांग काटी गई जिसके बाद उसकी तड़प तड़प कर मौत हो गई।

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इस मामले से संबंधित कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं एक वीडियो में देख सकते हैं किस प्रकार खून से लथपथ युवक को इलाज के लिए ले जाने के बजाय उससे पूछताछ करते हुए लोग नजर आ रहे हैं। ये किसी भी सूरत में कट्टरपंथी विचारधारा के दरिंदे इंसान तो नजर नहीं आ रहे हैं उनकी नजरों में इंसानियत यानी इंसान की कोई कीमत नहीं है युवक के हाथ पैर काटने के बाद दर्द में तड़प रहे इंसान से यह कबूल करवा रहे हैं कि तूने करतूत की है। दर्द से तड़पता हुआ युवक कहता है कि सच्चे पातशाह गुरु तेग बहादुर मेरा बध करने की आज्ञा बक्से और मुझे अपने चरणों में स्थान दे। में कबूल करता हूं निहंगों ने मेरा हाथ काटा है। इसके बाद वहां मौजूद लोग पूछते हैं अपना नाम भी बता कहां से आया है किसने भेजा है और तूने यह क्या किया है दर्द में तड़प रहे युवक का दूसरा वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें दरिंदों के आगे बेबस नजर आते हुई वह कह रहा है सिर कलम कर दिया जाए ताकि उसे दर्द से निजात मिले। वहां मौजूद निहंग उसे कहते हैं तू तड़प तड़प कर मरेगा। दरिंदगी का वीडियो दूसरे निहंग बनाते हुए कहते हैं साजिश के तहत युवक को भेजा गया है।

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शुक्रवार की सुबह लोहे के बने वेरीकेट से लटका हुआ युवक का हाथ पैर कटा शव मिलने के बाद सिंधु बॉर्डर पर हंगामा शुरू हो गया शुरुआत में तो आंदोलनकारी पुलिस को भी मुख्य मंच तक नहीं पहुंचने दे रहे थे कुछ समय बाद कुंडली थाने की पुलिस ने पहुंचकर बैरिकेट से युवक के शव को उतार का सिविल हॉस्पिटल ले गए। बता दें पंजाब के तरनतारन के रहने वाले 35 वर्षीय लखबीर सिंह मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते थे उनके तीन बेटियां हैं जिन्हें सिंधु बॉर्डर पर मार कर लटका दिया गया है पूरे मामले में कुंडली थाने पर एफ आई आर दर्ज कर दी गई है लेकिन किसी भी आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं की रही है।

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कौन होते हैं निहंग…?

सिख समुदाय में हथियार रखने वाले इस विशेष तबके को ‘निहंग’ कहा जाता है। ये योद्धाओं के रूप में विख्यात हैं। इनका इतिहास बहादुरी से भरा पड़ा है। लेकिन दिल्ली की 26 जनवरी हिंसा और अब सिंघु बॉर्डर पर कत्लेआम बाद से इन्हें दूसरी निगाह से देखे जाने लगा है।

आज की तालिबानी हरकत से इन्होंने मानवता के साथ इंसानियत को शर्मसार करने वाली हरकत की है ऐसी तालिबानी सोच रखने वाले दरिंदों को भारतीय संविधान के मुताबिक तत्काल सजा देने की जरूरत है ताकि ऐसी तालिबानी सोच पर तत्काल लगाम लगाया जा सके, भारत संविधान से चलने वाला लोकतांत्रिक देश है। किसी को किसी भी स्थिति में कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है अगर कोई कानून को हाथ में लेता है तो उस पर तत्काल कार्यवाही की जरूरत है। इस मे भी राजनीतिक समीकरण भी खोलते हुए नजर आ रहे हैं क्योंकि अप्रैल 2022 में उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

बता दे राजधानी दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तीन अलग-अलग सीमाओं पर 9 महीने से ज्यादा समय से तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी के लिए किसान आंदोलनरत है सरकार और किसानों के बीच कई राउंड की बातचीत होने के बावजूद मामला बेनतीजा रहा है किसान कह रहे हैं किसानों को बर्बाद करने वाले इन तीनों काले कृषि कानूनों को वापस लिया जाना चाहिए। जब तक सरकार इन काले कानूनों को वापस नहीं ले लेती। वह पीछे नहीं हटेंगे वहीं दूसरी तरफ सरकार ने भी रुख साफ कर दिया है कि किसी भी कीमत पर वो कृषि कानूनों को वापस लेने वाली नहीं है पूर्ण बहुमत यानी सत्ता के अहंकार के मद में चूर सरकार और कृषि कानूनों को वापस लेने की मांगों को लेकर धरने पर बैठे किसानों के बीच लंबे समय से बयानबाजी जारी है आगामी उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में इसका व्यापक असर पड़ता हुआ दिख रहा है किसान आंदोलन सैकड़ों किसानों की अब तक मौत हो चुकी है हाल ही में लखीमपुर खीरी में मंत्री के बेटे ने थार गाड़ी चला कर किसानों को कुचल दिया था। उस मामले सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कार्यवाही जारी है अभी तक किसी भी मामले में कोई पुख्ता कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। चाहे वह लखीमपुर खीरी हत्याकांड हो या टिकरी बॉर्डर हत्या कांड।

निहंगों की दरिंदगी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

इस मामले से संबंधित कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं एक वीडियो में अब्बा को भी देख सकते हैं किस प्रकार खून से लथपथ युवक कोई इलाज के लिए ले जाने की बजाय उससे पूछताछ करते हुए नजर आ रहे हैं यह किसी भी सूरत में कट्टरपंथी विचारधारा के दरिंदे इंसान तो नजर नहीं आ रहे हैं उनकी नजरों में इंसानियत इंसान की कोई कीमत नहीं है युवक के हाथ पैर काटने के बाद दर्द में तड़प रहे इंसान से यह कबूल करवा रहे हैं कि तूने क्या करतूत की है। दर्द से तड़पता हुआ युवक कहता है कि सच्चे पातशाह गुरु तेग बहादुर नियम को को मेरा बंद करने की आज्ञा बक्से और मुझे अपने चरणों में स्थान दे में कबूल करता हूं नियमों ने मेरा हाथ काटा है इसके बाद वहां मौजूद लोग पूछते हैं अपना नाम भी बता कहां से आया है किसने भेजा है और तूने यह क्या करती है दर्द में तड़प रहा युवक दूसरा वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें दरिंदों के आगे वह कह रहा है सिर कलम कर दिया जाए ताकि उसे दर्द से निजात मिले वहां मौजूद निहंग उसे कहते हैं तो तड़प तड़प कर मरेगा। यंग की दरिंदगी का वीडियो दूसरे निहंग बनाते हुए कहते हैं साजिश के तहत युवक को भेजा गया है।शुक्रवार की सुबह लोहे के बने वेरीकेट से लटका हुआ युवक का हाथ पैर कटा शव मिलने के बाद सिंधु बॉर्डर पर हंगामा शुरू हो गया शुरुआत में तो आंदोलनकारी पुलिस को भी मुख्य मंच तक नहीं पहुंचने दे रहे थे कुछ समय बाद कुंडली थाने की पुलिस ने पहुंचकर बैरिकेट से युवक के शव को उतार का सिविल हॉस्पिटल ले गए बता दें पंजाब के तरनतारन के रहने वाले 35 वर्षीय लखबीर सिंह सिंधु बॉर्डर पर गुरु ग्रंथ साहिब जो के सिक्कों का पवित्र धर्म ग्रंथ है का अपमान करने का आरोप लगाकर अपना अब अपनी तीन बेटियों का पेट पालने वाले लखबीर सिंह की निर्मम हत्या कर दी है। और दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तक दरिंदे आजाद है जिन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई हैं।

क्रेडिट- पत्रकार सचिन गुप्ता के ट्वीट के साथ विशाल गुप्ता की रिपोर्ट

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