उत्तर प्रदेश- यह वाक्या रामराज्य का दावा करने वाले उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का है यहां एक अपराधी को घर में छुपाने का आरोप लगाकर मां के ब्रह्मभोज की तैयारी कर रहे सेना के रिटायर्ड जवान समेत नौ लोगों को नगसर पुलिस गांव में मारने पीटने के बाद अपने साथ नूरपुर गांव से थाने ले जाकर आरोप के मुताबिक ब्राह्मण होने के चलते दलित थाना अध्यक्ष ने लॉकअप में डालकर बर्बर पिटाई की जिसके जख्म आपको वीडियो में पूरी तरीके से दिख जाएंगे

आप देख सकते हैं कि किस तरह बर्बर पिटाई के बाद रिटायर फौजी का शरीर नीला पड़ गया है।

पीड़ित परिवार ने बताया कि उनके साथ एक विशेष वर्ग होने के चलते यादव व्यवहार किया गया पुलिस की इस बर्बरता के कारण हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण संस्कार श्राद्ध भी नहीं हो पाया क्या याद करना उत्तर प्रदेश में कोई जुर्म है वही पीड़ित ने इस पूरे अत्याचार पर शिकायती पत्र लिखकर जिले के एसपी से न्याय की गुहार लगाई है।

वीडियो देखकर आप साफ अनुमान लगा सकते हैं कि यह मंजर कितना भयवहा रहा होगा। क्या कानून संविधान ऐसे बर्ताव की इजाजत देता है ? वीडियो आप देख चुके होंगे अब आप पीड़ित की तहरीर तहरीर खुद पढ़ ले।

बताने की ज्यादा जरूरत ही नहीं तस्वीरें खुद स्थिति को बयां कर रही है ना चाहते हुए भी ऐसी तस्वीरों को लगाना पड़ रहा है सवाल उठता है इस जातिवादी मानसिकता बदल दहला देने वाली खबर के बीच देश की सेवा में तैनात फौजी ने मां के श्राद्ध करने की तैयारी करने का कौन सा बुरा कार्य कर दिया था। क्या मां का श्राद्ध करने कोई कानूनी अपराध है दूसरी बात पुलिस अपनी थ्योरी में बता रही है कि आरोपी ने अपराधी को छुपाया तो पुलिस आज तक उस अपराधी को क्यों नहीं बरामद कर सकी। पुलिस का कहना है कि परिवार झूठ बोल रहा है मान भी ले पीड़ित परिवार अगर झूठ बोल रहा है तब यह तस्वीरें और मारपीट चीजें कहां से आई वही गाजीपुर पुलिस का दूसरा तर्क है कि मुजरिम छिपाने के बारे में पूछताछ करने पर हाथापाई की गई इस बात को भी अगर एक तरफ रखा जाए तो पुलिस की थ्योरी के अनुसार वह तीन घायल पुलिसकर्मी अभी तक क्यों सामने नहीं आए हैं। फिलहाल सामान भी घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से उबाल देखने को मिल रहा है चारों तरफ लोग निंदा करते हुए सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।

अब बात करते हैं पीड़ित परिवार के आरोपों की

पीड़ित परिवार ने बताया मां के श्राद्ध करने की तैयारी कर रहे थे इसके बाद आई पुलिस ने मार पीट-पीटकर चमड़ी उदल दी। वही मारपीट करते हुए पुलिसकर्मियों ने घर में घुसकर सभी सामान को मारपीट करते हुए तोड़ने लगे पीड़ितों की चीज सुनकर गांव वाले इकट्ठा हो गए तो पुलिसकर्मियों ने तत्काल पीड़ितों को गाड़ी में भर कर थाने ले जाकर उनके साथ मानवता को शर्मसार कर देने वाली हद पार करते हुए कार्रवाई कर रात भर थाने में पीटा पीड़ित ने बताया कि पुकारते पर उनके मुंह में मुख्य बीमारी गए पिटाई के दौरान दर्द से वरुण चिल्लाने लगे और उनके मुख से राम राम निकलने लगा तब थाना प्रभारी और भड़क गया उसने उनके मुंह में जूता भरते हुए कहा राम-राम नहीं भीम भीम बोल मैं तुम ठाकुर जैसों को सबक सिखाने के लिए पुलिस में भर्ती हुआ हूं इस जातिवादी मानसिकता से पुलिस वालों का दिल नहीं पसीजा उन्होंने कहा चल तुम सालों को झूठे मुकदमे में फंसा कर जेल में डालते हैं 9 बुरी तरह घायल लोगों को जेल भेज दिया गया।

क्या है पूरा मामला

बता दे पीड़ित की बड़ी माता श्री देवी का 15 जुलाई के दिन निधन हो गया जिसके बाद 27 जुलाई को उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना था इसी दौरान पीड़ित के सगे संबंधी नौकरी पैसे में लगे हुए परिवार वाले 26 जुलाई की शाम को इकट्ठा होकर तैयारियों के साथ भोजन की व्यवस्था की प्लानिंग करने लगे उसी समय सादी वर्दी में आए थाना प्रभारी रमेश कुमार उनके साथ विनोद यादव कृष्ण यादव सूरज बिंद रामकेश बाबा उनके छह अन्य सहयोगी आरोप के मुताबिक जिसके बाद थाना प्रभारी ने पीड़ित परिवार का झूठा आरोप मरते हुए गालियां देना शुरू किया माद%#चो%₹# तुम सभी लोगों ने घर में चिंटू पांडे को छुपा कर रखे हो, इन बदतमीजी बघारी भरे लफ्जों के बाद परिवार वालों ने कहा सबसे पहले तमीज से बात करो कितने पड़ी थाना प्रभारी ने लहराते हुए अपने अन्य साथियों के साथ का तुम साले अधिकारी ब्राह्मणों आज तुम्हारी मां बहन को एक कर हड्डियां तोड़ दूंगा उसके बाद अन्य सभी मौजूद साथियों समय लाठी डंडा बंधु के गुंडों से मारपीट शुरू कर लोगों के इकट्ठा होने पर थाने उठा ले गए जिसके बाद पीड़ित तो को रात भर मानवी यातनाएं देने के बाद जेल भेज दिया।

पूरी घटना के बाद जानकारी के मुताबिक अभी तक किसी भी आरोपी पर पुख्ता कार्यवाही नहीं की गई है।

पूरे मामले में सोशल मीडिया पर फजीहत होने के बाद दबाव बढ़ा तब गाज़ीपुर एसपी ने लाइन हाजिर किया।

एसपी ने कहा है कि इस मामले में सीओ और एसडीएम की संयुक्त टीम द्वारा पूरे मामले की जांच कराकर दोषी पाए गए सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मानवता ?
संविधान ?
कानूनी अधिकार ?
सख्त कार्रवाई‌ ?

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