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राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र के वृंदावन सेक्टर 14 बरौली क्रॉसिंग के पास दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर पूर्व हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या से हड़कंप मृतक के पास से सचिवालय में नौकरी लगवाने समेत दस्तावेज व एक फर्जी पत्रकार का आईडी कार्ड बरामद, प्रथम दृष्टि फर्जी मार्कशीट रैकेट से जुड़े हैं आरोपी व मृतक के तार पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों के मध्य विवाद के बाद गोली मारकर हुई है हत्या।उत्तर प्रदेश में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे राजधानी में बेखौफ बदमाशों ने फिर कहर बरपाया इस बार निशाने पर पीजीआई थाना क्षेत्र के वृंदावन सेक्टर 14 में प्रापर्टी डीलर दुर्गेश यादव को स्कार्पियो सवार उसके साथियों ने रुपयों के लेन-देन के बाद पेट में गोली मारकर फरार हो गए। मकान मालिक के मुताबिक पहले घर में कुछ विवाद हुआ उसके बाद सभी बाहर आ गए जिसके बाद करीब आधा दर्जन लोग जिसमें एक महिला शामिल थी सब ने उसे पीटना शुरू कर दिया जिनमें से एक ने उसके पेट में गोली मार दी जिसकी ट्रामा सेंटर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। मृतक दुर्गेश यादव (32) ने रस्ते में पुलिस को मनीष यादव व पलक ठाकुर का नाम बताया पुलिस को घटनास्थल से एक गोली का खोखा बरामद हुआ है।

मृतक पर दर्ज थे कई मुकदमे, फर्जी पत्रकार बन पुलिस को दे रहा था धोखा, फर्जी मार्कशीट रैकेट से जुड़े हैं तार

पुलिस के मुताबिक मृतक दुर्गेश यादव मूल रूप से गोरखपुर के गोला गांव का रहने वाला है मंगलवार रात हुआ किराए पर रहने वाले मित्रों से मिलने आया था जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह मनीष यादव पलक ठाकुर नाम की महिला के साथ अपने पांच से 6 मित्रों के साथ दो स्कॉर्पियो कार से मिलने पहुंचे और सभी उसके घर में घुस गए। सुबह करीब 8:30 बजे दुर्गेश विवाद के कारण बाहर निकला सभी आरोपी बाहर आकर पैसे के विवाद को लेकर दुर्गेश यादव को पीटने लगे देखते ही देखते पूरे घटनाक्रम में मनीष ने दुर्गेश के पेट में गोली मार दी। घटना की जानकारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

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सूचना पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से घायल को ट्रामा सेंटर लेकर गई। रास्ते में उसने पुलिस को बयान देते हुए दम तोड़ दिया। पूरे मामले में (फिरोजाबाद जिले के मसीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत धनापुर गांव) के रहने वाले मुख्य आरोपी मनीष यादव पुत्र सुशील कुमार यादव को तत्परता दिखाते हुए प्रतापगढ़ की नवाबगंज पुलिस ने वायरलेस की सूचना के आधार पर दोपहर 11:15 बजे ब्रह्म मौली बॉर्डर पर गिरफ्तार कर लिया है। जो कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकील बताया जा रहा है। पुलिस को उसके पास से हत्या में प्रयुक्त 32 एमएम की एक पिस्टल व पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं आरोपी ने बताया कि दुर्गेश ने खुद को सचिवालय में सचिव बता कर उससे ₹67 लाख रुपए रखा था जिसे वह वापस नहीं कर रहा था। पूरे मामले में आधा दर्जन आरोपी शामिल थे इसलिए पुलिस अन्य की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।एसीपी कैंट के मुताबिक पूछताछ में पता चला है कि मनीष यादव पलक ठाकुर आधा दर्जन साथियों के साथ बुधवार सुबह दुर्गेश से मिलने पहुंचे सभी कमरे से बाहर निकल आए घर के बाहर विवाद को लेकर दुर्गेश को सभी ने पीटना शुरू कर दिया। पुलिस को घर के अंदर खून बिखरा हुआ मिला है। बता दे रुपयों के लेनदेन को लेकर आरोपी के साथियों ने उसे गोली मार दी पूरा मामला फर्जी मार्कशीट रैकेट से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है पुलिस ने बरौली सेक्टर 14 के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल कर पूरे मामले से पर्दा उठाने में जुटी हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ लूट रंगदारी धोखाधड़ी समेत आठ मामले दर्ज है, वह गोरखपुर का हिस्ट्रीशीटर था। डीसीपी चारू निगम के मुताबिक मृतक दुर्गेश यादव के ऊपर 406, 420 आईपीसी के तहत वर्ष 2018 में हजरतगंज कोतवाली में मुकदमे भी दर्ज थे।मृतक के पास एक फर्जी पत्रकार का आईडी कार्ड बरामद हुआ है वही कैंट सीओ के मुताबिक मृतक दुर्गेश के कमरे से सचिवालय में नौकरी लगाने के संबंधित तमाम कागजात बरामद किए गए हैं।

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