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भारत में आधार कार्ड भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है यह 5 साल से कम उम्र के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक का बनता है इसके नए नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं।


भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई ने बच्चों के आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया वा नियमों में अहम बदलाव किये है अब 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे के माता-पिता नए बाल आधार कार्ड नियमों के हिसाब से अस्पताल का जन्म पर्चा जब जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर नये आधार कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। बाल आधार यानी 5 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए नए नियमों के हिसाब से आंखों की रेटिना और उंगलियों के फिंगर प्रिंट्स लेने की कोई आवश्यकता नहीं है नए नियम के तहत इन दोनों चीजों को हटा दिया गया है। जब बच्चा 5 साल से ऊपर का हो जाएगा तब‌। उसके बायोमेट्रिक लेकर अपडेट कर दिया जाएगा, 5 साल से नीचे के बच्चे के चेहरे की पहचान और परिवार रजिस्टर की आवश्यकता होगी। आवश्यक दस्तावेज जन्म प्रमाण पत्र या जन्म की पर्ची लेकर बच्चे के अभिभावक नजदीकी आधार कार्ड सेंटर में जाकर आवेदन कर सकते हैं। पहली बार प्रक्रिया पूरी होने के बाद माता-पिता को उनके आवेदन की प्रक्रिया ट्रैक करने के लिए पावती संख्या दी जाएगी 60 दिनों के अंदर एक मैसेज प्राप्त होगा जिसके बाद 90 दिन के भीतर उनके घर पर बाल आधार कार्ड पहुंच जाएगा।

आधार कार्ड के लिए आवश्यक दस्तावेज

जन्म प्रमाण पत्र या जन्म की अस्पताल वाली पर्ची,
माता पिता के पहचान पत्र या आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र जिनकी जांच के बाद बच्चे का आधार निकटतम आधार केंद्र पर बना दिया जाएगा।

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