बिहार एक तरफ इलाज के अभाव में मर रहे लोग, दूसरी तरफ कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सारंग से बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी के दफ्तर में दर्जनों एंबुलेंस जंग खा रही हैं, पूर्व सांसद पप्पू यादव ने जब इन एंबुलेंस का खुलासा करते हुए सवाल उठाया तो, सत्ता के नशे में चूर रूडी जी ने बुरी तरह से बिखर कर कहा- ड्राइवर लाकर सारी एंबुलेंस चलाएं, चुनौती स्वीकार कर जब पप्पू यादव ने 40 से अधिक ड्राइवरों का इंतजाम किया तो बीजेपी के इस नेता समेत समुचे सत्तापक्ष को सांप सूंघ गया है, जब एंबुलेंस के अभाव में लोग मर रहे, तब सांसद निधि से आई इन एंबुलेंस का ये हाल है।

एक तरफ कोविड-19 के कहर से बिहार समेत समूचे देश की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं लोग एंबुलेंस, डॉक्टरों की कमी व ऑक्सीजन की वजह से मर रहे हैं स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। वहीं दूसरी तरफ बिहार की डबल इंजन वाली एनडीए सरकार में सारंग से बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी के यहां साल भर से 30 से अधिक एंबुलेंस उस समय जंग खा रही है। जब लोग एंबुलेंस की कमी की वजह से अंतिम सांसे गिन रहे हैं। दिन पर दिन स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में लोगों का जीवन संकट में पड़ रहा है यानी खतरा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार 7 मई को छपरा स्थित विश्वप्रभा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मध्यपूरा सीट से पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव मौके पर पहुंचकर

इन एंबुलेंस का खुलासा किया खुलासा होते ही राजनीतिक हलके में भूचाल आ गया विपक्षी पार्टियों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया तो दूसरी तरफ बीजेपी प्रवक्ता व सांसद राजीव प्रताप रूडी ने सफाई देते हुए ड्राइवरों की कमी की बात कही।

जिसके बाद शनिवार 8 मई को पप्पू यादव अपने साथ 40 ड्राइवरों की टीम अपने साथ ले जाकर राजीव प्रताप रूडी के नहले पर दहला चल दिया और पूछा कि कहां और कब जनता की सेवा के लिए एंबुलेंस उन्हें सौंपी जाएंगी।

बता दे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था हमेशा से सवालों के घेरे में रही है कभी डॉक्टरों की कमी तो कभी लाचार व्यवस्था के बीच जिंदा को मृत घोषित कर देना डबल इंजन की सरकार केवल बेकार ही साबित हो रही है। ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए ऐसे राजनेताओं की मानसिकता कैसी है बखूबी नजर आ रहा है राजनीतिक विशेषज्ञों की राय के मुताबिक दोनों इंजन में एक दूसरे को खींचने के लिए तनातनी की वजह से यहां गाड़ी सही से चल भी नहीं पा रही है बेचारी आम जनता इसमें पीस रही है। लगातार कोविड-19 के कहर के बीच बिहार की मुश्किलें बढ़ती जा रही है बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था बे-पटरी होती हुई नजर आ रही है लोग मर रहे हैं डबल इंजन की सत्ता पर सवार नेता तरह-तरह के पैंतरे अजमा कर कोरोनावायरस की रफ्तार धीमी करने की बजाय चौतरफा लाभ कमाने में जुटे हुए हैं। बिहार के हालात ऐसे हैं कि कहीं गरीबों को एंबुलेंस नहीं मिल रही है तो कहीं साइकिल से लाश को इधर से उधर ले जाने के लिए लोग मजबूर हैं। और दूसरी तरफ राजीव प्रताप रूडी जैसे नेताओं के यहां 30 से अधिक एंबुलेंस साल भर से खड़ी जंग खा रही है आखिर इन नेताओं का कर्तव्य तो जनता की सेवा है लेकिन आखिर ये किस की सेवा कर रहे हैं ?

पप्पू यादव ने खोला भेद, डबल इंजन की सरकार में चौतरफा बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था सवालों के घेरे में…

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी जोकि सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री भी है इनके कार्यालय में दर्जनों एंबुलेंस पर्दे से ढकी हुई जंग खा रही है इस मामले की जानकारी के बाद मध्य पूरा सीट से पूर्व सांसद पप्पू यादव अपने लाव-लश्कर के साथ बिहार के छपरा जिले के अमनौर स्थित राजीव प्रताप रूडी के कार्यालय पर पहुंचे वहां पर पर्दे से बाकायदा ढकी हुई एंबुलेंस नजर आई। यह दृश्य उस समय सामने आया जब लोग एंबुलेंस के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। खैर ये एंबुलेंस भाजपा के सांसद की निजी नहीं है बताया गया है यह सांसद निधि से खरीदी गई है यानी कि जनता की सेवा के लिए है ना कि पर्दे में बंद करने के लिए, इसके पीछे भी कई जाल है। पूरे मामले की दो वीडियो बनाकर पप्पू यादव ने बाकायदा ट्वीट कर खुलासा किया और लिखा “यहां बीजेपी के दिग्गज पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी के आवास पर दर्जनों एंबुलेंस पड़ी पड़ी साड रही है आम लोग कोरोना काल में एंबुलेंस के अभाव में तिल-तिल कर मर रहे हैं भाजपा बड़ी बेशर्म पार्टी है”

बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने दी सफाई, जवाब में 40 ड्राइवरों की टीम लेकर पहुंची पप्पू यादव

जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव के द्वारा पूरे मामले का खुलासा होने के बाद बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने पप्पू यादव के आरोपों का खंडन करते हुए कहा जिले में अभी लगभग 80 एंबुलेंस है इनमें से 50 परिचालन में है कई जगह पर चालक की कमी की वजह से संचालन नहीं हो पाया….. उन्होंने बताया इसके बावजूद सांसद कंट्रोल रूम से एंबुलेंस को सारण जिले में चलाया जा रहा था उन्होंने पप्पू यादव पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए हमलावर रुख में कहा कि वो कोबिट के दौरान चालक दे और एंबुलेंस चलवाए।

जब आपने पप्पू यादव ने 40 ड्राइवरों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सांसद से कहा कि वह कहां और कब इन एंबुलेंस को सौंपेंगे ? जिसे जनकल्याण के लिए चलाया जा सके।

आखिर क्यों इतने समय से खड़ी थी एंबुलेंस ?

एक तरफ एंबुलेंस के अभाव में लगातार मर रहे थे लोग दूसरी तरफ कार्यालय में क्यों जंग खा रही थी बड़ी तादाद में एंबुलेंस ?

राजीव प्रताप रूडी के तर्कों में आखिर कितनी है दम ?

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