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बिहार सरकार द्वारा शराबबंदी के लाख दावे किए जा रहे हैं है लेकिन जमीनी स्तर पर बिहार प्रशासन के हर दावे खोखले नजर आए रहे हैं पश्चिमी चंपारण जिले में पिछले 2 दिनों में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई। कई जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जूझ रहे हैं डॉक्टरों के मुताबिक कई पीड़ितों की आंख की रोशनी चली गई है जबकि स्थानीय लोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचना दी पुलिस की टीम सूचना पर गांव पहुंची और मृतकों का जबरन अंतिम संस्कार करवा दिया। जबकि पूरे मामले में जिलाधिकारी ने बात करते हुए बताया कि हमें जांच में पता चला है कि गांव में एक व्यक्ति शराब बनाता है हमने कुछ की गिरफ्तारी भी की है मेडिकल टीम पूरे मामले की जांच करने के लिए लगा दी गई है। बता दे पूरे मामले पर स्थानीय लोगों ने बताया अवैध शराब पीने वालो के परिजनों द्वारा शराब पीने के तथ्यों को छुपाने की कोशिश करते हुए अस्पताल को गलत जानकारी दी गई जबकि पश्चिम चंपारण के जिला मजिस्ट्रेट कुंदन कुमार के मुताबिक हमें लौरिया ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले कुछ गांव में मौत की जानकारी मिली जिसके बाद वहां पर मेडिकल की टीम भेजकर जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। जबकि स्थानीय जानकारी के मुताबिक अवैध शराब से मरने वालों की पहचान देउरवा गांव के लतीफ शाह बिकाऊ मिया और राम विश्व चौधरी, जोगिया गांव के सुरेश शाह, बलुई गांव की नई हजाम सीतापुर गांव के भगवान पांडा बगड़ी गांव के रतुलिया मियां गौनही गांव के झूनहामिया आदि ने जहरीली शराब पी जिसकी वजह से उनकी मौत होने की जानकारी प्राप्त हुई है फिर हाल पूरे मामले में चंपातारण रेंज के डीआईजी ललन मोहन प्रसाद के मुताबिक मौत की जानकारी मिलने के बाद वास्तविक कारणों का पता लगाया जाना बाकी है फिर हाल पूरे मामले की जांच चल रही है।

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