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बिटकॉइन क्या है ?

बिटकॉइन एक वर्चुअल यानी आभासी मुद्रा है मतलब इस डिजिटल मुद्रा का आभास तो किया जा सकता है लेकिन अन्य मुद्रा की तरह इसका कोई भौतिक स्वरूप वजन आकार नहीं होता है यह एक ऐसी डिजिटल मुद्रा है। जिसको आप न देख सकते हैं और न छू सकते हैं फिर भी यह इलेक्ट्रॉनिकल स्टोर में स्टोर करके रखी जाती है अगर आपके पास बिटकॉइन है तो आप रुपए, डॉलर, यूरो यानी अन्य भौतिक मुद्रा की तरह पूरी दुनिया से कभी किसी भी समय कुछ भी खरीद सकते हैं। बिटकॉइन पर किसी सरकार या बैंक का कंट्रोल नहीं है ना ही इसका कोई वास्तविक मालिक है इसके चलते तमाम काले कारोबार इस मुद्रा के जरिए पूरी दुनिया में आसानी से अंजाम दिए जा रहे हैं यह दुनिया की सबसे महंगी क्रिप्टो करेंसी होने के साथ बड़ी तेजी से लोकप्रिय हुई है। बिटकॉइन का इस्तेमाल कोई भी कभी भी कर सकता है बस उसे इंटरनेट चलाना आता हो।

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बिटकॉइन का आविष्कार किसने किया था ? | बिटकॉइन कंपनी का मालिक कौन है ?

बता दे क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन का आविष्कार जापान के रहने वाले सातोशी नकामोरो द्वारा 3 जनवरी 2009 को किया गया था। उनका जन्म 5 अप्रैल 1975 को जापान में हुआ था। इस डिजिटल करेंसी यानी बिटकॉइन (B= BTC) का भुगतान दुनिया के किसी भी देश में यानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी समय किया जा सकता है। इसका किसी सरकार प्रशासन कंपनी से कोई लेना-देना ना होकर डायरेक्ट डिमांड और सप्लाई पर मूल्य घटता-बढ़ता रहता है। कितने बिटकॉइन मार्केट में आएंगे यह पहले से निश्चित है। इसके अविष्कारक बेशक सातोशी नकामोरो है लेकिन इसका कोई वास्तविक मालिक नहीं है।

लगातार बढ़ रही बिटकॉइन की कीमत | आज बिटकॉइन की कितनी है कीमत

2009 में बिटकॉइन की शुरुआत के समय इसका मूल्य 1 डॉलर की तुलना में 0.00008 यानी सून्य के बराबर थी जो आज बढ़कर 45899 डॉलर 1 बिटकॉइन की कीमत पहुंच गई है। अगर रुपए में बात करें तो 2009 में अपनी लांचिंग के समय बिटकॉइन की कीमत 1 रुपए की तुलना में 36 पैसे प्रति 1 बिटकॉइन थी जो आज बढ़कर 1 बिटकॉइन = 33,69,621 रुपए हो गई है यानी दूसरे शब्दों में कहें तो 36 पैसे वाले बिटकॉइन की कीमत 12 सालों में बढ़कर 33 लाख 69 हजार 611 रुपए हो गई है।

क्रिप्टो करेंसी क्या है ?

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क्रिप्टो करेंसी यानी किट्टू मुद्रा एक डिजिटल संपत्ति है जिसे एक्सचेंज के जरिए भुगतान के रूप में प्रयोग किया जाता है इसे इसीलिए कंप्यूटर तरीके से डिजाइन किया गया है इसके लेनदेन अन्य वास्तविक मुद्रा की तुलना में सुरक्षित व सरल है इसके भुगतान में व्यक्तिगत सिक्का स्वामित्व रिकॉर्ड यानी एक कोर्ट कंप्यूटरीकृत डेटाबेस के रूप में मौजूद वही खाते में जो एक दूसरे को भुगतान करता है उसके डेटाबेस में स्टोर हो जाता है।

क्रिप्टो करेंसी मार्केट क्या है ?

क्रिप्टो करेंसी दुनिया भर में निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनती जा रही है इसमें क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज के जरिए ट्रेडिंग होती है इस एक्सचेंज पर मौजूदा मार्केट वैल्यू के आधार पर क्रिप्टो करेंसी को खरीदा बेचा जाता है। इसकी मांग और आपूर्ति के हिसाब से कीमत ऑटोमेटिक तय होती है जो कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के माध्यम से निर्धारित होती रहती है इसकी माइनिंग कब कितनी होगी कि निर्धारित है पूरी दुनिया में 21 मिलियन से अधिक क्रिप्टो करेंसी का उत्पादन नहीं हो सकता।

बिटकॉइन इतना महंगा क्यों है ?

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हर किसी के जेहन में यह सवाल जरूर उठता है कि 2009 में महज 36 पैसे वाला बिटकॉइन 2021 में 5000000 रुपए के लगभग प्रति बिटकॉइन कैसे पहुंचा ?
इसका सिंपल सा जवाब है बिटकॉइन मार्केट में बहुत कम मात्रा में है माइनिंग के बाद ग्राहकों को बड़ी मुश्किल से बिटकॉइन मिल पा रहे हैं यानी जितना इसका उत्पादन हो रहा है उससे ज्यादा इस डिजिटल करेंसी की मांग है एक आंकड़े के मुताबिक अभी पूरी दुनिया में डिजिटल चलन के रूप में साडे 18 मिलियन बिटकॉइन है और इनकी संख्या 21 मिलियन से आगे नहीं जा सकती है। जाहिर सी बात है जैसे-जैसे मार्केट में बिटकॉइन की मांग बढ़ेगी इसकी कीमत आसमान छूती जाएंगी और मांग घटने पर कीमतें नीचे आती जाएंगे यह सब ऑटोमेटिक होता रहेगा।

Bitcoin loophole क्या है |बिटकॉइन के बचाव का रास्ता क्या है ?

बिटकॉइन Loophole यानी बिटकॉइन के बचाव का रास्ता। यह एक स्वचालित सॉफ्टवेयर है जिसे विशेष रूप से बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टो करेंसी के व्यापार के लिए डिजाइन किया गया है यह सॉफ्टवेयर कोडिंग एल्गोरिदम के जरिए उच्च गुणवत्ता वाले ट्रेडिंग सिग्नल यानी उच्च व्यापार सिंगल उत्पन्न करता है और वास्तविक समय में उन्हें बाजार में निष्पादित करता है। या स्वयं से चलने वाला एक ऑटोमेटिक सॉफ्टवेयर सिस्टम है जो मार्केट की डिमांड सप्लाई के हिसाब से बिटकॉइन की वैल्यू को अन्य करेंसी के हिसाब से मैनेज करता है।

क्रिप्टो करेंसी की क्या फायदे हैं ?

वैसे हर करेंसी की अपनी-अपनी लेनदेन के आधार पर और दोष है लेकिन क्रिप्टो करेंसी एक डिजिटल करेंसी है इसका किस देश की सीमा से कोई मतलब नहीं यानी कि पूरी दुनिया में लेनदेन के काम आती है अपने हिसाब से उस देश की करेंसी की वैल्यू डिमांड और सप्लाई के हिसाब से ऑटोमेटिक चेंज कर लेती है इस की आय के स्रोत कमीशन और ट्रांजैक्शन फीस होती है एक आदर्श ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ऐसा होता है जहां यूजर को आसान इंटरफ़ेस और सिक्योरिटी मिले क्वाइन शूज ऐसा ही प्लेटफार्म है जहां पर एक्सचेंज के हिसाब से मध्यस्थ को आराम से क्रिप्टो करेंसी खरीदने और बेचने के तौर पर उसकी सिक्योरिटी फीस कमीशन का भुगतान होता है। इसका एल्गोरिदम ऑटोमेटिक सॉफ्टवेयर बेस होता है इसकी वैल्यू में उतार-चढ़ाव मार्केट के हिसाब से मैनेज होता रहता है इसमें इंटरफेर करना लगभग असंभव है।

बिटकॉइन किस देश की करेंसी है ? | अल सल्वाडोर की करेंसी क्या है ?

दुनिया का एकमात्र देश अल सल्वाडोर है जहां बिटकॉइन को वहां की लीगल करेंसी का दर्जा दे दिया गया है बिटकॉइन वहां की लीगल मुद्रा के तौर पर अब काम करेगी। यह दुनिया का पहला देश है जहां क्रिप्टो करेंसी को कानूनी मान्यता मिलाते हुए अधिकारिक मुद्रा के तौर पर मान्यता दी गई है। यानी यहां पर अब बिटकॉइन यानी डिजिटल क्रिप्टो करेंसी में ट्रांजैक्शन किया जा सकेगा।

बिटकॉइन को कैसे खरीदें ?

दुनिया में कई क्रिप्टो करेंसी है लेकिन उनमें सबसे अधिक लोकप्रिय बिटकॉइन है सबसे अधिक इंटरनेट पर यही सवाल सर्च किया जाता है कि बिटकॉइन कैसे खरीदें। बता दे बिटकॉइन को वर्तमान में ट्रेडिंग वेबसाइट्स और ऐप की मदद से स्टॉक्स के जरिए खरीद सकते हैं इन्हीं के जरिए आसानी से बिटकॉइन खरीदे जा सकते हैं वैसे बिटकॉइन्स खरीदने के लिए जो वेबसाइट है उनमें से सबसे ज्यादा विश्वास ने वेबसाइट Wazirx, Unocoin वेसाइड्स है।

क्रिप्टो करेंसी का क्या मूल्य है ?

बता दे जब भी क्रिप्टो करेंसी की मार्केट में शुरुआत होती है तो वह उस 0 मूल्य से लिस्ट होती हैं यह कोई एक कंपनी नहीं होती बल्कि यह एक ब्लैक चैन टेक्नोलॉजी होती है जो मांग और पूर्ति पर घटती- बढ़ती जाती है। जिस क्रिप्टो करेंसी की मांग जितनी अधिक बढ़ती है उसके मूल्य में उतना ही अधिक इजाफा होता है और जिस करेंसी की मांग जितनी घटती है उसके मूल्य में उतनी ही गिरावट आती है। शेयर मार्केट क्रिप्टो करेंसी या फिर मुद्रा के मूल्य हमेशा डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करते हैं। मतलब साफ है जब किसी क्रिप्टो करेंसी की मांग जितनी बढ़ेगी उतनी उसकी वैल्यू बढ़ेगी।

बिटकॉइन वॉलेट क्या है ? | बिटकॉइन किस में रखी जाती है ?

बिटकॉइन को हम सिर्फ ऑनलाइन यानी इलेक्ट्रॉनिक स्टोर में स्टोर करके रख सकते हैं और इससे रखने के लिए हमें एक बिटकॉइन वॉलेट की जरूरत होती है ऑनलाइन बिटकॉइन रखने के लिए कई प्रकार के बिटकॉइन वॉलेट होते हैं। जैसे मोबाइल वॉलेट, डेस्कटॉप वॉलेट, वेव बेस्ट वॉलेट व हार्डवेयर वॉलेट इनमें से आप अपनी सुविधा के अनुसार कोई एक वैलिड का इस्तेमाल करके अपना अकाउंट बनाकर उसमें अपने बिटकॉइन लॉगिन पासवर्ड की मदद से सुरक्षित रख सकते हैं। यह सभी वायलेट हमें हमारे लॉगिन पता के रूप में यूनिक आईडी प्रदान करती हैं । जिस प्रकार आप बैंक में खाता खोलकर अपने पैसे जमा करते हैं उसी प्रकार अप लॉगइन पासवर्ड के जरिए
ऑनलाइन घर बैठे अपने वैलेट में कभी भी कहीं से बिटकॉइन सुरक्षित रख सकते हैं या अपने बिटकॉइन बेच सकते हैं खरीद सकते हैं कहीं निवेश कर सकते हैं यह आप पर निर्भर करता है आप उसका कहां और कैसे प्रयोग करते हैं।

बिटकॉइन कैसे कमाए ?

बिटकॉइन को 3 तरीके से कमाया जा सकता है। बिटकॉइन खरीद कर, ऑनलाइन सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन में मदद करके, या फिर माइनिंग के जरिए।

1 बिटकॉइन में 10 करोड़ satoshi होते हैं।

जिस प्रकार हमारी करेंसी यानी एक रुपए में 100 पैसे होते हैं उसी प्रकार एक बिटकॉइन में 10 करोड़ satoshi की इकाई होती है। आप पूरा बिटकॉइन खरीदने के बजाय से खंडों में एक संतोषी के हिसाब से खरीद सकते हैं आप चाहे तो ₹100 का भी बिटकॉइन ले सकते हैं वह आप पर निर्भर करता है आप किस का कैसा उपयोग करना चाहते हैं। अगर ऑनलाइन आप किसी को कोई सामान दे रहे हैं अगर उसके पास बिटकॉइन है तो आप उससे पैसे के बदले बिटकॉइन ले सकते हैं या आप किसी को सामान बेच रहे हैं तो आप डायरेक्ट पैसों की बजाय उतने कीमत की बिटकॉइन ले सकते हैं इस प्रकार आप उन्हें अपने वैलिड में डालकर स्टोर कर सकते हैं आप जब चाहे इस वेलेट से क्रिप्टो करेंसी को अपनी करेंसी में बैंक के जरिए बदल सकते हैं।

बिटकॉइन का भुगतान बड़ी आसानी से हो सकता है बस आपको इंटरनेट चलाने आता हूं आप बिटकॉइन को दुनिया के किसी भी कोने में कभी भी बिना किसी परेशानी के भेज सकते हैं किसी भी करेंसी में इसका भुगतान कर सकते हैं जी ऑटोमेटिक सॉफ्टवेयर के जरिए डिमांड सप्लाई के आधार पर वैल्यू तय होकर सुरक्षित माइनर के माध्यम से एक्सचेंज हो जाएंगे।

वैसे बिटकॉइन के अगर फायदे हैं तो उसके नुकसान भी है क्योंकि इसे कंट्रोल करने के लिए कोई अधिकारिक बैंक व सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है इसकी कीमत में भी उतार चढ़ाव लगातार होता रहता है।

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