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बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के चलते 60 बच्चों की मौत मामले में UPPSC द्वारा मोहर लगाए जाने के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कफील खान को उनकी नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। हालांकि डॉ कफील खान ने इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।

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गोरखपुर अगस्त 2017 में बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज यानी बीआरडी में ऑक्सीजन की कमी के चलते 60 बच्चों की मौत मामले में योगी सरकार ने कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉ कफील खान को 4 साल के निलंबन के बाद बर्खास्त कर दिया है। उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी जांच कर रही थी फिर हाल चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर कफील खान को बर्खास्त कर दिया है इससे पहले डॉ कफील खान ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी IMA से निलंबन को खत्म करने के लिए मदद की गुहार लगाई थी।

बीआरडी मेडिकल में ऑक्सीजन की कमी से 60 बच्चों की मौत मामले में कार्यवाही

अगस्त 2017 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कफील खान को अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते 60 बच्चों की मौत मामले में आरोपी बनाते हुए हमें तत्काल निलंबित कर दिया गया था तब से वह अपने निलंबन को लेकर कोर्ट भी पहुंचे लेकिन उन्हें काफी समय तक जेल में रहना पड़ा था। कफील खान ने आरोप लगाया था कि अपनी लापरवाही छिपाने के लिए सरकार ने उन्हें मोहरा बनाया है और एकतरफा कार्रवाई की जबकि ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन सरकार को कई बार पत्र लिखे थे इसके बाद भी इसे संज्ञान में नहीं लिया गया था। पूरे मामले में 9 लोगों को आरोपी बनाया गया था।

डॉ कफील खान ने कहा कि उन्हें सभी जांच में लापरवाही व भ्रष्टाचार के मामले में बरी किया गया फिर भी उन्हें बर्खास्त किया गया हालांकि उन्हें इसकी अधिकारिक जानकारी नहीं प्राप्त हुई है। सुने डॉ कफील खान ने आखिर क्या कहा….

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Twitter- credit doctor kafeel Khan account

सरकार ने मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए थे सरकार ने इस मामले में 15 अप्रैल 2019 को जांच अधिकारी की ओर से दायर रिपोर्ट को ही मान लिया गया। इस रिपोर्ट में डॉक्टर कफील खान को निर्दोष पाया गया था रिपोर्ट में कहा गया था कि डॉ कफील खान खिलाफ भ्रष्टाचार या लापरवाही के सबूत नहीं मिले हैं जिसके बाद लगा था कि जल्दी डॉक्टर कफील खान को बहाल कर दिया जाएगा। लेकिन अगस्त 2017 यानी 4 साल से निलंबित चल रहे डॉ कफील खान को UPPSC द्वारा मोहर लगाए जाने के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। हालांकि डॉ कफील खान ने कहा है इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे। आधिकारिक तौर पर उनकी बर्खास्तगी की पुष्टि नहीं हो पाई है।

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विशाल गुप्ता की रिपोर्ट….

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