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पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी में सेना ने गोलीबारी करते हुए राष्ट्रपति को हिरासत में लेकर, सरकार को भंग करते हुए तख्तापलट के बाद जमीनी सीमाओं को 1 सप्ताह के लिए बंद कर दिया है।

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पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी की फौज ने राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को हिरासत में लेकर सरकारी टेलीविजन पर सरकार भंग करने की घोषणा की, रविवार को सेना ने राष्ट्रपति भवन के पास भारी गोलाबारी कर राष्ट्रपति को कुछ घंटों में हिरासत में लेकर विद्रोही सैनिकों ने देश में लोकतांत्रिक बहाली का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा- हम अब राजनीति एक व्यक्ति को नहीं सौंपेंगे, हम इसे लोगों को सौंपेंगे। यह संविधान भी भंग किया जाएगा और जमीनी सीमाऐं 1 सप्ताह के लिए बंद कर दी गई है। 1958 में फ्रांस से आजादी मिलने के बाद 2010 में गिनी के पहले लोकतांत्रिक राष्ट्रपति के रूप में अल्फा कोडे को चुना गया था। रविवार को कोनाक्री यानी गिनी किसी नानी राष्ट्रपति भवन के पास कुछ घंटों तक गोलीबारी के बाद राष्ट्रपति अल्फा गुंडे को हिरासत में लेकर सरकारी टेलीविजन पर सरकार भंग करने की घोषणा के साथ देश में लोकतंत्र बहाली का संकल्प व्यक्त करते हुए कर्नल मामदी डोंबोया ने कहा हम अब राजनीति एक व्यक्ति को नहीं सौंपेंगे। हम इसे लोगों को सौंपेंगे, संविधान भी भंग कर दिया जाएगा। जमीनी सीमा 1 सप्ताह के लिए बंद कर दी गई है।

सरकारी टेलीविजन और रेडियो पर प्रसारण के बाद देश में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है कोड़े को फौज ने हिरासत में ले लिया है। दूसरी तरफ रक्षा मंत्रालय ने हमले को विफल करने का दावा किया है लेकिन उनकी तरफ से कोई साक्ष्य सामने नहीं आए।

गिनी में राष्ट्रपति कोंडे के तीसरे कार्यकाल को लेकर सड़क पर भड़के थे हिंसक प्रदर्शन

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गिनी 1958 में फ्रांस से आजाद हुआ 2010 में यहां लोकतांत्रिक राष्ट्रपति के रूप में अल्फा कोड़े चुने गए कई लोगों ने उनके राष्ट्रपति बनने को देश के लिए नई सुबह के तौर पर देखते हुए सराहना की थी लेकिन राष्ट्रपति के तौर पर उनकी दो कार्यकाल पूरे होने के बाद तीसरे कार्यकाल को लेकर देश में काफी आलोचना के साथ संविधानिक अवधि की सीमा को लेकर सड़क पर हिंसक प्रदर्शन भड़क गए थे इस विद्रोह का फायदा उठाकर सेनानी हस्तक्षेप करते हुए तख्तापलट का संविधान भंग करने की घोषणा करते हुए 1 सप्ताह के लिए जमीनी सीमा को बंद कर दिया है अल्फा कि सरकार पर शासन में भ्रष्टाचार निर्गुण ताकि भी आरोप लगते रहे।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटिरेज ट्वीट करते हुए कहा-

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मैं व्यक्तिगत रूप से गिनी की स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रख रहा हूं। मैं बंदूक के बल पर सरकार के किसी भी अधिग्रहण की कड़ी निंदा करता हूं और राष्ट्रपति अल्फा कोंडे की तत्काल रिहाई का आह्वान करता हूं।

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