अंतरराष्ट्रीय अपनी नापाक चालबाज जमीन की भूखी चलते पूरी दुनिया को वर्ल्ड वर्ल्ड वार की आग में झोंकने पर आमादा नापाक चाइना के इरादों को समझते हुए कई देशों ने अपने करार तोड़ते हुए चीन से अपने निवेश को निकालकर विस्तार वाद को धीरे से जोर का झटका दिया है। दुनिया का एकमात्र विस्तार वादी देश अपनी जन्म की उत्पत्ति से ही पड़ोसियों पर नापाक कब्जा करते हुए उन पर लगातार झूठे दावे कर हड़पने की चाल में लगा हुआ है हालांकि इसमें उसने कई देशों पर जबरन कब्जा करते हुए उन्हें जबरिया अपनी में मिलाकर उसकी आम जनता पर लगातार अत्याचार कर रहा है इसने तिब्बत मकाउ क्रिस्तान जैसे देशों को हथियार के बल पर अपने कब्जे में ले लिया समझौते के तहत हॉन्ग कोंग कोलिया लेकिन वहां पर समझौते को तोड़ते हुए निराश सुरक्षा कानून लगा हांगकांग वासियों की नागरिकता के अधिकार छीनने पर आमादा है इसी कड़ी में उसने ताइवान को हड़पने की साजिश करते हुए कई बार उसे अपने में मिला लेने की गीदड़ भभकी देते हुए अपने में मिलाने की बात कही, 4 सितंबर दिन गुरुवार को चीन की गीदड़ भभकी के बाद जानकारों के मुताबिक उसके पास फाइटर प्लेन ताइवान के सरहदी इलाकों का उल्लंघन करते हुए उसकी सीमा में जबरन घुस गये। न्यूज़ चैनल व ताइवान की सोशल मीडिया के मुताबिक चाइनीस लड़ाकू विमान को ताइवान की सेना ने मार गिराया हालांकि बाद में ताइवान और चीन दोनों ने विमान मारे जाने की बात से इनकार किया है। जानकारों के मुताबिक चीनी लड़ाकू विमान को मार गिराने के बाद यह रणनीति पूर्ण कदम है।

बुहान से निकले कोविड-19 ने दुनिया में मचाई भारी तबाही, दो करोड़ 64 लाख संक्रमित, 8 लाख 73 हजार से ज्यादा की मौत,

चीन के हुबेई प्रांत के बुहान से निकले कोविड-19 ने पूरी दुनिया में भीषण तबाही मचा अर्थव्यवस्थाओं को रसातल में पहुंचाने का काम किया। चीन से निकले इस कोविड-19 पूरी दुनिया में भीषण तबाही मचाई जिसकी वजह से लॉकडाउन समेत तमाम सुरक्षा के इंतजाम करने के बावजूद दो करोड़ 64 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए जबकि अब तक आठ लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। चीन को छोड़कर पूरी दुनिया की जीडीपी में भारी गिरावट दर्ज की गई है लॉक डाउन की वजह से युवाओं की नौकरी चली गई अमेरिका ब्राज़ील के बाद भारत में इस वायरस ने भारी तबाही मचाई है पूरी दुनिया के वैज्ञानिक विभीषण कोविड-19 वायरस से लड़ने के लिए बनाने में जुटे हुए हैं अभी तक दावे कई देशों के आए हैं लेकिन किसी की वैक्सिंग कारगर साबित होकर सामने नहीं आई है कई की चौथे पायदान पर पहुंच चुकी है।

कई देश के कूटनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक चीन कोविड-19 वायरस हथियारों के बल पर डरा धमका कर पड़ोसियों की जमीन पर निगाह गड़ाए हुए हैं जबकि इस महामारी से तबाह हुए देशों की आर्थिक मदद करने के नाम पर उन्हें आर्थिक तौर पर गुलाम बना उनकी जमीन व प्राकृतिक संसाधनों पर निगाह गड़ाए हुए हैं जो कि उसकी पुरानी फितरत रही है। उसकी इसी नीति के चलते धीरे-धीरे ही सही हर देशों में विरोध शुरू हो गया है

आतंकवादी व विस्तार वादी गठजोड़ से, बलूचो हो ही नहीं पूरी दुनिया को खतरा

चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा के नाम पर अवैध कब्जे वाले पीओके से होते हुए पाक के अवैध कब्जे वाले बलूचिस्तान पर चीन की नापाक नजर गड़ी हुई है वह बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर अपनी तिजोरी भरने की तैयारी में लगा हुआ है जबकि नापाक पाकिस्तान पहले से उत्पीड़ित बलूचो को दबाने पर आमादा है, बलूचिस्तान पीओके खैबर पख्तून में चीन पाकिस्तान की नापाक हरकतों से दुनिया बखूबी वाकिफ है अब पाकिस्तान वह चाइना के इस नापाक गठजोड़ ने दुनिया की शांति को खतरे में ला दिया है। भारत ही नहीं पूरी दुनिया को आतंकवाद के कर्ताधर्ता पाकिस्तान में विस्तार वादी चाइना की नीतियों से खाता है इसकी नीतियों को समझने वाले देश धीरे-धीरे चाइना से करनी उसके प्रोजेक्ट से हाथ पीछे खींच रहे हैं ताकि उनका आर्थिक उत्पीड़न कर्ज के बोझ से दाग कर उनका आर्थिक उत्पीड़न ना हो सके लेकिन देश के राजनेता अपने स्वार्थ बस देश को खतरे में डालने से पीछे नहीं हट रहे हैं इस समय नापाक चीन की चाल में हमारा बेहद सीधा-साधा पड़ोसी नेपाल यहां हथकंडे अपनाते हुए चीन ने पहले मदद के नाम पर पड़ोसियों से विवाद करवाया उसके बाद अपनी नापाक नजर रखते हुए उसके 73 से ज्यादा गांवों में अवैध कब्जा कर रहा है। पूरी दुनिया वाकिफ है किस तरह विस्तार वादी ने अपने पड़ोसी मुल्कों पर अवैध कब्जा कर उसे मिला लिया जिसके बाद उसके पड़ोसी राजनीतिक को दूसरे देशों में भागकर जान बचाने के लिए शरण लेनी पड़ी तिब्बत की बात कर रहा हूं। तिब्बत के वास्तविक संरक्षक धार्मिक गुरु दलाई लामा वह पूर्व प्रधानमंत्री तक विस्थापित जिंदगी जी रहे हैं।

चीन के रक्षा मंत्री के बार-बार अनुरोध के बाद हुई बैठक में रक्षा मंत्री ने चीन को दो टूक जवाब दिया।

तीन दिवसीय रूस दौरे पर शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगही के साथ चीन के रक्षा मंत्री के बार-बार अनुरोध के बाद रूस की राजधानी मास्को में 2 घंटे 20 मिनट चली बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व चीनी रक्षा मंत्री से वार्ता के दौरान भारत ने चीन द्वारा पैंगोंग झील की स्थिति में यथास्थिति बदलने की कोशिश पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए बातचीत के माध्यम से विवाद खत्म करने पर जोर दिया।

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