loading...

अखिलेश के नेतृत्व वाली पूर्व समाजवादी सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति को चित्रकूट की महिला से गैंग रेप व उसकी 17 वर्षीय बच्ची के साथ यौन हिंसा मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने गायत्री प्रजापति को उनके दो साथियों के साथ दोषी करार दिया है। इस मामले में 12 नवंबर को सजा का ऐलान किया जाएगा। बता दे अखिलेश सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति के खिलाफ 2014 से जुलाई 2016 के बीच चित्रकूट की महिला के साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। महिला कोर्ट की शरण में तब गई जब उसकी नाबालिग बच्ची पर भी यौन हिंसा का दबाव बनाया जाने लगा। पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अखिलेश सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था इस मामले को लेकर तत्कालीन सुबेह की अखिलेश के नेतृत्व वाली समाजवादी सरकार पर विपक्ष के दबाव प्रहार और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामला दर्ज हुआ था जिसके बाद गायत्री प्रजापति को मंत्री पद से त्यागपत्र देना पड़ा। लेकिन बाद में फिर बहाली हो गई थी।

उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार में मंत्री रहे खनन माफिया गायत्री प्रजापति को चित्रकूट की महिला के साथ गैंगरेप व उसकी 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ अश्लीलता के मामले में बुधवार को झटका देते हुए समाजवादी सरकार के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति व उनके साथी अशोक तिवारी आशीष शुक्ला को बलात्कार और पोक्सो एक्ट की धाराओं में दोषी करार दिया है। कोर्ट द्वारा इस मामले के अन्य चार आरोपी अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू, चंद्रपाल और जागेश्वर उर्फ रूपेश व विकास वर्मा को सभी आरोपों से बरी करते हुए पूरे मामले में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति व उनके अन्य दो दोषियों को (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने वाले कानून) POCSO एक्ट के तहत मामले में विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने दोषी ठहराया है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ 12 नवंबर को सजा का ऐलान किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था मंत्री गायत्री प्रजापति पर गैंगरेप का मामला

loading...

तत्कालीन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तत्कालीन सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति पर चित्रकूट की महिला और उनकी 17 वर्षीय बेटी के साथ लखनऊ के गौतम पल्ली के अपने सरकारी निवास में गैंगरेप के प्रयास के मामले में 18 फरवरी 2017 को एफ आई आर दर्ज कराई गई थी। पूरे मामले की गंभीरता आप इस बात से समझ सकते हैं कि इस मामले में तमाम राजनीतिक दबाव प्रहार के बावजूद सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एके सीकरी की अध्यक्षता वाली बेंच के आदेश पर लखनऊ में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर बलात्कार और पोस्ट को एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था जिसके बाद सूबे के कद्दावर नेता वह सरकार के संरक्षण प्राप्त मंत्री गायत्री प्रजापति 15 मार्च 2017 से जेल में बंद थे। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने उत्तर प्रदेश पुलिस को जांच करने और 8 सप्ताह के भीतर एक सीलबंद लिफाफे में अदालत को कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने का भी आदेश दिया था।

खनन पट्टा दिलाने के नाम पर पीड़िता के साथ रेप, अखिलेश सरकार में बने थे गायत्री प्रजापति मंत्री

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से सटे परसावां गांव के रहने वाले गायत्री प्रसाद प्रजापति साल 2012 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ते हुए अमेठी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय सिंह की पत्नी अमिता सिंह को (प्रदेश सरकार में मंत्री) को हराकर विधायकी जीतकर मुलायम सिंह यादव की सरपरस्ती में खनन माफिया रहे यात्री प्रजापति खूब दौलत और शोहरत कमाई अखिलेश यादव की सरकार में पहले सिंचाई मंत्री बनाया गया उसके बाद खनन मंत्रालय सौंपा गया अंत में उन्होंने परिवहन मंत्रालय का भी कार्यभार संभाला। करीब साढे 4 सालों से जेल की हवा खा रहे अखिलेश सरकार के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर चित्रकूट की रहने वाली महिला ने (एफ आई आर के मुताबिक) उसे खनन पट्टा दिलाने के लिए तत्कालीन समाजवादी सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति ने लखनऊ के गौतम पल्ली आवास पर बुलाकर झांसा देते हुए (अक्टूबर 2014 से जुलाई 2016 के बीच) कई बार कई जगह पर उसके साथ रेप किया। पीड़िता के आरोप के मुताबिक उसने घटना की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को सौंपी थी लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिसके उसने न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

loading...