7 साल बाद मंगलवार- बुधवार की दरमियानी रात इजरायल पर फिलिस्तीन का बड़ा हमला फिलिस्तीन ने इजरायल पर 300 रॉकेट दागे जिससे दोनों के बीच अघोषित जंग अब सीधे-सीधे बड़ी जंग में तब्दील होती हुई दिख रही है।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू व रक्षा मंत्री बेनी गेट्स ने साफ शब्दों में कहा है कि हमास को इन हमलों की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी, मंगलवार को फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव, एश्केलोन बबलू शहर को सीधे-सीधे निशाना बनाकर मिसाइल दागने शुरू कर दिया। इस मिसाइल हमले में एक भारतीय महिला (32 वर्षीय सौम्या संतोष) समेत तीन लोगों के मारे जाने की खबर है। हमास खिलाफ जवाबी कार्रवाई में इजरायली एयरफोर्स ने हमास के कब्जे वाली गाजा पट्टी के हमास की पॉलिटिकल विंग के ऑफिस यानी 13 मंजिला बिल्डिंग को निशाना बनाया, इजराइल का हमला इतना विध्वंसक था कि देखते ही देखते चांद क्षणों में यह ऑफिस मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है।

इजरायल और फिलिस्तीन के बीच रविवार से जारी इस संघर्ष में अब तक 38 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने कहा- सिर्फ एक बात समझ लीजिए आतंकियों को इन हमलों की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने ट्वीट कर बताया- मैं रक्षा मंत्री, चीफ ऑफ स्टाफ और दक्षिणी कमान के कमांडर-इन-चीफ के साथ स्थिति का आकलन करने वाले दक्षिणी कमान में अभी-अभी समाप्त हुआ हूं। हम एक अभियान के बीच में हैं। कल से, आईडीएफ ने गाजा में हमास और इस्लामिक जिहाद पर सैकड़ों हमले किए हैं। बैठक का निष्कर्ष हमलों की तीव्रता और हमलों की दर दोनों को और बढ़ाना है। हमास को यहां ऐसे झटके मिलेंगे, जिसकी उसे उम्मीद नहीं थी। मैं जानता हूं कि इसमें आप और इजरायल के नागरिकों की ओर से एक निश्चित बलिदान भी शामिल है।

कैसे शुरू हुई ताजी जंग

रविवार को मामूली झड़प के बाद सोमवार को यरूशलम स्थित अल-अस्का मस्जिद में नमाज अदा कर रहे फिलिस्तीनियों व इजरायली सुरक्षा बलों के बीच सोमवार को भीषण संघर्ष ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया है।

शुरुआती झड़प के बाद फिलीस्तीन और इजरायल के बीच आर पार की जंग के हालात बनते हुए दिख रहे हैं शुरुआती विवाद में दोनों तरफ से रॉकेट दागे गए जा रहे हैं जिनमें कई लोगों की जान चली गई है।

फिलिस्तीनी हमले में एक भारती महिला की मौत

इजराइल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक आतंकी संगठन हमास ने रियासी इलाके में करीब 130 रॉकेट दागे जिससे यरूशलम में भारी हिंसा फैलने के बाद एक हमले में वीडियो के जरिए अपने पति से बात कर रही 32 वर्षीय सौम्या कि आतंकी हमले की चपेट में आने से मौत हो गई वह करीब 7 साल से इजराइल में थी बताया गया है कि 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला संघ उनके घर में केयरटेकर की भूमिका निभा रही थी इस हमले के बाद उनके 9 वर्षीय बच्चे का रो रो कर बुरा हाल है। इस बात की पुष्टि भारत में इजरायल के राजदूत Dr Roan Malik डॉ रॉन मलक ट्वीटकर की है

https://twitter.com/DrRonMalka/status/1392178684363034626?s=20

उन्होंने ट्वीट कर पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा इजराइल की तरफ से मैं सौम्या संतोष के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं वह हमास के आतंकी हमले में मारी गई, जान हमारा दिल रो रहा है कि एक 9 साल के बच्चे ने स्कूल आतंकी हमले में अपनी मां को खो दिया है।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू के उपरोक्त ट्वीट का हिंदी अर्थ- हम एक भारी अभियान – ऑपरेशन वॉल गार्ड के बीच में हैं। कल और आज, आईडीएफ ने गाजा पट्टी में हमास और इस्लामी जिहाद के सैकड़ों आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया। हमने वरिष्ठ कमांडरों सहित दर्जनों आतंकवादियों का सफाया कर दिया, हमास मुख्यालय पर बमबारी की, इमारतों और आतंकवादी संगठनों द्वारा इस्तेमाल किए गए टॉवरों को ध्वस्त कर दिया। हम अपनी सारी ताकत के साथ हमला करना जारी रखते हैं।

First twit- हमास और इस्लामिक जिहाद ने भुगतान किया है और मैं आपको यहां बताता हूं, वे अपनी आक्रामकता के लिए बहुत भारी कीमत देंगे। मैं आज रात यहां कहता हूं – उनके सिर में उनका खून। इजरायल के नागरिक, हम एक शातिर दुश्मन के सामने एकजुट होते हैं। हम सभी मृतकों के लिए शोक मनाते हैं, हम सभी घायलों की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं, हम सभी आईडीएफ और सुरक्षा बलों के पीछे खड़े हैं

second twit- मैं आप सभी से बिना किसी अपवाद के, होम फ्रंट कमांड के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहता हूं – संरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश करने के लिए – यह स्पष्ट रूप से जीवन रक्षक है। मैं आपको आज रात एक और बात बताता हूं, इस अभियान में समय लगेगा। दृढ़ संकल्प, एकता और शक्ति के साथ, हम इजरायल के नागरिकों को सुरक्षा बहाल करेंगे।

क्या है इस हमले की जड़ में, जो समय समय पर होता है संघर्ष

रविवार से जारी इस संघर्ष की कहानी कई दशक पुरानी है सन 1967 में अरब-इजरायल युद्ध में जीत के बाद इजरायल उस जीत का जश्न यरूशलम डे यानी उसकी वर्षगांठ मनाता है यरूशलम के शेख जरा इलाके को यहूदी और मुसलमान दोनों ही अपना अपना पवित्र स्थान मानते हैं यहां स्थित अल अक्सा मस्जिद के बाहर मौजूद फिलिस्तीनी सभी उस दीवार के पास प्रार्थना कर रहे थे इसी बीच प्रार्थना कर रहे लोगों व सुरक्षा में लगे जवानों के बीच पत्थरबाजी हुई। यह स्थान यहूदी इस्लामी और ईसाईयों में तीनों के लिए पवित्र है तीनों की अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं हैं यही यहूदी समुदाय का टेंपल माउंट भी है यह पुराने येरूसलम में है इस जगह को सभी अपना-अपना पवित्र धार्मिक स्थान होने का दावा करते हैं जेरूसलम के एक हिस्से पश्चिमी क्षेत्र को आधुनिक शहर के तौर पर इजराइल विकसित कर रहा है यह फिलिस्तीनियों को मंजूर नहीं है जिसकी वजह से निर्माण कार्य को रोकने की मांग कर रहे हैं लेकिन इजरायल ने इसे सिरे से नकारते हुए निर्माण कार्य जारी रखते हुए कहा यह उसका क्षेत्र है।

गाजा पट्टी हमास पर जवाबी हमला

टाइम्स ऑफ़ इजराइल से बातचीत में हमास के प्रवक्ता ने कहां मंगलवार शाम हमने 130 रॉकेट इजराइल के तरफदार गीत इनकी संख्या 24 घंटे में 300 से अधिक हो चुकी है लेकिन प्रवक्ता ने इजरायली एयरपोर्ट्स द्वारा हुए नुकसान और कुछ बोलने से इंकार कर दिया है। जानकारी के मुताबिक इस हमले के बाद हमास को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

टाइम्स ऑफ इजरायल से बातचीत में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- मैं जब राष्ट्रपति था तब इजरायल और फिलीस्तीन के बीच शांति थी फिलिस्तीन और इजराइल के सभी दुश्मन को मालूम था कि अमेरिका हर हाल में इजरायल के साथ खड़ा है अगर इसराइल पर हमला हुआ तो हम भी उसके दुश्मन को छोड़ेंगे, बाइडेन के दौर में हिंसा बढ़ रही है और यह उसकी कमजोरी है ।

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