राम नगरी अयोध्या श्री राम जन्म भूमि 492 चाल चले लंबे संघर्ष के बाद आज राम जन्मभूमि की भूमि पूजन के साथ समाप्त हो गया बता दे जब से आक्रांता बाबर के सेनापति मीर बाकी ने राम मंदिर के विध्वंस कर उस पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया था।
       5 अगस्त 2020 राम मंदिर का शिला पूजन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

तब से लेकर समय-समय पर जनता में रोष विद्रोह था लेकिन मुगल बादशाहों के आगे राम भक्त अपने आराध्य की जन्म भूमि को बंधन मुक्त कराने में सफल नहीं हो सके इतिहास में अंग्रेजी जमाने से लेकर आज तक कई संघर्ष का उदाहरण मिलता है रिपोर्ट के मुताबिक राम जन्मभूमि को बंधन मुक्त कराने के लिए तेरे लंबे संघर्ष व भक्तों के बलिदान के बाद आज उनके सपने साकार हुए 492 साल यानी कि 5 शताब्दी बाद आज राम जन्मभूमि बंधन मुक्त हो गई। त्रिपाल के बाद भगवान राम के मंदिर का आज दोपहर 12:44 के शुभ मुहूर्त पर भव्य मंदिर बनाने के लिए भूमि पूजन के बाद शिलान्यास की आधारशिला रखी। बता दे 492 साल बाद आज राम मंदिर का शिलान्यास किया गया यह पहली बार नहीं है इससे पहले आज से 30 साल 8 महीने 27 दिन पहले राम भक्तों ने अयोध्या में 9 नवंबर 1989 को राम मंदिर की आधारशिला रखी थी उस समय दलित समुदाय के कर्णेश्वर चौपाल ने नीवं की पहली ईट रखी थी। उसके बाद आज 30 साल 8 महीने 27 दिन बाद शिलान्यास का यहा दूसरा मौका है। उस समय राजनीतिक कारणों से विवाद के बाद शिलान्यास करने के बाद भगवान को तंबू में आसन दे दिया गया था। तब से लेकर आज तक भगवान राम तंबू में विराजमान थे। उनके वस्त्र से लेकर तंबू बदलने तक के लिए हाई कोर्ट से इजाजत लेनी पड़ती थी टाट के नीचे भगवान राम ने वर्षों बिताए दूसरी तरफ करोड़ों लोगों की आस्था विश्वास को लगातार धक्का लग रहा था लाखों भक्त जब राम जन्मभूमि दर्शन करने आते, वह भावुक हुए बिना नहीं रहे पाते थे करते भी तो क्या फैसला कोर्ट में था? भाईचारे की बात करने वाले लगातार अड़ंगा लगाए खड़े थे शायद उन्हें कुछ और मंदिर 2010 में हाई कोर्ट का फैसला आया मतभेद बने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए निर्मोही अखाड़े ने चुनौती दी सभी अपने-अपने दावे करते रहे अंत में जूलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया से लेकर पुरने सबूतों को मद्देनजर रखते हुए 9/11/ 2019 को सुप्रीम कोर्ट के सर्वोच्च न्यायाधीश ने निष्पक्ष फैसला दिया जिसको  सभी पक्षों ने शांतिपूर्ण मान लिया।  इस फैसले के बाद कहीं कोई तनाव नहीं देखने को मिला चारों तरफ शांति ही शांति थी, ‌ सिवाय कुछ राजनीतिक लोगों के उटपटांग बयानों को छोड़ कर जो फैसले की आग में अपनी रोटियां सेकना चाहते थे उन्होंने उकसाने की कोशिश की लेकिन समझदार जनता ने समझदारी से काम लेते हुए सच को सर्वोत्तम माना जिसके बाद तमाम त्याग बलिदान के बाद आज वो स्वप्न भी साकार हुआ जिसका हर देशवासियों को बेसब्री से इंतजार था करोड़ों लोगों की आस्था के प्रति भगवान श्री राम लला के मंदिर के शिलान्यास का कार्य आज विधिवत संपन्न होगा अब 2 साल 8 माह के अंदर भव्य राम लला की मंदिर का निर्माण होगा यानी कि 5 शताब्दियों के बाद भगवान राम उनका घर मिलेगा रामलला के मंदिर शिलान्यास के उपलक्ष में पूरे देश के अंदर हर्ष उल्लास का माहौल रहा लोगों ने शाम को पटाखों के साथ दीपक जलाकर शांतिपूर्ण तरीके से खुशी का इजहार किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भगवान श्री राम लला की मंदिर की शिलान्यास के बाद भगवान राम की जन्मभूमि के लिए हुए संघर्ष की कहानी पर एक नजर डालते हुए देशवासियों को संबोधित किया अब कुछ ऐतिहासिक तस्वीरें।

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