जालौन पुलिस का शर्मनाक कारनामा छेड़छाड़ का विरोध करने वाली तीनों लड़कियों को हवालात में डाला उरई कोतवाली के दरोगा की प्रताड़ना से परेशान तीन लड़की में से एक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, पीड़ित के आरोप के मुताबिक जबरन करवाया गया। अंतिम संस्कार, 10000 रिश्वत देने के बाद भी नहीं छोड़ा करते रहे शारीरिक उत्पीड़न।

उत्तर प्रदेश के जालौन से खाकी की प्रताड़ना की शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई मामला उरई कोतवाली का है जहां राम नगर ईदगाह निवासी कल्लू अहिरवार की लड़कियां चांद मोबाइल की दुकान पर गई। वहां पर मौजूद सोहदो ने लड़कियों के साथ छेड़छाड़ शुरू कि विरोध करने पर लड़कियों पर चोरी का आरोप लगाने लगे, लड़कियों ने शिकायत करने की बात कि तो आरोपियों ने दरोगा जी को फोन किया। आरोप के मुताबिक छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों को छोड़ते हुए दरोगा ने छेड़छाड़ की शिकार तीनों लड़कियों को पकड़कर थाने ले जाकर उन्हें 9 घंटे तक lock-up में रखा। परिजनों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को छुड़ाने के लिए पुलिस वाले ने सिफारिश के साथ बात करने पर उनसे ₹10000 मांगे उन्होंने व्यवस्था करके दी लेकिन 9 घंटे हवालात में रखने के बाद।

पुलिस प्रताड़ना दरोगा योगेश पाठक के द्वारा शारीरिक उत्पीड़न से परेशान पीड़िता ने रोते-रोते लाख मिन्नत की कि मैं बेकसूर हूं लेकिन दरोगा नहीं माने पीड़िता के पिता ने बताया कि उन्होंने कई रसूखदार लोगों से पुलिस उन्हें छोड़ने के लिए सिफारिश करवाई तब दरोगा जी ₹10000 के बदले बेटियों को छोड़ने पर राजी हुए पीड़ित पिता के मुताबिक उन्होंने अपनी बेटीयों की इज्जत बचाने के लिए किसी तरह ₹10000 की व्यवस्था कर उन्हें दिया। लेकिन पुलिस द्वारा प्रताड़ना से परेशान बेटी ने फांसी लगा ली उनकी दो बेटियों ने फंदे से लटका देख अपनी बहन को नीचे उतारा, इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय लड़की की मौत हो गयी।

पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से शिकायत करते हुए दोषी वर्दीधारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ?

पीड़ित परिवार अंतिम संस्कार ना करने की जिद पर अड़ा हंगामा करता रहा जबरन पुलिस वालों ने सिटी मजिस्ट्रेट से जांच करवाने का आश्वासन देते हुए अंतिम संस्कार करवाया।

सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाया मुद्दा पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता राशि देने के साथ जिम्मेदार योगेश पाठक पर तत्काल कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की जाए ।

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