loading...

उत्तर प्रदेश में बाल यौन शोषण अपराध के मामले के प्रकाश में आने के बाद सीबीआई की टीम ने एक्शन मोड में आते हुए 5 वर्ष से 16 वर्ष के बीच के 50 से अधिक बच्चों के यौन शोषण के मामले में उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग में तैनात एक जूनियर इंजीनियर यानी कि jE रामभवन को गिरफ्तार कर आज चित्रकूट लेकर आई जहां उसे जिला न्यायालय में बुधवार को पेश किया जाएगा| पुलिस उसे लेकर चित्रकूट के ही एक होटल में रुकी हैं जिसके बाद उसके काले कारनामों को खंगालने के लिए cbi उसे कोर्ट में पेश करने के बाद रिमांड पर लेकर दिल्ली के लिए रवाना होगी ऐसी जानकारी प्राप्त हो रही है|

बता दें कि नाबालिक बच्चों के अश्लील वीडियो अपलोड करने के मामले में सिंचाई विभाग के आरोपी जीई को 13 दिन पहले सीबीआई चित्रकूट से लेकर गई थी उस समय 3 दिन चित्रकूट में रहकर सीबीआई की टीम ने पूछताछ करते हुए सबूत जुटाने का प्रयास किया यह सब काम इतनी गोपनीयता से किया गया कि किसी को भी पूरे मामले की भनक तक नहीं लगी केवल यह पता चला था कि पूरा मामला किसी सेक्सुअल वेबसाइट पर आपत्तिजनक वीडियो अपलोड करने से संबंधित है| जिसके बाद 2 नवंबर को 8 सदस्य सीबीआई की टीम चित्रकूट आई और 3 दिन रुकने के बाद सिंचाई विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर रामभवन (45) उनके सहयोगियों को उठाया और पूछताछ के बाद दूसरे दिन छोड़ दिया इसके अलावा उनके गाड़ी चालक को भी पूछताछ के लिए उठाया गया और पूछताछ के बाद उन्हें भी छोड़ दिया गया 4 नवंबर को je को साथ लेकर प्रयागराज टीम चली गई वहां से सीबीआई ने लैपटॉप मोबाइल को कब्जे में लेकर मंगलवार को प्राप्त जानकारियों के आधार पर खुलासा किया जिसे सुनकर je के साथ रहने वाले साथियों के भी होश उड़ गए उन्हें यह जानकर बड़ी हैरानी हुई कि जिसे वह सीधा साधा कम बोलने वाला व्यक्ति समझते थे वह इतना बड़ा ढोंगी निकलेगा| सीबीआई की जानकारी के मुताबिक जूनियर इंजीनियर द्वारा काफी समय से चाइल्ड पोर्नोग्राफी के वीडियो बनाकर उसे ऑनलाइन माध्यम से अपलोड किया जाता था वह पूरा काम करीब 10 सालों से चला रहा था 50 से अधिक यौन शोषण के मामले में सीबीआई की टीम ने उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर रामभवन को गिरफ्तार किया| सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी करीब 10 साल से अधिक वक्त से मासूम बच्चों का यौन उत्पीड़न कर रहा था पुलिस को आरोपी की संबंधित स्थानों से तलाशी के दौरान करीब ₹800000 बारह मोबाइल फोन लैपटॉप विद कैमरा के साथ अन्य इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज डिवाइस यानी कि पेन ड्राइव मेमोरी कार्ड के साथ सेक्सुअल खिलौने बरामद हुई है| जानकारी के मुताबिक चित्रकूट में तैनाती के दौरान सिंचाई विभाग का जूनियर इंजीनियर अपने विभाग कि काम से अलग होकर कथित तौर पर ऑनलाइन माध्यम यानी की वेबसाइट ओपन चाइल्ड पोर्नोग्राफी की वीडियो की बिक्री करता था इस मामले की इनपुट मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने पूरे मामले की छानबीन की जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया गया था| आरोपी आसपास के जिले में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात रहने के दौरान बांदा चित्रकूट में 5 वर्ष से 16 वर्ष के बीच के बच्चों के यौन शोषण के मामलों में शामिल था व उनकी वीडियो को बनाकर मोबाइल फोन लैपटॉप इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग के बाद उन्हें ऑनलाइन माध्यमों पर बेचने का काम कर रहा था चाइल्ड पोर्नोग्राफी सामग्री की तस्वीरें अपलोड होने के बाद पूरे मामले की जांच सीबीआई द्वारा की गई पूरे मामले की गहनता से जांच के बाद आरोपी के ईमेल की जांच से सीबीआई को पता चला कि चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के साथ बच्चों के यौन शोषण की सामग्री वह बिक्री साझा करने के उद्देश्य कथित तौर पर भारतीय व अन्य विदेशी नागरिकों के संपर्क में था जिसके लिए इंटरनेट पर सोशल सामग्री के विभिन्न प्लेटफार्म के साथ साइटों का उपयोग करते हुए डार्कनेट वह फोटो नेट के साथ बच्चों की अश्लील बाल पोर्नोग्राफी की वीडियो बनाने के बाद उन्हें इंटरनेट के जरिए पोर्न साइट पर बेचने का काम करता था इसका एक बड़ा गिरोह भी सामने आ रहा है पूरे मामले में प्रसारण और साझा करण के लिए पुख्ता सबूत मिले हैं कि आरोपी dark.web का भी इस्तेमाल कर रहा था पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह इन दिनों नेतृत्व को छुपाने के लिए पीड़ित बच्चों को पैसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण समेत कई अन्य चीजें भी देखा था ताकि वह लुभे रहे और किसी से कोई भी बात साझा ना करें| सीबीआई सूत्रों के मुताबिक जूनियर इंजीनियर पहले बच्चों को फेसबुक इंस्टाग्राम जैसे सोशल साइट पर दोस्ती कर उन्हें महंगे उपहार का प्रलोभन देकर महंगे मोबाइल फोन घड़ी विदेशी चॉकलेट जैसे प्रलोभन देने के बाद जाल में फंसा था उसके बाद बच्चों का यौन शोषण करने के बाद चाइल्ड पोर्नोग्राफी इस्तेमाल करता था सीबीआई की टीम को आरोपी के पास से भारी संख्या में असली वीडियो क्लिफे बरामद हुई है कड़ाई से पूछताछ के दौरान उसने कबूल कर लिया है| सीबीआई ने पूरे मामले की गहनता से जांच के बाद पुख्ता सबूत बरामद कर लिया है कि आरोपी द्वारा बच्चों कई जिलों में 50 से अधिक नाबालिक बच्चों का यौन शोषण करने के बाद उनकी वीडियो को अपने अन्य साथियों की मदद से ऑनलाइन वेबसाइट पर बेचने की उद्देश्य से बना कर उन्हें साझा करने की भी कोशिश की है पूरे मामले को चाइल्ड पोर्नोग्राफी की नजर से देखते हुए जांच कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है बता दें इससे पहले सोनभद्र में भी चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित एक मामले में नीरज यादव नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था उस पर आरोप थे कि वह सोशल मीडिया के जरिए चलो ग्राफी की क्लिप पैसे लेकर लोगों को मुहैया करवा रहा था जिसके बाद सीबीआई ने आरोपी कब्जे से मोबाइल फोन बरामद कर सबूत बरामद की थे| इसकी जानकारी प्राप्त हुई है, जहां से इस गिरोह के सुराग बरामद हुए हैं| वही पूरे मामले पर बांदा के एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा ने बताया है कि सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर पर धारा 377 आईपीसी पोक्सो एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ है|

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here