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कानपुर पुलिस को बड़ी सफलता कानपुर पुलिस के मुताबिक क्राइम ब्रांच ने पकड़ा फर्जी आईपीएस, डीसीपी ट्रैफिक को फोन करके गाड़ी छुड़ाने के लिये बना रहा था दबाव पेशे से किदवईनगर के स्कूल में सरकारी शिक्षक के पद पर तैनात हैं आरोपी। 2014 में भी रॉ का एजेंट बनकर पहुंच गया था थाना कोतवाली कानपुर ।

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कानपुर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया- फर्जी आईपीएस बनकर डीसीपी ट्रैफिक को फोन करना एक सरकारी शिक्षक को भारी पड़ गया । शंका होने पर डीसीपी ट्रैफिक ने तुरंत क्राइम ब्रांच को जानकारी दी । क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाकर फर्जी आईपीएस को गिरफ्तार कर लिया है । उसके पास से फर्जी आईकार्ड भी बरामद हुआ है ।

आरोपी का फर्जी पहचान पत्र

पकड़े गए अभियुक्त की पहचान शंकराचार्य नगर थाना नौबस्ता निवासी आशुतोष त्रिपाठी के रूप में हुई है । आशुतोष ने बीती 16 अगस्त को डीसीपी ट्रेफिक बीबी जीटीएस मूर्ती को फ़ोन करके कहा की मैं आईपीएस बोल रहा हूं एक मेरे मिलने वाले का चालान हो गया है क्या वह निरस्त हो सकता है इस पर डीसीपी ट्रैफिक ने उसके बारे में पूछा कि आप कौन से बैच के आईपीएस हैं । तो वह स्प्ष्ट नहीं बता सका । फिर उसने कहा कि मेरे पैर में 1.5mm की गोली लगी है , नही तो मैं आपसे मिलने जरूर आता । जब डीसीपी ट्रैफिक ने गोली लगने के बारे में पूछा तो वह फिर टाल गया । इस पर उन्हें शंका हुई और उन्होंने क्राइम ब्रांच को सूचित कर दिया । क्राइम ब्रांच ने अपना नेटवर्क बिछाया और उसे दबोच लिया । पूछताछ में पता चला कि वह किदवई नगर में घनस्याम दास शिवकुमार सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सरकारी टीचर है । वह साल 2014 में भी कोतवाली थाने में रॉ एजेंट बनकर पहुंच गया था । तब भी पुलिस ने इसके पास से फर्जी आई कार्ड व मुहर बरामद की थी । क्राइम ब्रांच और नौबस्ता थाना पुलिस अभियुक्त से पूछताछ कर रही है ।

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