दिल्ली- कृषि संशोधन कानून को लेकर किसान व केंद्र सरकार के बीच तकरार कम होने का नाम नहीं ले रही। आज 3 दिसंबर को दिल्ली के विज्ञान भवन में दोपहर 12:00 बजे से केंद्र सरकार व किसानों के 41 संगठनों के बीच साडे 7 घंटे चली बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई, मीडिया से बातचीत करते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए बताया कि अगले राउंड की बातचीत 5 दिसंबर को होगी, कृषि मंत्री के मुताबिक किसान यूनियन के संगठनों से उनकी बातचीत कई मुद्दों पर सकारात्मक रही सरकार खुले मन से किसान यूनियन के साथ चर्चा कर रही है। सरकार से बातचीत विफल होने के बाद लगातार आठवें दिन किसान यूनियन का धरना जारी है। इसको लेकर दिल्ली एनसीआर समेत राजधानी को चारों तरफ से किसानों ने घेर रखा है जिसकी वजह से आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई व यातायात पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। दिल्ली की सब्जी मंडियों में सब्जी की आवक बुरी तरीके से प्रभावित हुई है फिर हाल राजधानी से सटे सभी महत्वपूर्ण बॉर्डर बंद कर सुरक्षा बल मुस्तैद है। दूसरी तरफ अन्नदाता आठवें दिन राजधानी दिल्ली की सड़कों पर डेरा डाले सरकार से अपनी मांग मानने की गुहार लगा रहे हैं, कृषि मंत्री ने बातचीत में साफ किया एमएसपी में कोई बदलाव नहीं होगा, वहीं उन्होंने किसान के मुद्दों पर चिंता का समर्थन करते हुए उसे जायज ठहराया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा-

आज किसान यूनियन के साथ भारत सरकार की चौथे चरण की चर्चा पूरी हुई। किसान यूनियन ने अपना पक्ष रखा और सरकार ने अपना पक्ष रखा, आज बहुत अच्छे वातावरण में चर्चा हुई है। किसानों ने बहुत सही से अपने विषयों को रखा है। जो बिंदु निकले हैं उन पर हम सब लोगों की लगभग सहमति बनी है, परसों बैठेंगे तो इस बात को और आगे बढ़ाएंगे।

नए कानून में इस बात का प्रवाधान है कि किसान अपनी शिकायत एसडीएम कोर्ट तक ले जा सकते हैं। किसान संगठनों का कहना है कि ये निचली अदालत है, उन्हें अदालत जाने की इजाजत होनी चाहिए। किसानों की मांग पर विचार किया जाएगा।

पिछली और आज की बैठक में कुछ मुद्दे उठाए गए हैं। किसान संगठन मुख्य रूप से इनको लेकर ही चिंतित हैं। सरकार को किसी भी बात का घमंड नहीं है। सरकार खुले दिमाग से किसानों के साथ चर्चा कर रही थी। किसानों को चिंता है कि नए कानून APMC खत्म कर देंगे।

प्रदर्शनकारी किसानों ने पराली जलाने और बिजली को लेकर कानून पर भी चिंता जाहिर की है। सरकार इन मुद्दों पर भी चर्चा के लिए तैयार हैः कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

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