राजधानी लखनऊ के भरवारा के ग्राम प्रधान रामलखन यादव के बेटे की 2 करोड 10 लाख 52 हजार चार सौ सत्तासी रुपया की सम्पत्तियों को कुर्क कर जब्त किया है। दबंग दिलीप कुमार उर्फ दीपू यादव के खिलाफ गोमतीनगर, चिनहट और गोमतीनगर विस्तार में दस मुकदमें दर्ज हैं।

लखनऊ पुलिस के मुताबिक भरवारा ग्राम प्रधान का बेटा दिलीप कुमार उर्फ दीपू जमीनी की खरीद-बिक्री का काम करता है।आरोपी ने कई प्लाट कई लोगो को बेचे थे। जिनकी रजिस्ट्री करने के बजाए दीपू ने वही प्लॉट दूसरे लोगों को बेच दिए। पुर्व क्रेता के विरोध करने पर आरोपी अपने गिरोह के साथ मिलकर मारपीट करता था। दीपू गिरोह के अन्य सदस्य के साथ जमीन खरीदने के लिए लोगों को फंसाते हैं।

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के मुताबिक लखनऊ के शातिर अपराधियों पर कड़ी कार्यवाही करते हुऐ शातिर अपराधी 28 वर्षीय दिलीप कुमार उर्फ दीप पुत्र रामलखन यादव निवासी छोटा भरवारा थाना गोमतीनगर विस्तार के विरुद्ध 14 ( 1 ) की कार्यवाही की गयी, जिसके तहत 2 करोड 10 लाख 52 हजार चार सौ सत्तासी रुपया की सम्पत्ति को कुर्क किया गया है| जिसमें अभियुक्त के एक्सिस बैंक के निजी खाता संख्या में जमा कुल 52487 / – रुपया व ग्राम भरवारा में खसरा संख्या 816 स में 2200 वर्ग फिट प्लाट कीमत 30 लाख रुपये व ग्राम भरवारा में खसरा संख्या 687 में एक बीघा जमीन कीमत 01 करोड 25 लाख रुपया व ग्राम भरवारा में मकान खसरा संख्या 958 में 1800 वर्ग फिट कीमत 55 लाख रुपये की सम्पत्ति जिसकी कुल कीमत 2 करोड 10 लाख 52 हजार चार सौ सत्तासी रुपया जो आपराधिक क्रिया कलाप के माध्यम से अर्जित की गयी थी को कुर्क किया गया हैं|

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के मुताबिकअभियुक्त दिलीप कुमार उर्फ दीपू एक कुख्यात शातिर अपराधी एवं गैंग लीडर है इसके व गैंग के सदस्यो के अपराधिक कृत्यो के कारण इसका इस कदर आम जन मानस में भय एवं आतंक व्याप्त है कि इसके (शातिर अपराधी दिलीप कुमार उर्फ दीप पुत्र रामलखन यादव) के विरुद्ध कोई भी व्यक्ति सूचना थाने या उच्चाधिकारियों को देने का साहस नाही करता है इसके व इसके गैंग के सदस्यों की आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण थाना गोमतीनगर विस्तार कमिश्नरेट लखनऊ में मु 0 अ 0 सं0-151 / 20 धारा 2/3 0 प्र 0 गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम ( 1986 ) का अपराध पंजीकृत है । इसके द्वारा अपराध करके धनोपार्जन करना एवं उक्त पैसों से सम्पत्ति अर्जित करना इसका मुख्य पेशा है ।

अभियुक्त दिलीप कुमार उर्फ दीपू यादव अब 28 वर्ष पुत्र रामलखन यादव निवासी छोटा भरवारा थाना गोमतीनगर विस्तार कमिश्नरेट लखनऊ उपरोक्त एक कुख्यात एवं शातिर किस्म का अभियुक्त है जिसका एक सुसंगठित गैंग है जिसका वह स्वयं गैंग लीडर है वह स्वयं अपने गैंग के सहअपराधियों के साथ उ 0 प्र 0 गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम , 1986 के तहत अपराधों में लिप्त रहता है वह गैंग बनाकर अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट करना , दूसरो की जमीन पर कब्जा करना लोगो से जमीनों के क्रय विक्रय व मकान निर्माण करवाने में वसूली करना , अनुसूचित जाति के लोगो पर अत्याचार व उनकी जमीन पर कब्जा कर लेना व जान से मारने की धमकी देना इसका मुख्य पेशा है । जिससे उसने धर्नोपार्जन कर उक्त सम्पत्तियों को अर्जित किया जिसका आय का कोई खोत (अन्य स्रोत) नहीं है।

दिलीप कुमार उर्फ दीप का शातिर अपराधिक व्यौरा

दिनांक 23.06.2014 को वादी के प्रा 0 पत्र के अनुसार अभियुक्त द्वारा हथियार से लैस होकर घर के अन्दर घुसकर मारने पीटने व जान से मारने की धमकी देते हुए सोने की जंजीर खींच कर भाग जाने के सम्बन्ध में थाना चिनहट लखनऊ पर मु 0 आ 0 सं 0 333/14 धारा 395/397 भादवि पंजीकृत कराया गया विवेचना से धारा 147/323/504/506 भादवि तरमीम किया गया । आरोप पत्र माननीय न्यायालय प्रेषित है ।

दिनांक 21.05.2017 को वादी प्रा 0 पत्र के अनुसार अभियुक्त द्वारा वादी से छल – कपट व अमानत में खयानत कर भूमि देने के नाम पर रूपये ले लेना व तथा उक्त भूमि को अन्य व्यक्ति को विक्रय कर देना , रूपये मांगने पर गाली गलौज व धमकी देने के सम्बन्ध में थाना गोमती नगर पर मु 0 अ 0 सं 0 676/17 धारा 406/420/504/506 भादवि का अभियोग पंजीकृत कराया गया था । आरोप पत्र माननीय न्यायालय प्रेषित है ।

जून 2020 में दीपू के खिलाफ अल्का मिश्रा ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि छोटा भरवारा में जमीन देने के बदले दिलीप ने अल्का मिश्रा से तीस लाख रुपये लिए थे। अल्का के घर आने-जाने के दौरान आरोपी उनकी बहन को भगा ले गया था। आरोप है कि दबंग दिलीप के साथ उसके पिता रामलखन, अमर सिहं यादव और कल्लू भी धोखाधड़ी में शामिल थे। जिसका मुकदमा 2017 में दर्ज हुआ था।

मो. इकरार उर्फ इकरार हुसैन, छह महीने के लिए जिला बदर

लखनऊ पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर की कोर्ट ने गुरुवार को उजरियांव निवासी मो. इकरार उर्फ इकरार हुसैन को छह महीने के लिए जिला बदर (जिला की सीमा से बहार) कर दिया।अभियोजन अधिकारी अवधेश सिंह के मुताबिक इकरार के खिलाफ साल 2019 में गोमतीनगर और इन्दिरानगर में लूट के मुकदमे दर्ज हुए थे।

जिन पर सुनवाई करते हुए पुलिस कमिश्नर ने आरोपी के छह महीने तक जिले की सीमा में दाखिल होने पर रोक लगा जिला से बहर कर दिया है।

विशाल गुप्ता की रिपोर्ट

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