लखनऊ पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर गिरधारी उर्फ डॉक्टर को पुलिस ने सोमवार तड़के इनकाउंटर में मार गिराया, एनकाउंटर के दौरान सब इंस्पेक्टर उस्मानी की नाक पर चोट लगी है जबकि सीनियर सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार के दाहिने हाथ को छुते हुए गोली निकल गई है इंस्पेक्टर विभूति खंड चंद शेखर की बुलेट प्रूफ जैकेट पर गोली लगी है।

6 जनवरी को लखनऊ में पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर गिरधारी फरार हो गया था जिसे 11 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने अवैध पिस्टल के साथ नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था जिसके बाद पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड की पोल खोलने के लिए 13 फरवरी से 16 फरवरी तक के लिए गिरधारी को लखनऊ पुलिस ने कस्टडी पर ले रखा था।

लखनऊ पुलिस के मुताबिक पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए सोमवार तड़के 3:00 बजे असलहा बरामद के लिए शूटर गिरधारी को विभूति खंड पुलिस ने विभूति खंड के खड़कपुर इलाके की तरफ ले जा रही थी। खड़कपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास पुलिस की टीम गाड़ी से उतर रही थी इसी दौरान गिरधारी ने इंस्पेक्टर अफ्तार उस्मानी की नाक पर जोरदार टक्कर मारकर उन्हें जमीन पर गिरा, पिस्टल लेकर भागने लगा इस दौरान हुई, घटना से पुलिस सकते में आ गई। टीम में शामिल सब इंस्पेक्टर अनिल के साथ अन्य ने फायरिंग करते हुए पीछा किया इस दौरान वह झाड़ियों की तरफ भागा। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देकर अतिरिक्त पुलिस बल मंगवा कर गिरधारी की घेराबंदी करते हुए, उससे झाड़ियों में छिपे होने के दौरान बार-बार सरेंडर करने के लिए कहा गया। लेकिन उसने सिलेंडर करने के बजाय जवाब में गोलियां चलाई। इस दौरान पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में गोलीयां चलायी। जिसमें से एक गोली लगने की वजह से गिरधारी चिल्लाकर जमीन पर गिर पड़ा, जब पुलिस टीम उसके पास गई तो वह जिंदा था। उसे तत्काल लोहिया हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां पर ले जाने के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

लखनऊ पुलिस ने बताया कि अजीत सिंह हत्याकांड में इस्तेमाल असलहे की बरामदगी के लिए ले जाते समय गिरधारी उर्फ डॉक्टर (कन्हैया) ने भागने की कोशिश की इस दौरान वो पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है।।

लेटेस्ट अपडेट से तत्काल अवगत कराया जाएगा,

विशाल गुप्ता की रिपोर्ट

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