loading...

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी पूर्वी कि क्राइम ब्रांच में तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानपुर कमिश्नरी के काकादेव थाने में 40,00,000 डकैती समेत घर में दबिश के दौरान कीमती सामान यानी जेवरात लूटपाट का सनसनीखेज मामले में कोर्ट के आदेश पर लखनऊ के डीसीपी ईस्ट की क्राइम ब्रांच में शामिल आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज किया गया है आरोप के मुताबिक बीते 24 जनवरी को तत्कालीन लखनऊ डीसीपी ईस्ट संजीव सुमन की टीम ने गोमती नगर विस्तार से क्रिकेट मैच में ऑनलाइन सट्टा खिलाने के आरोप में कानपुर के काकादेव के रहने वाले मयंक सिंह और मयंक के मामा दुर्गेश सिंह उनके दोस्त आकाश गोयल और कोचिंग संचालक शहजाद अहमद को गिरफ्तार कर गोमती नगर विस्तार में मुकदमा संख्या 35/2021 दर्ज करके 26 जनवरी 2021 सभी 4 आरोपियों को जेल भेजा था। पुलिस ने उस समय खुलासा किया था कि ऑनलाइन सट्टा का नेटवर्क लखनऊ से लेकर कानपुर तक फैला हुआ है।

मयंक सिंह के जेल से छूटने के बाद हुआ खुलासा

loading...

जेल से छूटने के बाद मयंक सिंह ने तत्कालीन डीएसपी लखनऊ पूर्वी वर्तमान लखीमपुर एसएसपी संजीव सुमन की क्राइम ब्रांच पर डकैती का मुकदमा लिखने के लिए कोर्ट का रुख किया कोर्ट के आदेश के बाद कानपुर के काकादेव थाने में क्राइम ब्रांच टीम प्रभारी सब इंस्पेक्टर रजनीश वर्मा, देवकीनंदन, संदीप शर्मा, नरेंद्र बहादुर सिंह, रामनिवास शुक्ला, आनंद मणि सिंह, अमित लखेरा और रिंकू सिंह समेत आठ पर 40 लाख की डकैती लूटपाट की धाराओं में एफ आई आर दर्ज की गई है।

क्या है पूरा मामला

कानपुर नगर के शास्त्री नगर के रहने वाले मयंक सिंह लखनऊ में रहकर बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं मयंक के मुताबिक 24 जनवरी 2021 की शाम को वह अपनी दोस्त आकाश गोयल और जमशेद के साथ काकादेव में चाय पी और चाय पीने के बाद मयंक और आकाश महाशय घर के लिए चले गए इसी दरमियान डबल पुलिया के पास यूपी 32 एलई 2282 नंबर की एक स्विफ्ट डिजायर कार और एक नीले रंग की टाटा सोमो जिसका नंबर अज्ञात है वहां पर आकर रुकी जिसमें डीसीपी ईस्ट (लखनऊ) के साथ क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मी मौजूद थे इसी बीच उन्होंने मयंक और आकाश गोयल को कार में जबरन उठा ले गए जिसके बाद लखनऊ के कैंट थाने में मारपीट कर हजरतगंज से मयंक के मामा दुर्गेश के घर जाकर उन्हें भी उठा लिया फिर कोचिंग संचालक शमशाद को लेकर कैंट थाने में लाने के बाद टॉर्चर कर के 25 जनवरी के सुबह करीब 3:30 बजे सभी को लेकर पुलिस वाले मयंक के घर छापा मारने के लिए ले जाते हैं इसी दरमियान घर में रखे 30000 की नगदी और एक हार का सेट सिर लेकर पुलिस वाले लखनऊ के लिए चले जाते हैं।

घर में डाका डालने के बाद मयंक को छोड़ने के लिए, पुलिस वालों ने मांगे एक करोड़

loading...

पीड़ितों के मुताबिक घर में कीमती सामान छापेमारी के नाम पर लूटने के बाद पुलिस वालों ने मयंक को छोड़ने के बदले एक करोड़ रुपए की डिमांड की जिसके बाद बात 40 लाख रुपए में तय हुई उसी दिन सुबह परमट चौराहे पर पुलिसकर्मी दुर्गा सिंह के बड़े भाई और मयंक के मामा विक्रम सिंह से 40 लाख रुपए लेने के लखनऊ पुलिस की टीम शमशाद अहमद की फरचूनर से कानपुर पहुंची और सिपाही आनंद मणि ने उतर कर ₹40 लाख से भरा बैग लेकर वापस कैंट थाने पहुंच गई। पीड़ित के आरोप के मुताबिक जब इसकी उन्होंने शिकायत तत्कालीन डीआईजी प्रीतिंदर सिंह सेठी तो इसकी भनक लगते ही आरोपी पुलिसकर्मियों ने साजिश बुनकर दुर्गा सिंह महेंद्र सिंह शमशाद अहमद मुस्तक और आकाश गोयल पर गोमती नगर थाने में सट्टा यानी जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके 23 लाख की रिकवरी दिखाते हुए 26 जनवरी 2021 को चारों आरोपियों को जेल भेज देते हैं।

कैसे हुई पुलिसकर्मियों पर एफ आई आर की कार्यवाही

जेल से छूटने के बाद मयंक सिंह ने इस मामले में एफ आई आर दर्ज कराने के लिए थाने गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई जिसके बाद उन्होंने कोर्ट में गुहार लगाई कोर्ट के आदेश पर कानपुर के काकादेव थाने में लखनऊ के 8 पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती का मुकदमा दर्ज कर इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने दरोगा रजनीश वर्मा सिपाही देवकीनंदन संदीप शर्मा नरेंद्र बहादुर सिंह रामनिवास शुक्ला आनंद मणि सिंह अमित खेड़ा व रिंकू सिंह पर डकैती धमकी देने गाली गलौज करने समेत अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल इस मामले में लखनऊ पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर का कहना है कि मुकदमा दर्ज हुआ है विवेचना में साफ होगा कि पुलिसकर्मी दोषी हैं या नहीं जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्यवाही होगी। बता दे पूरे मामले में एफ आई आर दर्ज होने के बाद काकादेव इंस्पेक्टर ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

loading...

ऑनलाइन सट्टा खिलाने के आरोप में पुलिस ने की थी गिरफ्तारी

21 जनवरी 2021 को लखनऊ के डीसीपी ईस्ट रहे संजीव सुमन की टीम ने गोमती नगर विस्तार से क्रिकेट मैच में सट्टा खिलाने के आरोप में कानपुर के काका देव के रहने वाले मयंक व उनके दोस्तों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था उन पर आरोप लगाया था कि यह सभी मिलकर क्रिकेट मैच में सट्टा लगाने का अपने गिरोह के साथ कार्य करते हैं इनका गिरोह लखनऊ से लेकर कानपुर तक फैलाया एक बहुत बड़ा नेटवर्क है।

लखनऊ से विशाल गुप्ता की रिपोर्ट

loading...