लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाते हुए 24 घंटे के अंदर प्रयागराज के एसएसपी अभिषेक दिक्षित के बाद अब महोबा के पुलिस कप्तान मणिलाल पाटीदार समेत 2 आईपीएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

लगातार दूसरे दिन 24 घंटे के अंदर लगातार दूसरे दिन अपराध व भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बाद सुबे के नौकरशाहों में हड़कंप मचा हुआ है। पूरे मामले पर अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने बयान जारी कर बताया मणिलाल पाटीदार द्वारा गिट्टी परिवहन में लगी गाड़ियों के चालान है अवैध रूप से धन की मांग की गई थी जिसे पूरा न किए जाने पर वाहन स्वामी का पुलिस के माध्यम से उत्पीड़न किया गया। जिसकी शिकायत के बाद पूरे भ्रष्टाचार के मामले में उस पर सख्त कार्रवाई की गई है।

इस संबंध में आप लेटर पढ़कर पूरा मामला समझ सकते हैं। महोबा में मणिलाल पाटीदार के स्थान पर लखनऊ के अरुण कुमार श्रीवास्तव को नियुक्त किया गया है।

महोबा के पुलिस कप्तान मणिलाल पाटीदार पर परिवहन में गाड़ी द्वारा अवैध वसूली करने के मामले का संज्ञान लेते हुए

सीएम योगी ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को उन पर कार्रवाई की इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के शशि अभिषेक दिक्षित पर भ्रष्टाचार व प्रार्थना रूप पानी के मामले में कार्रवाई करते हुए तत्काल सस्पेंड किया था उन पर भ्रष्टाचार के साथ ही पुलिस मुख्यालय के निर्देशों का अनुपालन न करने के लिए गंभीर आरोप लगे थे एसपी पर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने समेत कई गंभीर आरोप लगे थे 17 जून को पीलीभीत से उनका तबादला हुआ जिसके बाद उन्हें प्रयागराज में नियुक्त कर दिया अब उनके बजाय सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी को नियुक्त किया गया है।

भ्रष्टाचार लापरवाही व कानून व्यवस्था को लेकर कई आईपीएस अधिकारियों पर कर चुकी है गाज

बता दिए कानून व्यवस्था को लेकर यह कोई पहला मामला नहीं है जब आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है इससे पहले प्रयागराज के एसएसपी अभिषेक दिक्षित, महोबा के एसपी मणिलाल पाटीदार, दिनेश चंद्र दुबे, अतुल शर्मा, अरविंद सेन, एन कोलांची, वैभव कृष्ण, डॉक्टर सतीश कुमार व सुभाष चंद दुबे समेत अलग-अलग कारणों के चलते कई आईपीएस अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं।

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