माले में सैनिक विद्रोह के बाद तख्तापलट के चलते राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देकर मौजूद संसद को भंग कर दिया है।

बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति ने हिरासत में बंदूक की नोक पर ले जाने के बाद मजबूरी में अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि हुए सत्ता में बने रहने के लिए खून खराबा नहीं चाहते बात दे केइता 2018 में दूसरी बार चुने गए थे। लेकिन देश के अंदर भ्रष्टाचार अर्थव्यवस्था में कुप्रबंधन और संप्रदायिक हिंसा में बढ़ोतरी के चलते जनता के बीच भारी रोष के बाद यह विद्रोह भड़का।

जिसके बाद माली में मंगलवार को विद्रोही सैनिकों ने राजधानी के कई वरिष्ठ नागरिक और सैन्य अधिकारियों को अपने कब्जे में लेकर ठिकाने पर ले गए, जिसके बाद राष्ट्रपति भवन को घेरकर राष्ट्रपति को बंदूक की नोक लेकर विद्रोही सैनिकों नेट सेंटर स्क्वायर पर जश्न मनाया, जानकारी के मुताबिक अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। कि इस विद्रोह में कितने सैनिक शामिल थे वहीं सेना के प्रवक्ता ने राजधानी के 15 किलोमीटर की दूरी पर कुट्टी सेना के अड्डे पर गोलीबारी की पुष्टि की, लेकिन इसके बारे में पुख्ता जानकारी नहीं दी बता दे, 2012 में कुट्टी बेस पर विद्रोह के कारण तख्तापलट हुआ था जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति आमौद तौमनी तौरे को सत्ता से बेदखल होना पड़ा था।

इस्तीफा देते हुए माली के राष्ट्रपति क्रेडिट सोशल मीडिया

माली में तख्तापलट के बीच राष्ट्रपति कीटा ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए संसद को भंग कर दिया है। विद्रोह के दौरान राष्ट्रपति भवन में विद्रोही सैनिकों ने कब्जा करने के बाद हथियार के बल पर राष्ट्रपति कीटा और प्रधानमंत्री बौबोई सिक्के को हिरासत में लेकर बंदूक की नोक पर इस्तीफा लिया है। पूरे मामले में यूएन के चीफ ने माली के राष्ट्रपति को बिना किसी शर्त रिहा करने की मांग की है बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में माली को लेकर आपातकाल बैठक होनी है यूरोपियन यूनियन ने तख्तापलट की कोशिश की निंदा की है।

बता दे राष्ट्रपति के खिलाफ लंबे समय से लोगों में नाराजगी थी मंगलवार देर रात राजधानी बामको विद्रोही सैनिकों ने बड़े पैमाने पर फायरिंग के साथ राष्ट्रपति निवास व प्रधानमंत्री हाउस को घेरकर उन्हें हिरासत में लेकर बंधक बना लिया इस समय वहां की स्थिति में उथल-पुथल का माहौल बना हुआ है राष्ट्रपति के खिलाफ लगातार लंबे समय के बाद उन्हें प्रदर्शन भी अभी थमने का नाम नहीं ले रहे वहां की स्थिति हिंसक नजर आ रही है जानकारी के मुताबिक सैनिक मिलिट्री अधिकारियों को भी बंधक बना लिया देखते ही देखते पूरे शहर में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी सड़क पर निकल आए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों मालिक के न्याय मंत्री के घर में आग लगा दी।

इस्तीफा देते हुए माली के राष्ट्रपति क्रेडिट सोशल मीडिया

‌ मालिक राष्ट्रपति ने कहा हम खून खराबा नहीं चाहते इसलिए मैं पद से इस्तीफा दे रहा हूं फिर हाल मालिक कमान अपने हाथों में है यह भी साफ नहीं है वहीं पश्चिम अफ्रीकी देश के कई देशों ने इस घटनाक्रम का खुला विरोध करते हुए आलोचना की है कभी फ्रांस के उपनिवेश रहे माली ने 2012 में भी वर्तमान राष्ट्रपति का तख्तापलट हुआ था इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए इनके सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से आज दोपहर आपात बैठक बुलाई गई है जिसमें माली के हालात पर चर्चा की जाएगी इस सत्र को फ्रांस की ओर से बुलाने की मांग की गई, माली की स्थिति पर यूएन के सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटारेस ने कहा तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को रिहा किए जाने की मांग करते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here