भारत के पड़ोसी देश एकमात्र हिंदू राष्ट्र नेपाल में राजनीतिक संकट फिरहाल गहराता जा रहा है राजनीतिक उठापटक ने अब नई दिशा ली है प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को बड़ा झटका देते हुए राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने बीच में बड़ा कदम उठाते हुए वहां की प्रतिनिधि सभा यानी संसद को भंग कर मौजूद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और विपक्षी दल दोनों को झटका देते हुए उस समय संसद भंग कर दी है जब दोनों दलों के सांसदों ने अपने हस्ताक्षर वाला पत्र राष्ट्रपति को सौफ कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था इसके बाद राजनीतिक गेंद राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी के पाले में थी मगर राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने दोनों के दावों को खारिज कर नेपाल में कोविड-19 के प्रोटोकॉल के मध्य मध्यवर्ती चुनाव का ऐलान कर दिया। चुनाव 12 और 19 नवंबर को नेपाल में मध्यवर्ती चुनाव होने हैं।

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