हरियाणा के बल्लभगढ़ में बहुत चर्चित निकिता तोमर हत्या कांड मामले में फरीदाबाद की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 3 आरोपियों में से दो आरोपीओ को दोषी ठहराते हुए 26 मार्च को पूरे मामले में दोषियों को सजा सुनाने का ऐलान किया है। जबकि पिस्टल सप्लाई करने वाला तीसरे आरोपी बदरुद्दीन को कोर्ट से बरी कर दिया गया है। 26 अक्टूबर 2020 को धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर बल्लभगढ़ के अग्रवाल कॉलेज में वी0कॉम फाइनल ईयर की छात्रा निकिता तोमर की स्कूल के गेट के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिसका सीसीटीवी फुटेज –

दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद जिले में पिछले साल 26 अक्टूबर 2020 को बल्लभगढ़ के अग्रवाल कॉलेज के बाहर 21 वर्षीय छात्र निकिता तोमर को आरोपी तौसीफ ने गाड़ी में खींचने की कोशिश की। लेकिन जब वह तैयार नहीं हुई, उसके भाई को आता देख उसकी (छात्रा) की तत्काल गोली मारकर हत्या करने के बाद आरोपी तौसीफ व अन्य आरोपी मोहम्मद रेहान मौके पर से फरार हो गए।

लेकिन यह पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो। गई जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुई, अब निकिता तोमर हत्याकांड पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में कार्यवाही के बाद बुधवार 24 मार्च को कोर्ट ने तौसीफ और रेहान को दोषी करार देते हुए, उनकी सजा पर फैसला 26 मार्च को सुनाएगी है। पूरे मामले में तौसीफ को हथियार सप्लाई करने वाले अजहरुद्दीन को कोर्ट ने बरी कर दिया है।

क्या है पूरा मामला

पिछले वर्ष यानी अक्टूबर 2020 में राजधानी दिल्ली से सटे फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में अग्रवाल कॉलेज के गेट के बाहर टॉपर बीकॉम फाइनल ईयर की 21 वर्षीय छात्रा अंकिता तोमर का पहले से गेट पर इंतजार कर रहे दो आरोपी तौसीफ वह मोहम्मद रेहान पहले बातचीत करते हुए। उसे कार में खींचने की कोशिश करते हैं…… लेकिन जब वह असफल हो जाते हैं लड़की जाने से इंकार कर देती है तू दरिंदे उसी जगह पर छात्रा निकिता तोमर को उसी जगह गोली मार हत्या के बाद घटनास्थल से फरार हो जाते हैं।

यह घटना सीसीटीवी में कैद हो जाती है जिसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से माहौल गर्म हो जाता है। पीड़िता के परिजन बताते हैं कि तौसीफ ने एक बार उनकी बेटी का अपहरण किया था। उस समय के बाद से वह लगातार उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था 3 साल पहले उसने निकिता का अपहरण किया, इस संबंध में दोनों के बीच पंचों के माध्यम से फैसला हुआ था। लेकिन तौसीफ ने दोबारा भी लड़की से संपर्क करने का प्रयास किया। निकिता के बार-बार इनकार करने यानी मुस्लिम बनकर निकाह ना करने के तैयार होने पर उसने उसे गोली मार दी। मृतका से एक माह पहले भी तौसिफ ने बार-बार छेड़खानी करते हुए परेशान किया था, जिसकी थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई गई थी। लेकिन सामाजिक दबाव के चलते निकिता के परिवार ने लड़की की बेइज्जती ना हो इस वजह से मामला भी वापस ले लिया था। जिसके बाद आरोपी के हौसले और बुलंद हो गए, अब वह सरेआम लड़की को परेशान करने लगा, वह उसे इस्लाम स्वीकार करने का दबाव बनाने लगा। बरहाल पूरी वारदात के बाद पुलिस ने तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज कर कोर्ट को सबूत उपलब्ध कराएं।

‌ (दोषी करार होने के बाद जाते हुए आरोपी)

जिसके बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बुधवार 24 मार्च को आरोपी तौसीफ और रिहान को दोषी करार देते हुए शुक्रवार 26 मार्च को उनकी सजा का फैसला सुनाएंगी।

क्या है पूरा निकिता तोमर हत्याकांड, अक्टूबर 2018 की इस पुरानी खबर को पढ़कर समझने की कोशिश करिएगा-

फरीदाबाद एक तरफा प्यार में बीकॉम फाइनल की छात्रा का अपहरण करने में विफल हुआ तौसीफ, तो सरेआम मार दी गोली, गिरफ्तार

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