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दक्षिण अफ्रीका से आया कोविड-19 का खतरनाक ओमिक्रोन वैरीअंट B.1.1.529 से कर्नाटक में दो संक्रमित पाए गए हैं जिसकी स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार कर जानकारी दी। बता दे स्वास्थ्य मंत्रालय जानकारी देते हुए बताया कि दुनिया का सबसे खतरनाक वैरीअंट तेजी से फैल रहा है और अब दुनिया के 29 देशों में इस खतरनाक वैरीअंट के 373 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं भारत की बात की जाए तो पिछले 24 घंटे में कोरोना के ओमिक्रोन वैरीअंट के कर्नाटक में 2 मामलों की पुष्टि हुई है।

सबसे अधिक खतरनाक यानी म्यूटेशन वाला बहरूपिया वायरस पल-पल बदल रहा है रूप

बता दे कोविड-19 का बदला हुआ लेटेस्ट वेरिएंट यानी ओमिक्रोन पल-पल अपना रूप बदल रहा है या वैरीअंट डेल्टा वैरीअंट की तुलना में बहुत अधिक घातक है अनुवांशिक संरचना में कुल 53 म्यूटेशन और और इसके स्पाइक प्रोटीन पर 32 म्यूटेशन इसे कोरोना के सबसे घातक वेरिएंट में से एक बनाता है। फिलहाल इसकी खतरनाक स्तर को जांचने के लिए लगातार वैज्ञानिकों की टीम में अलग-अलग देशों में लगी हुई है क्या यह वैरीअंट कोविड-19 वैक्सीन को चकमा देने में सक्षम है ? इस बात की भी जांच की जा रही है।

ओमिक्रोन से दोनों संक्रमित एक दूसरे से जुड़े नहीं, एक 46 वर्षीय स्वास्थ्य कर्मी के वैक्सीन की दोनों डोज लगी, तो दूसरे ने एक खुराक ली

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सबसे चौंकाने वाली बात है कि कोविड-19 के ओमिक्रोन वैरीअंट से संक्रमित दोनों मामले कर्नाटक राज्य से संबंधित है बता दे बेंगलुरु में एक संक्रमित युवक ने वैक्सिंग की दोनों दो जिला वाली है जबकि दूसरे ने वैक्सीन की एक डोज यानी पहली खुराक के लिए है दोनों संक्रमित मामले अलग-अलग है यानी कि एक दूसरे से जुड़े हुए बिल्कुल नहीं है एक संक्रमित की उम्र 66 वर्ष है तो दूसरे संक्रमित की उम्र 46 साल है 66 साल का संक्रमित व्यक्ति दक्षिण अफ्रीकी नागरिक है जिसने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका की यात्रा की थी जबकि दूसरा संक्रमित एक स्वास्थ्य कर्मी आनी डॉक्टर है दोनों का ही एक अस्पताल में 22 नवंबर को टेस्ट हुआ था जिसके बाद हल्के संक्रमण के लक्षण पाए जाने के बाद उन्हें एक होटल के कमरे में आइसोलेट कर दिया गया है ।

बता दे 66 वर्षीय अफ्रीकी नागरिक 20 नवंबर को बेंगलुरू पहुंचा तो उसे एक होटल में आइसोलेट किया गया था सूत्रों की जानकारी के मुताबिक उसके संपर्क में आए 24 लोग जबकि 240 लोग उसके संपर्क में आए लोगों के संपर्क में आए थे सब की जांच की गई सभी नेगेटिव पाए गए हैं। हाई रिस्क जोन से आए नागरिक के पॉजिटिव पाए जाने के बाद 22 नवंबर को उसके सैंपल को जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भिजवा दिया गया था जिसमें इस खतरनाक वैरिंट की पुष्टि हुई है जबकि दूसरा व्यक्ति बेंगलुरु का ही रहने वाला 45 वर्षीय स्वास्थ्य कर्मी है उसे वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है जिसे सुरक्षा की दृष्टि से सरकारी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है उसके संपर्क में आए सभी 13 लोगों की जांच की गई जिनमें से तीन लोग पॉजिटिव पाए गए हैं और 205 उसके संपर्क में आए लोगों के संपर्क में 205 लोगों की जांच की गई जिनमें से 2 संक्रमित पाए गए हैं।

विशाल गुप्ता की रिपोर्ट

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