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कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच हमारा देश किस तरह अक्सीजन की कमी से जूझ रहा था जमीन स्तर पर ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए लंबी लंबी लाइन लगी थी सभी तिमानदार अपने-अपने मरीज के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था कहीं से.. किसी तरह जुगाड़ करने की कोशिश में लग कर अपने मरीज को बचाने की कोशिश कर रहे थे ऑक्सीजन ना मिलने की वजह से कितने परिजनों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, यह कहना मुश्किल है दूसरी तरफ सरकार प्रशासन द्वारा कोविड-19 से हुई मौतों को छिपाए जाने की लाख कोशिश करते हुए सब ठीक होने का दावा किया जाता रहा.. जमीनी हकीकत से आप बखूबी परिचित होंगे इतना बताने की जरूरत नहीं है आपको बता दें कोविड-19 में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों की तुलना इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नरसंहार से करते हुई सरकार की आलोचना की थी दूसरी तरफ सरकारी एडिट में बड़ा खेल करते हुए जमीनी हकीकत से खेला कर दिया गया है। वही मोदी सरकार ने पीडब्ल्यूडी मंत्री नितिन गडकरी ने भी कोविड-19 में ऑक्सीजन की कमी से हो रही मौतों को स्वीकारते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया था।

राज्यसभा में केंद्र सरकार यानी मोदी सरकार ने कहा, ऑक्सीजन की कमी से भारत की सीमा में किसी की मौत होने की जानकारी नहीं हुई..

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कोविड-19 से हुई मौतों को शुरू से ही छिपाया जा रहा था लेकिन सबसे बड़ा खेल आज भारतीय लोकतंत्र के स्थानीय सदन यानी राज्यसभा में हुआ जब कर्नाटक कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने राज्य सभा में सरकार से सवाल पूछा.. कि क्या यह बात सही है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से लोगों की मौतें हुई ?

इस सवाल का राज्यसभा में केंद्र सरकार की तरफ से चौकआते हुए जवाब दे बताया गया की “एक भी आदमी की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई है” यानी इसका मतलब हुआ कि केंद्र की मोदी सरकार ने राज्यसभा में सफेद झूठ बोलते हुए है बताया कि ऑक्सीजन की कमी से कोरोना कि दूसरी लहर में कोई कहीं नहीं मारा, सरकार की इस जब आपको सच मानकर आप अपने पास पड़ोस में कोरोनावायरस के समय पीड़ा झेल रहे लोगों व जो इस दुनिया में नहीं है के परिजनों से जानकारी प्राप्त कर इसकी असलियत खुद जान सकते हैं कि कितनों की ऑक्सीजन न मिलने की वजह से मौत हो गई ?

राज्यसभा में सरकार का पक्ष…. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग राज्य सभा

अतारांकित प्रश्न संख्या 243 जिसका उत्तर 20 जुलाई, 2021 को दिया जाना है,

महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की तीव्र कमी। 243 श्री वेणुगोपाल: क्या स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:
(क) क्या यह सच है कि दूसरी लहर में ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण सड़कों और अस्पतालों में बड़ी संख्या में कोविड-19 रोगियों की मृत्यु हुई;

(ख) पिछले तीन महीनों के दौरान राज्यों द्वारा ऑक्सीजन की कुल मांग और आपूर्ति की गई कुल ऑक्सीजन, राज्य-वार कितनी है; और

(ग) सरकार ने क्या कदम उठाए हैं ताकि देश में ऑक्सीजन की कमी न हो क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि तीसरी लहर भी आ सकती है जिसमें बड़ी संख्या में रोगियों को ऑक्सीजन की आवश्यकता होगी? उत्तर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री (डॉ. भारती प्रवीण पवार)

(क): स्वास्थ्य राज्य का विषय है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को मौतों की रिपोर्टिंग के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। तदनुसार, सभी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश नियमित आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को मामलों और मौतों की रिपोर्ट करते हैं। हालांकि, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा विशेष रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी भी मौत की सूचना नहीं दी गई है। हालाँकि, भारत सरकार ने राज्यों का समर्थन किया है और अप्रैल-मई 2021 के दौरान देश में COVID-19 प्रक्षेपवक्र के तेजी से बढ़ने के मद्देनजर COVID-19 रोगियों की नैदानिक देखभाल सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा ऑक्सीजन, और अन्य उपभोग्य सामग्रियों सहित कई कार्रवाई की है।

(बी): अस्पतालों को चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति संबंधित अस्पताल और चिकित्सा ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता के बीच संविदात्मक व्यवस्था द्वारा निर्धारित की जाती है। हालांकि, दूसरी लहर के दौरान मेडिकल ऑक्सीजन की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि के कारण देश में मांग लगभग 9000 मीट्रिक टन तक पहुंच गई, जबकि पहली लहर के दौरान 3095 मीट्रिक टन की तुलना में केंद्र सरकार को राज्यों को समान वितरण की सुविधा के लिए कदम उठाना पड़ा। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों और सभी हितधारकों जैसे कि संबंधित मंत्रालयों, तरल ऑक्सीजन के निर्माताओं/आपूर्तिकर्ताओं आदि के परामर्श से चिकित्सा ऑक्सीजन के आवंटन के लिए एक गतिशील और पारदर्शी ढांचा तैयार किया गया था।

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केंद्र सरकार द्वारा राज्य सभा में बताया गया है कि कोरोना की दूसरी लहर के समय देश में ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत की जानकारी राज्यों की सरकारों की ओर से नहीं दी गई है वहीं केंद्र सरकार ने यह बात मानी कि कोरोना कि पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में ऑक्सीजन की मांग काफी बढ़ गई। लेकिन सरकार ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान देश के कई हिस्सों में ऑक्सीजन की भारी कमी के बावजूद कोविड-19 मरीजों की ऑक्सीजन की कमी से मौत होने की जानकारी नहीं होने की जानकारी दी है इससे एक बात साफ है कि देश के अंदर क्या हो रहा है या तो सरकार उसके बारे में जानना नहीं चाहती है।

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या फिर…. क्या फिर सरकार कोविड-19 का सबकुछ छिपाकर, अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना का फार्मूला अपना रही है ?

राहुल गांधी ने सरकार पर बोला हमला कहा सरकार में संवेदनशीलता की भारी कमी, विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगी कांग्रेश ?

बता दे स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई इस तथ्य विहीन जानकारी को लेकर कांग्रेश सांसद व हाईकमान राहुल गांधी ने कहा.. इस रिपोर्ट को लेकर कांग्रेश विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की तैयारी में है कर्नाटक से कांग्रेसी सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वह स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडावरिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएंगे उन्होंने कहा… मैं इस बात से हैरान हूं कि सरकार कह रही है कि ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई इस गलत सूचना को देकर उन्होंने सदन को गुमराह किया है उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएंगे।

विशाल गुप्ता की रिपोर्ट…

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