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भारत का पड़ोसी आतंकवादियों का सुरक्षित पनाहगाह पाकिस्तान लाख कोशिशों के बावजूद फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी फाटा की ग्रे सूची से बाहर निकलने में असफल हो गया है वही FATF की नई सूची में पाकिस्तान के बेहद करीबी तुर्की समेत 3 देशों को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने ग्रे सूची में शामिल किया है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने तुर्की, जॉर्डन, माली को ग्रे सूची में डाल दिया है यह सभी FATF के साथ एक कार्य योजना पर सहमत हुए हैं।

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फाइनेंस इलेक्शन टास्क फोर्स की ग्रे सूची से मॉरीशस व बोत्सवाना को ग्रे सूची से बाहर करने की घोषणा करते हुए FATF के अध्यक्ष मार्कस प्लेयर ने बताया कि पाकिस्तान अभी भी ग्रे सूची में बरकरार है। क्योंकि पाकिस्तान ने 34 सूत्री कार्यक्रम में से 30 पर काम किया है।

क्यों अभी भी FATF की ग्रे सूची में बरकरार है पाकिस्तान

बता दे जून में भी पाकिस्तान फाट्फ की ग्रे सूची में बरकरार रहा था पाकिस्तान काले धन पर रोक नहीं लगाने आतंकवाद को फंडिंग करने वाले संगठनों पर लगाम लगाने पर असफल रहने हवाला पर कार्यवाही ना करने के साथ ही पाकिस्तान में आतंकी हाफिज सईद और मौलाना मसूद अजहर जैसे कुख्यात आतंकवादियों के खिलाफ जांच करने और उन पर समय से मुकदमा ना चलाने के चलते फाट्रफ की गृह सूची में बरकरार रखा गया है। यानी सीधे शब्दों में कहें तो पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों के साथ आतंकवादियों पर कार्यवाही करने में नाकाम रहा वही मनी लांड्रिंग और फंडिंग को लगातार नियंत्रित न कर पाने के चलते पाकिस्तान जैसे देशों को से टैक्स हैवंस अभी करार दिया गया है।

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