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कानपुर से दो मित्रों के साथ गोरखपुर घूमने गए प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की होटल की चेकिंग करने गई पुलिस की कार्रवाई के बाद संदिग्ध मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक जांच के दरमियान फर्श पर गिर जाने की वजह से मनीष की मौत हो गई। जबकि मनीष के परिजनों के मुताबिक कमरे की जांच करने आई पुलिस बदसलूकी के साथ गालियां दे रही थी जिसका विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने मनीष को पीट-पीट कर मार डाला। पुलिस ने फौरी कार्रवाई करते हुए 6 को सस्पेंड किया है। कई जांच रिपोर्ट का इंतजार

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उत्तर प्रदेश कानपुर के रियल एस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता दोस्तों संग गोरखपुर घूमने का सपना लेकर गोरखपुर पहुंचे यहां के रामगढ़ताला इलाके के तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस के कमरे नंबर 512 में हरियाणा व गुड़गांव के दो मित्रों के साथ मनीष रुके। इसी दरमियान सोमवार की रात करीब 12:00 बजे पुलिस होटल चेकिंग के लिए निकली थाने से कुछ ही दूरी पर स्थित होटल के कमरा नंबर 512 पर पहुंची जहां कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र के जनता नगर निवासी मनीष गुप्ता अपने हरियाणा के मेवात जिले के जूही निवासी हरवीर सिंह गुड़गांव के सेक्टर 48 में रहने वाले प्रदीप कुमार के साथ ठहरे हुए थे इस बीच गोरखपुर पुलिस ने होटल में घुसते ही मैनेजर अभिनंदन से होटल में ठहरे लोगों की जानकारी लेकर मनीष के कमरे को खुलवाया।

थ्योरी नंबर-1
पुलिस के मुताबिक कमरा खुलते ही वह बिस्तर से उठा नशे में धुत होने की वजह से फर्श पर गिर गए जिस पर लगी टाइल उनके सर के कोने में लगी जिसकी वजह से उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मनीष के घर कानपुर पहुंचते ही उनकी पत्नी मीनाक्षी गुप्ता पिता नंदकिशोर गुप्ता मैं गोरखपुर पहुंच कर बातचीत में बताया कि पुलिस ने उन्हें पीट पीट कर मार डाला है।

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थ्योरी नंबर दो-। मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने बताया कि उनके पति ने रात में फोन कर बताया था कि होटल के कमरे में पहुंची पुलिस ने उनके पिटाई की जिससे वह घायल हो गए हैं जिसके बाद उन्हें व उसके दोस्तों को थाने ले जाया जा रहा है इसके बाद उनकी उनके पति के से कोई बातचीत नहीं हो सकी। मनीष के परिजनों के मुताबिक पुलिस वालों ने मनीष को बुरी तरीके से पीट-पीटकर मार डाला है। मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने सुबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट कर दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।

मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने रोते हुए कहा गोरखपुर के 12 घंटे उनकी जिंदगी का सबसे मुश्किल समय है वह कभी भी यह घटना नहीं भूल सकती। मीनाक्षी के मुताबिक उन्होंने सुना था योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर की स्थिति बदल चुकी है उनका यहा आकर घूमने का सपना था। मीनाक्षी ने रोते हुए कहा अब मैं जिंदगी में कभी गोरखपुर घूमने नहीं आऊंगी।

जांच में शामिल सभी छह पुलिसकर्मी सस्पेंड

पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए गोरखपुर के एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने एसपी नार्थ को जांच सौंपते हुए रिपोर्ट आने के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। मृतक के शव को मर्चरी में रखवाया गया है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह साफ होगी। एसएसपी के मुताबिक जांच रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने कमरे में घुस कर की थी बदसलूकी, पुलिस अभिरक्षा में मौजूद दोस्त

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पुलिस की अभिरक्षा में रखे गए मृतक मनीष गुप्ता के दोनों दोस्त प्रदीप और हरदीप चौहान ने बताया कि पुलिस ने रात में कमरे में घुसकर उनके साथ बदसलूकी कर रही थी मनीष ने कहा हम लोग जमीन के कारोबारी हैं इसी काम के लिए अपने मित्र चंदन के बुलावे पर यहां आए हैं जिसके बाद पुलिस को अपना आधार कार्ड भी दिखाया पुलिस वाले को सुनने को तैयार नहीं थे जिसके बाद रात को ही चंदन को बुला लिया उसने भी बताया कि हम तीनों उनके मित्र हैं उनके बुलावे पर ही हम लोग यहां आए हैं।

एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने की परिजनों से बात

गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन ताडा के मुताबिक उन्होंने परिजनों से बात की है उनका आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की पिटाई के चलते मनीष की मौत हुई है जबकि पुलिस कर्मियों द्वारा बातचीत में ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया जा रहा है फिरहाल पूरे मामले को लेकर निष्पक्ष जांच के लिए एसएचओ चौकी इंचार्ज समेत चेकिंग में शामिल सभी छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर एसपी सिटी (नार्थ) को जांच सौंपी गई है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु की स्थिति साफ होगी।

यह है पूरा मामला, पुलिस ने कहा फर्स से गिरकर मरे, परिजनों ने कहा पुलिस ने पीट-पीटकर मार डाला

पूरे मामले को लेकर मृतक मनीष के मित्र गोरखपुर के रहने वाले चंदन सैनी का कहना है कि उनके 3 मित्र गुरुग्राम के प्रदीप चौहान 32 वर्ष हरदीप सिंह चौहान 35 वर्ष और कानपुर के रहने वाले मनीष गुप्ता 30 वर्ष उनके बुलावे पर गोरखपुर घूमने आए थे 27 सितंबर सोमवार की रात रामगर ताल थाना पुलिस होटल और कमरे की जांच करने गई. पुलिस ने कृष्णा होटल के कमरे की तलाशी ली। जहां मनीष अपने दो मित्रों के साथ वहां रह रहा था पुलिस के पहुंचने पर मनीष के साथी जाग गए उन्होंने पूछताछ में पुलिस को उन्होंने अपनी जानकारी देते हुए आधार कार्ड भी दिखाया पुलिस को बताया वह गुड़गांव व लखनऊ के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक तीनों युवक नशे में थे जब उन्होंने उन्हें जगाया तो मनीष नशे के चलते मुंह के बल फर्श पर गिर पड़े जिन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। जबकि दोस्तों के मुताबिक पुलिस द्वारा उनके के साथ अभद्रता की गई जबकि मनीष के परिजनों व पत्नी के मुताबिक मनीष ने उन्हें फोन करके बताया कि पुलिस उनकी पिटाई करते हुए थाने ले जा रही है। जिसके बाद उनकी कोई बातचीत नहीं हो पाई। जबकि एसएचओ के मुताबिक होटल में CCTV कैमरा लगा है वहां कोई मारपीट नहीं हुई है।

पुलिस का पक्ष आते ही उसे प्रकाशित किया जाएगा-

मनीष_गुप्ता मौत मामले में बड़ा अपडेट- SIT जांच में होटल के कमरे में खून के निशान मिले। SIT के साथ आई फोरेंसिक टीम ने बेंजीडीन टेस्ट के जरिए निशान तलाशे हैं। कमरे की सफाई कर खून के धब्बे हटाए के संकेत मिले हैं।

Update- 10-10-2021

कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की पत्नी को आर्थिक मदद के साथ KDA में OSD की नौकरी दी गई है उधर हत्या मामले में फरार एक लाख के ईनामी आरोपी इंस्पेक्टर जेएन सिंह, चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा को गोरखपुर के रामगढ़ताल इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया है

विशाल गुप्ता की रिपोर्ट…..

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