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उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने कमर कसते हुए तैयारी शुरू कर पहले चरण में बूथ लेवल पर वोटर लिस्ट का पुनः निरीक्षण कराने के लिए स्टेशनरी व बीएलओ किट टेंडर खरीद की प्रक्रिया को माह के अंत तक समाप्त करने को कहा है। कोरोनावायरस के चलते फिलहाल 2020 में चुनाव टाले जा सकते हैं प्रदेश की 59,163 ग्राम पंचायतों के प्रधान समेत सभी पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हो रहा है इसी के साथ 13 जनवरी 2021 को जिला पंचायत अध्यक्ष व 17 मार्च को क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष (BDC) के कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। कोविड-19 के चलते सभी चुनाव अलग-अलग कराना प्रशासन के लिए आसान नहीं है। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं सभी तैयारियों के बाद इन सभी चुनाव को फरवरी-मार्च में हाई स्कूल इंटर की बोर्ड परीक्षाओं के चलते प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्यों के सभी चुनाव को एक साथ अप्रैल माह में करवाने के आसार है। इस संबंध में प्रशासन द्वारा कोई भी गाइडलाइन अभी तक जारी नहीं की गई है।

चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारी की तेज

उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत के चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है 15 सितंबर से लेकर 30 सितंबर के बीच वोटर लिस्ट का पुनः निरीक्षण बूथ स्तर पर किया जाएगा। प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य के चुनाव के मद्देनजर प्रशासन ने ग्रामीण इलाकों में बूथ स्तर पर (जनवरी 2021 तक 18 वर्ष उम्र वाले/ वाली के) घर-घर जाकर 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का सत्यापन कर उनके नाम को सूची में जोड़ना व ऐसे व्यक्ति जो 2015 से अब तक मृत्यु हो चुके हैं या घर छोड़ कर दूसरे राज्य चले गए के नामों को सूची से निकालकार वर्तमान में रियल वोटरों की सूची तैयार करने के काम में लग गए हैं। जनवरी 2021 तक ग्रामीण इलाकों में 18 वर्ष की उम्र पूर्ण करने वाले सभी नामों को मतदान सूची में जोड़ा जाएगा। बात करें वर्ष 2015 की तो उस समय प्रदेश में 11 करोड़ 80 लाख ग्रामीण वोटर सूची दर्ज थे। जिनकी संख्या 5 वर्ष बाद वर्तमान में 10% बढ़ोतरी के साथ 13 करोड़ होने की उम्मीद है। वोटर लिस्ट सूची के पुनरीक्षण के साथ ही शहरी क्षेत्र में शामिल की गई ग्राम पंचायत को घटते हुए नया परिसीमन कर नए सिरे से आरक्षण निर्धारण के अनुसार सूची तैयार करने में करीब 6 माह का वक्त लग सकता है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि कोविड-19 के चलते प्रोटोकॉल के हिसाब से अलग-अलग चुनाव कराने के बजाय सभी चुनाव को जिनका कार्यकाल मार्च तक पूर्ण हो गऐ हैं एक साथ कराए जाएंगे। फरवरी-मार्च में हाई स्कूल इंटर की बोर्ड परीक्षाओं की वजह से इस चुनाव को अप्रैल में कराए जाने के आसार है, चुनाव आयोग ने प्रदेश के जिले के अनुसार सभी अफसरों को सतर्क किया है कि पंचायत चुनाव को लेकर कोविड-19 की स्थिति को नजर में रखते हुए जहां पर बेहतर स्थिती नजर आ रही है। वहां 15 सितंबर से मतदान सूची बनाने का काम शुरू किया जाए। जिसके लिए आयोग ने प्रपत्र पहले ही भेज दिया है केवल बीएलओ को पहले से नाम के अनुसार उनके साथ आधार नंबर व मोबाइल नंबर लेकर वेरीफाई करना होगा जिनके नाम बचेंगे नए फार्म भर के उनके नाम को जोड़ा जाएगा, दूसरी तरफ जिन ग्राम पंचायतों का शहरी निकायों में विलय किया गया है उनको हटाकर नई पंचायतों के नए सिरे से वार्ड तय कर आरक्षण अनुसार पुनः निरीक्षण, इन सभी काम को कराने के लिए कम से कम 5 से 6 माह का वक्त चाहिए। दूसरी तरफ ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासनिक समिति का गठन कर वर्तमान प्रधानों को ही प्रशासक बना कर तब तक विकास कार्य की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

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नोट- पुरे मामले में चुनाव आयोग द्वारा कोई भी गाइडलाइन या नई जानकारी प्राप्त होते ही तत्काल अपडेट कर सूचित किया जाएगा

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