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उत्तर प्रदेश- महोबा जिले के पनवाड़ी थाना क्षेत्र के बुडे़रा गांव में नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध साईं बाबा मंदिर व चबूतरे से रातों-रात साईं बाबा की मूर्ति मंदिर हटाकर हरे झंडे लगाने के साथ ही मजार बना दी गई। बुधवार शाम तक वहां सब कुछ पहले जैसा था। गुरुवार की सुबह जब ग्रामीणों ने साईं मंदिर और चबूतरे के बजाय वहां पर मजार देखा तो घटना जंगल की आग की तरह चारों तरफ फैली जिसके बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला लोगों ने जमकर हंगामा काटा ग्रामीणों की पुलिस से झड़प भी हो गई।

जिसके बाद एसडीएम कुलपहाड़ व थाना पनवाड़ी पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए मजार को हटाकर हरे झंडे हटाते हुए फोर्स तैनात कर दियी। तब कहीं जाकर ग्रामीणों का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ। घटना से आहत भक्त लगातार प्रशासन से वहां पर साईं बाबा की वही मूर्तियां स्थापित कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक साईं बाबा के प्राचीन चबूतरा व मूर्ति कुछ अराजक तत्वों ने नही। सोची समझी साजिश के तहत हटाकर यहां पर मजार का निर्माण कराया गया था। गांव के लोगों के मुताबिक यहां वर्षों से साईं बाबा की पूजा अर्चना होती थी बुधवार की रात अचानक साईं बाबा की मूर्ति हटाकर रातों-रात मजार का निर्माण करा दिया गया। इसमें कोई एक आदमी नहीं एक संगठन शामिल हो सकता है यानी इस अवैध निर्माण कराने में सामूहिक रूप से लोग शामिल थे। उनके खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की जरूरत है।

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प्रशासन ने सूझबूझ का दिया परिचय, मंदिर को सफेद रंग से पुतवाया, मूर्ति स्थापित होकर विधिवत होगा पूजा पाठ

बता दे महोबा जिले की ग्राम पंचायत बुडे़रा के मजरा सिमरिया में नदी के पास साईं बाबा का मंदिर व चौतारा बना हुआ था जहां बुधवार बृहस्पतिवार की दरमियानी रात अराजक तत्वों ने साईं बाबा की मूर्ति को उठाकर नदी किनारे झाड़ियों में शेखर रातों-रात मंदिर को हरे रंग से फतवा कर मजार बना दी और आसपास हरे रंग के झंडे लगाकर उसे मजार का रूप दे दिया। गुरुवार की सुबह जब लोगों ने साईं बाबा मंदिर की जगह पर मजार देखी तो उनके होश उड़ गए देखते ही देखते आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हुई और तनाव फैलने लगा पूरे मामले की जानकारी के बाद एसडीएम कुलपहाड़ श्वेता पांडे ने थाना अध्यक्ष पनवाड़ी शिव राम आसरे को बुलाकर मौके पर पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गई और जांच का आदेश देते हुए सूझबूझ के साथ तनाव को कम करने की कोशिश करने लगी (तनाव के बीच एसडीएम के पहुंचने से पहले पुलिस और ग्रामीणों के मध्य झड़प हो चुकी थी) तनाव को देखते हुए एसडीएम ने मंदिर के आसपास पुलिस फोर्स को तैनात करते हुए अपनी मौजूदगी में रातों-रात बनाई गई मजार को हटाकर मंदिर को सफेद रंग से फतवा दिया जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ। ग्रामीणों ने एक स्वर में एसडीएम व थाना अध्यक्ष को सामूहिक घटना की तहरीर सौंपते हुए जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई कराने की मांग की घटना की गंभीरता को देखते हुए अपर एसपी आरके गौतम व एडीएम राम सुरेश वर्मा ने शाम को मौके पर पहुंच कर जायजा लिया और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि मंदिर में पूर्व की भांति पूजा-अर्चना होगी।

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ग्रामीणों में इस बात की चर्चा है कि इसमें किसी एक शरारती तत्वों का हाथ नहीं है जबकि सोची समझी रणनीति के तहत साईं बाबा के मंदिर को मजार में तब्दील किया गया था। ये किसी एक आदमी का काम नहीं है इसमें एक समूह या कई समूह शामिल है जिसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल इस घटना से धार्मिक सौहार्द पूरी तरीके से बिगड़ने के साथ हिंसा की स्थिति बन चुकी थी वह तो स्थानीय अधिकारियों की सूझबूझ से मुद्दे का हल निकल लिया। ग्रामीण फिर हाल शांति बनाए हुए हैं। लेकिन दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की वह लगातार मांग कर रहे हैं।

आखिर कब होगी मंदिर को मजार में तब्दील करने वाले धार्मिक हिंसा फैलाने वाले अराजक तत्वों पर कार्यवाही ?

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विशाल गुप्ता की रिपोर्ट……

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