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उत्तर प्रदेश के कई जिलों में वायरल बुखार यानी रहस्यमयी बुखार के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं फिरोजाबाद आगरा मथुरा मैनपुरी एटा कासगंज जिले को बड़ी तेजी से वायरल बुखार ने चपेट में लिया प्रशासन अलर्ट पर, लगातार बुखार बच्चों को ले रहा चपेट में सबसे बड़ा सवाल है कहीं यह रहस्यमयी बुखार कोविड-19 का बदला हुआ रूप तो नहीं।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रहस्यमयी बुखार बुखार का कहर बढ़ता जा रहा है इस बुखार की चपेट में 40 बच्चों समेत 68 की मौत से लोग हैरान परेशान है आगरा मथुरा मैनपुरी एटा और कासगंज जिले में बड़ी संख्या में इस तरीके का तेज वायरल बुखार के मामले बढ़ रहे हैं उत्तर प्रदेश का इस समय सबसे अधिक प्रभावित जिला फिरोजाबाद है जहां मरने वाले बच्चों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के मुताबिक पूर्वी यूपी से भी ऐसे ही वायरल बुखार के मामले सामने आए हैं। मथुरा फिरोजाबाद कानपुर के तमाम बच्चों की इस रहस्यमई बुखार की वजह से मौत हो चुकी है जिस गंभीरता से सरकार को वायरल बुखार को लेना चाहिए था उसे लेते हुए नजर नहीं आ रही है वैक्सीन के जरिए कोविड-19 पर प्रहार कर निपटने की भरपूर कोशिश कर रही है दूसरी तरफ संभावित कोविड-19 की तीसरी लहर से बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा था और यह वायरल बुखार सबसे अधिक खतरा बच्चों को ही पहुंचा रहा है ऐसे अनुमान है कहीं ऐसा तो नहीं बहरूपिया वायरस फिर से बुखार की शक्ल में बच्चों पर दस्तक दे रहा है स्वास्थ्य विभाग को इस मामले में तत्काल जांच कर इस बुखार को पकड़ते हुए बच्चों को बचाना चुनौतीपूर्ण कार्य है।

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ग्रामीण इलाकों के मरीजों को शहरों में किया जा रहा ट्रांसफर

ग्रामीण इलाकों में इस रहस्यमई बुखार से प्रभावित बच्चों को अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण इलाकों से निकालकर आगरा और अन्य शहरों में ट्रांसफर किया जा रहा है जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम बेहतर दवाई के साथ निपटने में जुट गई है ग्रामीण भी बुखार को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें दवा लाकर ग्रामीण इलाकों तक पहुंच रही है। इस अनजान रहस्यमई बुखार से ग्रामीण क्षेत्रों के कितने मरीज निजी अस्पतालों में गए और कितने बच्चे मरे इसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं है फिर हाल प्रशासन द्वारा अध्ययन बात आ रही है।

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रहस्यमयी बुखार कोविड-19 का बदला हुआ रूप भी हो सकता है फिर हाल फिरोजाबाद के विधायक मनीष असीजा ने कहा है कि कई जिलों की स्थितियां चिंताजनक है वही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नीरज कुलश्रेष्ठ के मुताबिक पिछले 24 घंटे में वायरल बुखार से 12 बच्चे मर गए हैं इस वायरल बुखार की वजह से मरने वाले बच्चों के सटीक आंकड़ों का अध्ययन किया जा रहा है।

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जांच में किसी भी मृत बच्चों में नहीं मिला कोविड-19

सीएमओ के मुताबिक सरकारी अस्पतालों में सभी मरीजों की कोविड-19 जॉर्ज की गई थी वायरल संक्रमण से मरने वाले किसी भी बच्चे में कोविड-19 की पुष्टि नहीं हुई है अभी तक जितने मामले आए हैं सब में बुखार की समस्या कोविड-19 नहीं पाया गया है। सीएमएस के मुताबिक वायरल बुखार के मरीजों को कोविड-19 वार्डौ में भर्ती कराया जा रहा है। बुखार की तीव्रता चिंताजनक है बच्चों को ठीक होने में 2 सप्ताह तक का समय लग रहा है इस गंभीर बुखार को लेकर डॉक्टर और पैरामेडिक्स अलर्ट पर है।

रहस्यमयी बुखार में डेंगू जैसे लक्षण, फिरोजाबाद में स्थिति गंभीर 72 बच्चे जिंदगी और मौत से जूझ रहे

फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज की स्थिति इस बुखार के चलते लगातार खराब होती जा रही है जहां 135 मरीज में से 72 बच्चे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं मेडिकल अधिकारियों ने कहा कि उनमें से 50% अधिक बच्चों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं अन्य मामलों में भी यही देखा इस वायरल के लक्षण डेंगू के लक्षण जैसे हैं। या वायरल 102 के ऊपर बुखार के साथ मरीजों को बड़ी तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है।

वायरल बुखार के लक्षण

डॉक्टरों के मुताबिक वायरल बुखार के आने के बाद बुखार लगातार बढ़ता जाता है डिहाइड्रेशन और प्लेटलेट्स काउंट कम होने की वजह से वायरल में लोगों की डिहाइड्रेशन की वजह से भी मौतें हो रही है मरीजों का गला सूखता है इस वायरल से मरने वालों में अधिकतर बच्चे हैं उनके शरीर में पानी की कमी के अलावा प्लेटलेट्स कम हो रही है इलाज के दौरान प्लेटलेट्स ना बढ़ने व पानी की कमी की वजह से कई मरीज मौत हो रही है अगर बुखार घट रहा है तो कम से कम 10 दिनों बाद। डॉक्टर इस बुखार को रहस्यमयी बुखार इसलिए मान रहे हैं क्योंकि सामान्य वायरल से अलग इसके लक्षण है इसमें 10 से 12 दिन बाद बुखार कम होना होने में सामान्य समय लग रहा है बुखार से ज्यादा दिन में बच्चों को रिकवर होने की वजह से अस्पतालों की स्थिति खराब हो रही है मरीजों को ज्यादा दिन तक अस्पतालों में रखना पड़ा अस्पतालों के बेड भी खत्म हो रहे हैं।

रहस्यमयी बुखार बुखार से बचाओ सावधानी

किसी भी प्रकार का बुखार होने पर तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों से संपर्क करें घर में साफ सफाई रखें कहीं भी पानी एकत्रित ना होने दें जिससे मच्छर ना हो डेंगू का खतरा भी कम होगा और बुखार से भी बचाव होगा।

ताजा और साहब खाना खाए पानी उबला हुआ पीने के साथ खूब पिए ज्यादा तकलीफ होने चीजों को कुछ समय के लिए बंद कर दें लगातार पानी पीते रहे गला सूखने पर या बुखार का लक्षण महसूस होने पर पेरासिटामोल दवा ले और डॉक्टर को दिखा कर जरूरी सलाह ले बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द या किसी अन्य चीज की दवा ना ले।

शरीर को पूर्ण रूप से रिकवर करने के लिए नींद जरूरी होती है इसलिए तरोताजा रहने के लिए भरपूर नींद लें व्यायाम और योग करें। कोविड-19 का कड़ाई से पालन करते रहे ताकि किसी भी प्रकार के खतरे से बचा जा सके।

लखनऊ से विशाल गुप्ता की रिपोर्ट….

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