नए कृषि संशोधन कानून को लेकर देश के किसान सड़कों पर है लगातार दो माह से इस बिल का विरोध जारी है। बीते 6 दिनों से पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश के किसान राजधानी दिल्ली को चारों तरफ से घिरे हुए हैं। सरकार के प्रस्ताव को आंदोलनकारी किसानों ने ठुकराते हुए आंदोलन आगे जारी रखने का ऐलान किया है। इस बीच 30 नवंबर को आधिकारिक पत्र जारी कर भारत सरकार ने 1 दिसंबर शाम 3:00 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में पंजाब के 6 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया है।

2013 किसान आंदोलन के अपने ही बयान में बीजेपी के वरिष्ठ नेता व वर्तमान में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह घिरे

एनडीटीवी के वरिष्ठ सीनियर पॉलिटिकल एडिटर (mojo के गुरु) उमाशंकर सिंह ने ट्वीट कर सरकार को अपने पुराने बयान की याद दिलाई✓

मुझे पता होता कि किसान धरने पर बैठे हैं तो मैं पहले ही आ जाता। संगठन नहीं, हमारी नज़र बस ये देखती है कि आंदोलन पर देश का किसान बैठा है” BJP आज सत्ता में है तो जुमलेबाज़ी की वजह से नहीं बल्कि ज़मीनी मुद्दे उठाने की वजह से। अब
@rajnathsingh

जी का 2013 का ये बयान ही सुन लीजिए।

हिन्दुस्तान में कृषि क्षेत्र में-कृषि पेशे में लगी हुई जो जनसंख्या है वही देश की सबसे बड़ी जनशक्ति है और उस जनशक्ति तो कभी चुनौती देने की कोशिश बड़े से बड़े सत्ताधारी दल को नहीं करनी चाहिए

राजनाथ सिंह, बीजेपी नेता, 2013

ट्वीट संपूर्ण क्रेडिट @umashankarsingh

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