केरल के मालप्पुरम जिले के पलक्कड़ क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दिल दहला देने वाली घिनौनी वारदात सामने आई है पीड़िता ने निर्भया केंद्र पर हुई काउंसलिंग के दौरान दिल को झकझोर कर रख देने वाली आपबीती बताई जिसमें उसने बताया कि उसके साथ 44 लोगों ने रेप की घटना को अंजाम दिया। सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता के मुताबिक सबसे पहली बार उसके साथ हैवानियत की घटना वर्ष 2016 में हुई थी जब वह महज 13 वर्ष की थी। पूरे मामले में पीड़िता की शिकायत व तहरीर के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले में 44 पुरुषों के खिलाफ 32 अलग-अलग मामले दर्ज कर इनमें से 33 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार कर लिया है जबकि 11 आरोपी फरार हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

केरल पुलिस ने बताया कि किशोरी के साथ हुए अपराध का पूरा मामला उस समय सामने आया जब निर्भया केंद्र पर उसकी काउंसलिंग चल रही थी। पुलिस के अनुसार इस मामले में 20 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है जो कि न्यायिक हिरासत में है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है जिनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही लगातार जारी है।

केरल में 17 वर्षीय के साथ हैवानियत पर परी संगठन की योगिता वान्या ने ट्वीट कर कहा-

देशका सबसे अधिक शिक्षित राज्य केरल रेप के मामले में दूसरे नंबर पर, राजस्थान अब भी प्रथम पर बरकरार

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक 100% शिक्षित केरल महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है जबकि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध के मामले में राजस्थान अभी प्रथम स्थान पर बना हुआ है यहां प्रति लाख आबादी में से 11.1 महिला के साथ हैवानियत की घटना हुई है जबकि देश में महिलाओं के प्रति दुष्कर्म के मामले में राजस्थान टॉप पर है जहां 15.9 महिलाओं के प्रति रेप के मामले दर्ज किए गए हैं।

क्या है पूरा मामला

देश के सबसे अधिक शिक्षित राज्य केरल के मलप्पुरम जिला में अचानक घर से गायब हो गई। नाबालिग दिसंबर 2020 में खोजबीन के बाद अचानक पुलिस के सामने आई। जिसके बाद उसे काउंसलिंग के लिए निर्भया सेंटर भेजा गया। जहां पीड़िता ने पूरे मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे करते हुए अलग-अलग बयानों में कुल मिलाकर 44 लोगों के खिलाफ रेप किए जाने की बात कही जिनमें अलग-अलग मामले दर्ज कर पुलिस ने अब तक 33 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता यौन शोषण के मामले में बयान दर्ज करवाया गया है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने अपने साथ हुई हैवानियत का खुलासा किया जिसमें बताया कि वर्ष 2016 में जब वह मात्र 13 वर्ष की थी तो उसके साथ हैवानियत की घटना पहली बार हुई जिसके बाद 4 साल में 44 लोगों द्वारा उसका यौन शोषण किया गया। बता दे पहली बार यौन शोषण का शिकार होने के बाद पीड़िता को स्लेटर होम में भेज दिया गया था। जहां से उसे पिछले साल ही घर भेज दिया गया था। घर पहुंचने के बाद पीड़िता ने कई बार पड़ोसी व अन्य के खिलाफ रेप के मामले की शिकायत की जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज कर पीड़िता को निर्भया सेंटर भेज दिया गया। जहां 2020 में लॉकडाउन के दौरान पीड़िता की मां और भाई ने कस्टडी मांगी। जिसके बाद पुलिस ने बताया कि पीड़िता को मां व भाई के साथ भेज दिया गया। जहां से वह अचानक गायब हो गई, दिसंबर 2020 में खोजबीन के बाद वह पलक्कड़ में मिली जिसके बाद उसने निर्भया सेंटर में काउंसलिंग के दौरान चार सालों में अलग-अलग कुल मिलाकर 44 लोगों द्वारा रेप की जाने की शिकायत दर्ज करवाई। कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसे 38 भी बताया गया है फिलहाल पूरे मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here