उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र में बुधवार शाम धान काटने गई दलित युवती के साथ हैवानियत के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम देते हुए दरिंदों ने नाक मुंह दाबकर बुरी तरीके से प्रताड़ित किया जिसके चलते युवती की मौत हो गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासे के मुताबिक पीड़ित बच्ची के गुप्त अंग समेत गहरे जख्म है जिससे साबित होता है कि उसके साथ बड़ी हैवानियत से दरिंदगी की घटना को अंजाम दिया गया है। डॉक्टरों ने बताया उन्होंने ऐसा केस पहली बार देखा है। पूरे मामले में पुलिस का रवैया भी ढुलमुल देखने को मिला है। पुलिस ने 302 का मुकदमा दर्ज किया था पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद 376 का केस जोड़ा गया है पुलिस अपनी थ्योरी में लड़की को बालिग बता रही है जबकि पीड़िता के परिजन उसे 15 वर्ष की नाबालिक बच्ची बता रहे हैं यहां भी हाथरस जैसी पुलिस ने जल्दबाजी करते हुए गुरुवार शाम को आनन-फानन में लड़की के शव को जलवा दिया। उस घटना से सबक लेते हुए थोड़ा परिवर्तन किया गया। पूरे मामले में पीड़िता के परिजन का कहना है कि बच्ची की उम्र 15 साल थी हिंदू धर्म के मुताबिक नाबालिग को दफनाया जाता है लेकिन पुलिस ने जबरन शव को जलवा दिया।

पूरे मामले में परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।

मौका ए वारदात पर मिली थी शराब की 3 बोतलें, अर्धनग्न अवस्था में में मिला था शव पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैवानियत की पुष्टि

बुधवार देर रात बाराबंकी के सतरिख थाना क्षेत्र के जेठमऊ इलाके में नाबालिक बच्ची की हैवानियत करते हुए निर्मम हत्या कर दी गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने लड़की की नाक और मुंह को दबा दिया खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने लड़की की नाक और मुंह को हैवानियत के साथ दबाये रखा जिसकी वजह से तड़प तड़प कर पीड़िता की दम घुटने की वजह से मौत हो गई। मौका ए वारदात पर काफी मात्रा में धान टूटे हुए थे 3 शराब की बोतलें बरामद हुई है पीड़िता का शव धान के खेत में अर्धनग्न अवस्था में पड़ा मिला था लेकिन पुलिस प्रशासन ने 302 में मामला दर्ज करते हुए शुरुआती चरण में मामले को रफा-दफा करने की पुरजोर कोशिश की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैवानियत की पुष्टि के बाद पुलिस ने 376 की धारा बढ़ा दी है।

परिजनों का खुलासा गांव का एक लड़का बेटी से जबरन करना चाहता था शादी

पीड़िता के परिजनों ने कहा गांव का एक लड़का उनकी बेटी के साथ जबरन शादी करना चाहता था बच्ची नाबालिक थी, इसलिए उन्होंने शादी से इंकार कर दिया जिसके बाद वह लोग उसे लगातार परेशान कर रहे थे पूरे मामले में उन्होंने पुलिस से शिकायत की जिस के बाद 3 लोग पकड़े गए वह लोग बदला लेने की धमकी लगातार दे रहे थे।

पुलिस निर्दोषों को उठाकर पीट रही, परिवार को 3 दिनों से नसीब नहीं हुआ खाना, प्रशासन मदद करें

पूरे मामले में पीड़िता के परिजनों के मुताबिक पुलिस गांव के कुछ निर्दोष लोगों को उठाकर पीट रही है जिनकी वारदात में शामिल होने की आशंका नहीं है। वह चाहते हैं कि पुलिस दोषियों को पकड़े निर्दोष लोगों को ना फसाया जाए वरना उन्हें फर्जी फसाए गए लोगों द्वारा गांव में भी रहने नहीं दिया जाएगा। वह अत्यंत गरीब है मेहनत मजदूरी करके किसी तरीके से अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। वही पीड़ित के परिजनों के मुताबिक 3 दिनों से उन लोगों ने कुछ खाया नहीं है प्रशासन उनकी मादद कर खाने की व्यवस्था करें।

पुलिस ने दी सफाई, जारी किया अंतिम संस्कार का वीडियो कहां पर जनों ने मर्जी से किया अंतिम संस्कार

बाराबंकी पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है जिसने पूरे मामले को कबूल किया है जिसकी मदद से अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही जल्द पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। दूसरी तरफ पीड़िता के परिजन बता रहे हैं पुलिस निर्दोष को उठाकर पीट रही है।पूरे मामले में विरोधाभास नजर आ रहे हैं फिर भी पुलिस हिसाब से कानूनी कार्रवाई करती रहेगी। लेकिन अगर पीड़िता के परिजनों की बात में जरा सी भी सच्चाई है तो क्या किसी को जांच के नाम पर पीटना जायज है ?

बता दे पूरे मामले पर एस पी आर एस गौतम ने बताया बुधवार देर शाम लड़की का शव खेत में मिला था पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि होने के बाद एफ आई आर में हत्या के साथ दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी गई है जांच के लिए अपर एसपी की अगुवाई में टीम बनाई गई है।

मामले को लेकर सियासी दलों ने सत्ताधारी पार्टी को घेरा

पूरे मामले में शुरुआत से कांग्रेसी और समाजवादी पार्टी एक्टिव मोड में आ चुकी है मामले को लेकर पीड़ित परिवार से मिलने के लिए शुक्रवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ता व सपा के नेता गांव में पहुंचे फिर हाल सुरक्षा के मद्देनजर गांव में पुलिस का पहरा लगा हुआ है।

एक तरफ पुलिस पीड़िता को बालिग बता रही है। जबकि परिजन लगातार उसे नाबालिक बता रहे हैं, पुलिस तहरीर के हिसाब से 18 साल करार देने पर लगी हुई है जब परिजन लगातार बता रहे हैं लड़की नाबालिक है तब तहरीर नहीं पूरे मामले में की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों से होगी क्योंकि पीड़िता बालिग थी या नाबालिग थी यह कानूनी कार्रवाई में महत्वपूर्ण बिंदु होता है।

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