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अफगानिस्तान में आतंकी संगठनतालिबान की सरकार
मुल्ला हसन अखुंद- पीएम
मुल्ला अब्दुल गनी- डिप्टी पीएम
इनामी प्रतिबंधित आतंकी- सिराजुद्दीन हक्कानी- गृहमंत्री

15 अगस्त अफगानिस्तान के 33 प्रांतों पर कब्जा करने के बाद सरकार गठन को लेकर तालिबान लगातार अपने सहयोगी कुख्यात आतंकी संगठन यानी हक्कानी नेटवर्क से बातचीत कर रहा था अब आई एस आई के नेतृत्व में पाकिस्तानी कठपुतली सरकार की अफगानिस्तान में घोषणा हुई है इस तालिबानी नई सरकार का नेतृत्व मोहम्मद हसन करेंगे जबकि तालिबान के संस्थापक सदस्य रहे मुल्ला बरादर को प्रधानमंत्री पद से संतोष करना पड़ेगा। बता दे हक्कानी नेटवर्क और तालिबान के बीच हिंसक झड़प की खबरें आई थी। जिसके बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के मुखिया अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बैठकर अफगानिस्तान पर अपनी कठपुतली सरकार थोपने की कोशिश में लगे हुए हैं।

कौन है मोहम्मद हसन | कौन है मुल्ला मोहम्मद हसन ?

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मुल्ला हसन तालिबान के डिसीजन मेकिंग बॉडी राहबरी सुरा के चीफ रह चुके है।

मुल्ला हसन तालिबान के रहबरी सुरा के मुखिया है तालिबान की जन्मस्थली कंधार से उनका ताल्लुक है वह यहीं पर जन्मे तालिबान के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे मुल्ला हसन को हेबतुल्लाह अखुंदजादा का बेहद करीबी माना जाता है 1996 की तालिबानी सरकार में हसन विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री के पद पर रह चुके हैं।

अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठन हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख इनामी आतंकवादी को बनाया गया गृहमंत्री

आतंकी संगठन तालिबान की नई दूसरी सरकार में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित हक्कानी नेटवर्क के सिराजुद्दीन हक्कानी को गृहमंत्री बनाया गया है। बेशक तालिबान अपने को बदला हुआ शांतिप्रिय बताएं। लेकिन उसके सरकार गठन में ग्लोबल आतंकवादियों को ऐसी पोजीशन पर पहुंचाने का मतलब सीधे-सीधे वह और कट्टर आतंकवादी संगठन बन चुका है। पूरी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा पैदा की गई तालिबान की आतंकवादी सरकार पाकिस्तान समर्थित सरकार है। प्रधानमंत्री उप प्रधानमंत्री व होम मिनिस्टर को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने कठपुतली बनाकर बैठाया है। इसके पीछे अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान अपने एजेंडे को अंजाम देते हुए अफगानिस्तान की संपदा को लूट कर चीन की मदद से अपनी तिजोरी भरने की फिराक में है। फिलहाल जलालुद्दीन हक्कानी के बेटे सिराजुद्दीन हक्कानी पर अमेरिका ने 50 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम रखा हुआ है। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक हक्कानी नेटवर्क का सीधे-सीधे अलकायदा के साथ संबंध है।

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अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एक होटल में 2008 में हुए धमाके में सिराजुद्दीन हक्कानी वांटेड रहा है इस हमले को अमेरिका भुला भी नहीं सकता उसके छह नागरिक बेमौत मारे गए थे। इसी शख्स ने तत्कालीन राष्ट्रपति हामिद करजई की हत्या की साजिश रची थी। फिलहाल आतंकवाद का राज अफगानिस्तान मे पुणे पाकिस्तान की मदद से कायम खो चुका है इस आतंकी सरकार में मुल्ला उमर का बेटा मुल्ला यकूब रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेगा।

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