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पुलिस कस्टडी में युवक की संदिग्ध हालत में मौत परिजनों ने पुलिस पर बिना पोस्टमार्टम जबरन अंतिम संस्कार कराने का गंभीर आरोप लगाया, पूरे मामले में SHO खुर्जा नगर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के खुर्जा नगर थाना क्षेत्र के कनैनी गांव का सोनू उर्फ सोमदत्त ने 6 दिसंबर को शादी के 2 दिन पहले गांव की एक ऊंची जाति की लड़की को भगा ले गया था। पुलिस ने प्रेमी युगल को बागपत से पकड़ने के बाद, कल कोर्ट में पेश किया था। जहां प्रेमिका ने सोमदत्त के पक्ष में बयान दिया। शुक्र-शनिवार 11- 12 दिसंबर की दरमियानी रात पुलिस कस्टडी में सोनू (28) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। (सोनू के परिजनों के आरोपों के मुताबिक पुलिस कस्टडी में सोनू की हत्या की गई है ऐसी उनकी आशंका है) जिसके बाद पुलिस आनन-फानन में सोनू के शव को गांव लेकर पहुंची। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि शव का पोस्टमार्टम तक नहीं किया गया था। वह अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं थे।पुलिस वालों ने सोनू का जबरन अंतिम संस्कार करवया। मृतक के परिजनों के मुताबिक पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम के जबरन अंतिम संस्कार कराकर बुलंदशहर पुलिस लीपापोती में जुट गई है। वह काफी पुलिसिया दबाव में है, परिजनों के आरोप के मुताबिक 8 दिसंबर को सोनू को पुलिस के हवाले किया गया था। बता दें कि पुलिस कस्टडी में मारे गए शख्स सोमदत्त उर्फ सोनू पुत्र गुरमेल सोनकर बुलंदशहर के खुर्जा नगर क्षेत्र कनेरी गांव का रहने वाला था वह प्रेम प्रसंग के चलते एक ऊंची जात की लड़की को 6 दिसंबर लड़की के तेल पूजन वाले दिन भगा ले गया था जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, मृतक के परिजनों के आरोप के मुताबिक आरोपी को पुलिस ने 8 दिसंबर को कस्टडी में लिया था युवक की 11- 12 दिसंबर की दरमियानी रात पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। जबकि पूरे मामले में कोतवाली प्रभारी डॉ एमके उपाध्याय ने बताया कि आरोपी सोनू को शुक्रवार की रात परिजनों को सौंप दिया गया था। परिवार के आरोपों और सोनू की मौत के कारणों की जांच की जा रही है।

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बुलंदशहर के एसएसपी संतोष कुमार सिंह के मुताबिक- पुलिस द्वारा यह बताया गया कि रात के समय लड़के ने अपने घर में आत्महत्या की और परिजनों द्वारा गांव वालों की उपस्थिति में उसका अंतिम संस्कार किया गया है फिलहाल पूरे मामले में अलग-अलग लोगों द्वारा अलग-अलग तरीके के आरोपों के साथ बातें कही गई है। एसएसपी के मुताबिक गांव के प्रधान का कहना है कि रात के समय सोनू गांव में आया था और रात में किसी समय उसके द्वारा आत्महत्या की गई। गांव वालों की उपस्थिति में बिना किसी दबाव के उसका अंतिम संस्कार हुआ है, (वहीं गांव के कुछ लोगों के मुताबिक प्रधान चुनाव के चलते वोट बैंक की वजह से पूरे मामले को नया मोड़ देने की कोशिश कर रहे हैं) उन्होंने अभी बताया कि पुलिस के ऊपर जो भी आरोप उनकी जांच की जा रही है पुलिस की अगर संदिग्धता पाई गई। तो उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सोनू के परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
सोनू के परिजनों ने पुलिस कस्टडी में सोनू की हत्या किए जाने के गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए बताया कि पुलिस कस्टडी में सोनू की मौत के बाद पुलिस सुबह सोनू के शव को गांव लेकर पहुंची और जबरन अंतिम संस्कार करवा दिया,सोनू के भाई सुनील के मुताबिक मेरे भाई को पुलिस ने अपनी कस्टडी में लिया था उसने बताया कि 12 दिसंबर की सुबह पुलिस ने हमें बताया कि आपके भाई की मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि थाने में सोनू ने नाड़े से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है,

सुनील के मुताबिक सोनू ने जो लोबर पहना हुआ था उसमें कोई नाडा नहीं था। सुनील व सोनू के अन्य भाई अनिल ने बताया कि जब हम लोगों ने पुलिस से पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा तो पुलिस ने जबरन अंतिम संस्कार करा दिया। हमने अंतिम संस्कार नहीं किया, उन्होंने बताया कि हमें लगता है सोनू को मार दिया गया है।

स्थानी पुलिस द्वारा लगातार बताया जा रहा है कि लड़के ने अपने घर में आत्महत्या की और परिजनों द्वारा गांव वालों की उपस्थिति में उसका अंतिम संस्कार किया गया। फिर हाल पूरे मामले में संदिग्धता के कई पेच है। पूरे मामले में जिला अधिकारी के मुताबिक मृतक का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया इस मामले में कई संदिग्धता के पेचों की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया एसएचओ खुर्जा नगर को निलंबित कर दिया गया है पूरे मामले की 24 घंटे में मजिस्ट्रेट जांच कराने के आदेश दिए गए हैं।

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कुछ तकनीकी खामियों की वजह से एसपी डीएम व पीड़ित पक्ष की वीडियो अपलोड नहीं हो पा रहे हैं खामी दूर कर तत्काल अपलोड करने की कोशिश की जा रही है
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