उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई है। लेकिन उससे पहले उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है। बता दे चुनाव 4 चरणों में संपन्न कराए जाएंगे, पहले चरण का चुनाव 15 अप्रैल को जबकि दूसरे चरण का चुनाव 19 अप्रैल तीसरे चरण का चुनाव 26 अप्रैल, अंतिम व चौथे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को कराया जाएगा।सभी चुनाव के नतीजे एक साथ 2 मई को आएंगे।https://twitter.com/vkguptavishal1/status/1375324433397637133?s=20फिरहाल सामान्य निर्वाचन की आरक्षण सूची यानी 2021 के सभी पंचायत चुनाव के आरक्षण आवंटन की सूची विभाग की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी गई है। जिसे ऑफिशियल वेबसाइट पर देखा जा सकता है-http://panchayatiraj.up.nic.inपर लाइव कर दी गई है, जिसके होम पेज के मेन मेन्यू में पंचायत सामान्य निर्वाचन 2021 नामक लिंक से जन सामान्य त्रिस्तरीय पंचायतों की आरक्षण एवं आवंटन की सूची मिल जाएगी।

पंचायत चुनाव में आरक्षण वर्ष के मुद्दे को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में होनी है सुनवाई, सुनवाई से पहले जारी हुई अधिसूचना

उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई है लेकिन उससे पहले उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है बता दे या चुनाव 4 चरणों में संपन्न कराए जाएंगे पहले चरण का चुनाव 15 अप्रैल को जबकि दूसरे चरण का चुनाव 19 अप्रैल तीसरे चरण का चुनाव 26 अप्रैल अंतिम व चौथे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को कराया जाएगा सभी चुनाव के नतीजे एक साथ 2 मई को आएंगे।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 की आरक्षण सूची अधिकारी वेबसाइट पर की गई, सार्वजनिक

फिर हाल सामान्य निर्वाचन सूची 2021 के सभी पंचायत चुनाव के आरक्षण की आवंटन सूची विभाग की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी गई जिसे ऑफिशियल वेबसाइटhttp://panchayatiraj.up.nic.inके होमपेज के मेन्यू में सामान्य निर्वाचन 2021 पंचायत चुनाव के आरक्षण की सूची देख सकते हैं ।

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव चुनाव में आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को दी बड़ी राहत,सुप्रीम कोर्ट का आरक्षण के मामले में दखल देने से इनकार

उत्तर प्रदेश आरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार के फैसले को हाईकोर्ट ने पलटते हुए आरक्षण को 2015 के अनुसार लागू करने का आदेश दिया था जिसके तहत सरकार ने आरक्षण लागू करते हुए चुनाव की आज सुबह ही घोषित की थी जिसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट पलट सकता है फिर हाल सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले में दखल देने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने के लिए कहा है हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही 1995 की आरक्षण नीति के बजाय 2015 के आरक्षण नीति के तहत चुनाव संपन्न कराए जाने हैं। इस फैसले को भी हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया था।

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