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उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बीएचयू हॉस्पिटल में डॉक्टर की गाड़ी चालक 12 अगस्त को दुर्घटना में घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, उसे 15 अगस्त को कोविड-19 पॉजिटिव होने के बाद बीएचयू सुपर स्पेशलिस्ट कोविड-19 वार्ड अस्पताल में भर्ती किया गया, 22 तारीख को खबर आई कि मरीज अस्पताल से भाग गया जिसकी सूचना लंका थाने को दी गयी। सोमवार को अस्पताल के फर्श पर मृतक 24 वर्षीय अजय का शव बरामद हुआ। मृतक का मोबाइल परिजन जब तो देखने पहुंचे उनके साथ बदसलूकी की गई इसके बाद परिजनों ने किसी तरह तो को देख कंफर्म किया और आरोप लगाया की उनके भाई की कितनी चोरी की गई है अब पूरा मामला समझने के लिए अब वीडियो के साथ पूरा मामला विस्तार से पढ़िए आप अच्छी तरीके से समझ सकेंगे आखिर मामला क्या है आरोपों के कठघरे में बीएचयू अस्पताल प्रशासन है न्याय के लिए धरना देने को परिजन क्यों मजबूर है ?

खबर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी से हैं, जहा बीएचयू अस्पताल एक बार फिर गलत काम के लिए चर्चा में हैं, अस्पताल पर लग रहा हैं लापरवाही और किडनी चोरी का आरोप लगा परिजनों ने देर रात काफी हंगामा किया । ये हैरान कर देने वाला मामला लंका थाना क्षेत्र के डाफी निवासी 24 वर्षीय अजय का जिन्हे 12 अगस्त को बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस के सामने सड़क दुर्घटना में घायल हो जाने के बाद परिजनों ने बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया था। वहां से डॉक्टरों ने 15 तारीख को उन्हें कोरोना पॉजिटिव बताकर बीएचयू सुपर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में बने कोविड वार्ड में शिफ्ट करा दिया। इस बीच 22 अगस्त को बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों ने लंका पुलिस व मृतक के परिजनों को उसके अस्पताल से भागने की सूचना दी। जिसकी गुमशुदगी भी अजय के परिजनों ने लंका थाने में रविवार की रात दर्ज कराई गई थी। अब यही पूरे मामले ने यू-टर्न ले लिया। जो मरीज 22 अगस्त को अस्पताल से भाग गया। उसकी लाश सोमवार 24 अगस्त की रात अस्पताल में एक तरफ फर्श पर मिली। सुरक्षाकर्मियों कीे सूचना पर लंका पुलिस पहुंची और अजय के परिजनों को बुलाकर उसकी शिनाख्त (पहचान) कराई।

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मृतक के छोटे भाई मोनू की बाइट

अस्पताल कर्मियो के मुताबिक वह पाइप के सहारे भागने की कोशिश कर रहा था पैर पिसलने की वजह से गिर गया और उसकी मौत हो गयी।

यही सवाल उठता है जो मरीज 22 अगस्त को अस्पताल से फरार हो चुका था वह 24 अगस्त की रात को अस्पताल से भागने का प्रयास कैसे कर सकता है ?

जो मरीज 2 दिन पहले अस्पताल से फरार हो गया था उसकी उसकी मौत पाइप के सहारे अस्पताल से भागते समय कैसे हो सकती है ?

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गिरीश दुबे एसडीएम वाराणसी की बाइट

मृतक का शव मिलने के बाद मृतक अजय के छोटे भाई मोनू, पिता छविनाथ, मां ममता व दो बहनें तो देखते ही दहाड़ मार कर रोने लगीं। वहां मौजूद बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर हंगामा विरोध शुरू होते हैं किसी तरह सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों की मदद से पिछले द्वार से सभी को निकलकर गए।

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घटना के विरोध में धरना देते परिजन

फिलहाल विरोध को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अजय के भाई मोनू का आरोप है कि उसके पास जो मोबाइल था वह भी गायब हो गया है। पुलिसकर्मी सुरक्षाकर्मियों से जब बात करने गए तो सुरक्षाकर्मी उनसे दुर्व्यवहार करने लगे।

परिजनों का आरोप है कि अजय की किडनी निकाल दी गई है। अजय दो भाई वह दो बहनों में सबसे बड़ा था। पढ़ाई छोड़ने के बाद किसी निजी किसी डाक्टर की गाड़ी चलाता था। 12 तारीख बारिश वाले दिन अस्पताल के सामने दुर्घटना में घायल हो गए जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिसके बाद उसे कोरोना पॉजिटिव बता कर कोविड-19 भर्ती कर दिया गया जिसके बाद 22 तारीख को उसके फरार होने की सूचना दी गई 24 तारीख को अस्पताल में लाश बरामद हुई जिसके बाद सुरक्षा गार्ड बता रहे कि पाइप से गिरने से मौत हुई पूरा मामला संदिग्ध है । परिजन बता रहे हैं मृतक की किडनी गयब है।

जांच अधिकारी अपनी जांच कर रहे हैं जो भी मामला सामने आएगा या जो भी अपडेट आएगा उससे आपको तत्काल अपडेट कराया जाएगा।

वाराणसी से राजेश गुप्ता की रिपोर्ट

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