उत्तर प्रदेश कानून व्यवस्था संभालने का नाम नहीं ले रही गुंडों का खौफ थम नहीं रहा है, रही सही कसर जिनके जिम्मे कानून व्यवस्था को सुधार कर जनता का कल्याण करना है, लेकिन बरेली में सत्ताधारी नेता और उनकी सुरक्षा में तैनात गनर की गुंडई का नजारा उस समय देखने को मिला जब उत्तर प्रदेश के बरेली में शाहजहांपुर की कटरा सीट से बीजेपी विधायक वीर विक्रम सिंह की गाड़ी हाईवे के जाम में फस गई, इसी दौरान एक ट्रक चालक व कार वाले के बीच मामूली कहासुनी हो गई। एक पत्रिका के पत्रकार वाजिद हुसैन पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद कर रहे थे। तभी विधायक के जनरल ने अचानक उतरकर कार वाले को पूरी तरह से पीटना शुरू कर दिया। विधायक के गनर की गुंडई का वीडियो उनके कैमरे में कैद क्या हो गया। मानो सत्ताधारी पार्टी के विधायक की सुरक्षा में तैनात गनर के सर पर खून सवार हो गया। देखिए वायरल तस्वीरें।

तुरंत कानून व्यवस्था को दरकिनार कर कार सवार को डंडे से पीटना शुरू कर दिया जब पत्रकार को घटना की वीडियो बनाते देखा तो पत्रकार को बुरी तरह से पीटते हुए उसका कीमती मोबाइल में तोड़ दिया। पत्रकार के मुताबिक उन्होंने अपना परिचय दिया लेकिन शाहजहांपुर की कटरा सीट से बीजेपी विधायक वीर विक्रम सिंह के गदर ने उन्हें भद्दी भद्दी गालियां देते हुए लात घुसा डंडों से पीटा। वहीं इस पूरे नजारे को सत्ता के नशे में चूर विधायक गाड़ी में बैठे देखते रहे, सीएम योगी विधानसभा में कई बार कह चुके हैं किसी की भी गुंडई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्हीं के पार्टी के विधायक की आंखों के सामने गुंडई होती रही विधायक साहब ने गनर को रोकना तो दूर की बात एक शब्द तक नहीं कहा। पत्रकार का आरोप है इतने के बाद भी उनका जी नहीं भरा तो उन्होंने दोबारा पीटते हुए गाली दे कहा अगर खबर चलाने का इतना ही शौक है तो जाओ अपनी खबर चलाओ।

लोकतंत्र में असली मालिक जनता होती है साहब यह भूल गए की यह वर्दीधारी गुंडई करते हुए यह भी भूल गए कि कुछ भी कर ले रहेंगे, जनता के सुरक्षा कर्मी ही। जनता की सुरक्षा उनका कर्तव्य है देश के नागरिकों की सुरक्षा करना ना की गुंडई करते हुए लोगों की पिटाई करना, अगर कानून के रक्षक ऐसे ही गुंडई करने लगे तब देश की आम जनता कहां जाएगी?

खैर साहब की करतूत एडीजी बरेली के पास पहुंची उन्होंने तत्काल शाहजहांपुर पुलिस कप्तान को जानकारी दी।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी गनर को पूरे मामले में दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है।

जनता की सुरक्षा में लगे जनाब की मारपीट गुंडागर्दी भरी तस्वीर के बावजूद निलंबित किया गया है उन पर केस दर्ज कर मुकदमा क्यो नहीं कायम किया गया ?

क्या यही कार्य अगर कोई एक आम आदमी करता तो क्या उसे केवल काम से कुछ दिनों के लिए छुट्टी बैठा दिया जाता ?

कानून सबके लिए एक है तो गनर की गुंडई पर केस क्यों नहीं दर्ज किया गया ?

वर्दी हटा दी जाए तो गनर और आम आदमी में क्या फर्क है ?

गुंडई करने के अपराध के बावजूद कौन सा, किस अधिनियम के तहत विशेष अधिकार है जिसकी वजह से अब तक इन पर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही नहीं की गई ?

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